बारिश की हर बूंद सहेजकर नंदीयाल बना जल आत्मनिर्भरता की सबसे बड़ी मिसाल, ‘कैच द रेन ’ से 3.3 टीएमसी पानी बचाकर रचा इतिहास
Gaon Connection | Jul 25, 2026, 18:11 IST
आंध्र प्रदेश के नंदीयाल जिले में 4 जुलाई से 4 अगस्त तक विशेष 'कैच द रेन अभियान' चलाया जा रहा है। इस राष्ट्रव्यापी पहल का उद्देश्य बारिश की हर बूंद को सहेजना है। पारंपरिक जल निकायों के जीर्णोद्धार और नई संरचनाओं के निर्माण से क्षमता बढ़ी है। नहरों की सफाई और तालाबों के पुनरुद्धार से जल भंडारण में सुधार हुआ है। इस अभियान से 3.3 टीएमसी अतिरिक्त जल भंडारण क्षमता बहाल की गई है।
कैच द रेन अभियान
जल शक्ति मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत आंध्र प्रदेश के नंदीयाल जिले में 4 जुलाई से 4 अगस्त तक विशेष ‘कैच द रेन अभियान’ चलाया जा रहा है। इस राष्ट्रव्यापी पहल का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक जल निकायों के जीर्णोद्धार, सहायक नहरों की गाद की सफाई, तालाबों के पुनरुद्धार और नई जल भंडारण संरचनाओं के निर्माण के माध्यम से बारिश की हर एक बूंद को सहेजना है।
यह पूरा अभियान "बारिश को वहीं इकट्ठा करें जहाँ वह गिरती है, जब वह गिरती है" के मूल सिद्धांत पर संचालित किया जा रहा है। जिले में विभिन्न सरकारी विभागों के समन्वय, वैज्ञानिक योजना और व्यापक जन-भागीदारी के बल पर जल संरक्षण के बुनियादी ढांचे को एक नई मजबूती दी जा रही है, जिससे मानसून के पानी को सहेजने और संग्रहित करने की जिले की क्षमता में अभूतपूर्व सुधार दर्ज किया गया है।
नंदीयाल जिले की सभी 489 ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण के लिए एक व्यापक और रणनीतिक खाका तैयार किया गया है। इसके तहत मैदानी सर्वेक्षणों के जरिए प्राथमिक जल निकायों, सहायक नहरों और वाटरशेड क्षेत्रों की मैपिंग और तकनीकी आकलन किया गया। स्थानीय आवश्यकताओं और पारंपरिक ज्ञान को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों और बुजुर्गों से सलाह ली गई, जिसके बाद सभी प्रस्तावित कार्यों को ग्राम सभाओं के समक्ष रखकर शत-प्रतिशत पारदर्शिता और सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की गई। इस वैज्ञानिक और सहभागी योजना के आधार पर जिले में 2,103 जल संरक्षण कार्यों की पहचान कर उन्हें मंजूरी दी गई और जमीनी स्तर पर काम शुरू कराया गया।
![आंध्र प्रदेश के नंदीयाल जिले में ‘कैच द रेन अभियान]()
अभियान के दौरान बड़े पैमाने पर जल स्रोतों की सफाई और मरम्मत का काम संपन्न हुआ है। जलाशयों और टैंकों में वर्षा जल का सहज प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए 2,691 किलोमीटर लंबी सहायक और आपूर्ति नहरों की गाद निकालकर उन्हें पुनर्स्थापित किया गया है। इसके साथ ही जिले के 251 लघु सिंचाई टैंकों के पुनरुद्धार का काम प्रगति पर है, जिनमें से 225 टैंकों का काम पूरा हो चुका है। वर्षा जल संचयन और भूजल स्तर में सुधार के लिए जिले में मौजूद 22,221 खेत तालाबों, 2,221 चेक डैमों और 202 परकोलेशन टैंकों के पूरे नेटवर्क को और अधिक मजबूत बनाया गया है।
![आंध्र प्रदेश के नंदीयाल जिले में ‘कैच द रेन अभियान]()
संबंधित इंजीनियरिंग विभागों द्वारा किए गए तकनीकी आकलनों के अनुसार, इन समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप जिले की जल भंडारण क्षमता में ऐतिहासिक बढ़त दर्ज की गई है। पुरानी नहरों और पारंपरिक संरचनाओं के जीर्णोद्धार से लगभग 3.27 टीएमसी (थॉउजेंड मिलियन क्यूबिक फीट) टैंक भंडारण क्षमता को दोबारा बहाल किया गया है। इसके अलावा नवनिर्मित जल संरक्षण संरचनाओं के माध्यम से 0.03 टीएमसी की नई भंडारण क्षमता का सृजन हुआ है। इस प्रकार कुल 3.30 टीएमसी अतिरिक्त जल भंडारण क्षमता की बहाली और निर्माण हुआ है, जिससे स्थानीय कृषि, पशुपालन और ग्रामीणों की दैनिक आवश्यकताओं के लिए पानी की दीर्घकालिक उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। यह एकीकृत पहल न केवल भूजल पुनर्भरण को गति दे रही है, बल्कि भविष्य में जलवायु परिवर्तन और सूखे के प्रभावों से निपटने में भी जिले को सशक्त बना रही है।
![आंध्र प्रदेश के नंदीयाल जिले में ‘कैच द रेन अभियान]()
यह पूरा अभियान "बारिश को वहीं इकट्ठा करें जहाँ वह गिरती है, जब वह गिरती है" के मूल सिद्धांत पर संचालित किया जा रहा है। जिले में विभिन्न सरकारी विभागों के समन्वय, वैज्ञानिक योजना और व्यापक जन-भागीदारी के बल पर जल संरक्षण के बुनियादी ढांचे को एक नई मजबूती दी जा रही है, जिससे मानसून के पानी को सहेजने और संग्रहित करने की जिले की क्षमता में अभूतपूर्व सुधार दर्ज किया गया है।
वैज्ञानिक योजना और ग्राम सभाओं की सहभागिता
आंध्र प्रदेश के नंदीयाल जिले में ‘कैच द रेन अभियान
नहरों की सफाई और व्यापक जल निकायों का सुदृढ़ीकरण
आंध्र प्रदेश के नंदीयाल जिले में ‘कैच द रेन अभियान
3.3 टीएमसी अतिरिक्त जल भंडारण क्षमता की हुई बहाली
आंध्र प्रदेश के नंदीयाल जिले में ‘कैच द रेन अभियान