Nepal Flood: नारायणी नदी में अपनों की तलाश जारी, अब तक 380 शव बरामद; 200 से ज्यादा दफनाए गए
Mansi | Sept 01, 2026, 18:18 IST
नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी आपदा के बाद नारायणी नदी में सेना और पुलिस द्वारा शवों की तलाश जारी है। लगभग 380 शव बरामद किए जा चुके हैं, और 200 से अधिक शवों को दफनाने की प्रक्रिया चल रही है। शवों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल लिए जा रहे हैं। लापता लोगों के परिजनों की पहचान करने के लिए चीन से भी लोग चितवन पहुंच रहे हैं।
नारायणी नदी में सेना और पुलिस की टीमें नावों के जरिए शवों की तलाश कर रही हैं, जबकि परिवार अपनों की पहचान के इंतज़ार में हैं
नेपाल में आई भीषण आपदा के बाद तबाही का मंजर अब भी खत्म नहीं हुआ है। चितवन में नारायणी नदी के किनारे सेना और पुलिस की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। पिछले 6 दिनों से जारी इस अभियान में नावों के जरिए नदी के अलग-अलग हिस्सों में शवों की तलाश की जा रही है। गाँव कनेक्शन की ग्राउंड रिपोर्ट में नारायणी नदी के किनारे हालात की गंभीर तस्वीर सामने आई है।
नदी के तेज बहाव के साथ पहाड़ी इलाकों से शव लगातार बहकर चितवन तक पहुँच रहे हैं। त्रिशुली और भोटेकोशी नदियों के जरिए करीब 200 से 250 किलोमीटर दूर पहाड़ों से बहकर आए शव नारायणी नदी के आसपास मिल रहे हैं। अब तक करीब 380 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 200 से ज्यादा शवों को दफनाया जा चुका है।
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान नारायणी नदी में कई नावें सर्च ऑपरेशन के लिए जाती दिखाई देती हैं। बचाव दल नदी के अलग-अलग हिस्सों में जाकर शवों की तलाश कर रहे हैं। तेज बहाव और लगातार बदलती परिस्थितियों के बीच यह ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। बचाव टीमों के मुताबिक, कई शव अलग-अलग जगहों से बरामद हो रहे हैं। कुछ मामलों में शरीर के अंग भी अलग-अलग स्थानों से मिल रहे हैं। इन्हें सुरक्षित तरीके से निकालकर अस्थायी मोर्चरी तक पहुँचाया जा रहा है।
बरामद शवों को पहले अस्थायी मोर्चरी में रखा जाता है। पहचान के लिए उनके डीएनए सैंपल लिए जा रहे हैं। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया पूरी करके शवों को दफनाया जा रहा है। कई दिन तक पानी में रहने की वजह से शव तेजी से डीकंपोज हो रहे हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने शवों को सुरक्षित रखने और जल्द से जल्द पहचान की प्रक्रिया पूरी करने की चुनौती है।
इस आपदा में कई श्रद्धालु भी मारे गए हैं। बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं और परिवार अपने अपनों की तलाश में जुटे हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि चीन तक से लोग अपने लापता परिजनों की पहचान करने चितवन पहुँच रहे हैं। नदी से मिलने वाले शवों की तस्वीरों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर पहचान की कोशिश की जा रही है। जिन शवों की तत्काल पहचान नहीं हो पा रही है, उनके डीएनए सैंपल सुरक्षित रखे जा रहे हैं, ताकि आगे परिजनों से मिलान किया जा सके।
सेना और पुलिस की टीमें पिछले छह दिनों से लगातार नदी और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। नावों के जरिए अलग-अलग हिस्सों में जाकर संभावित स्थानों पर तलाश की जा रही है। बचाव दल का कहना है कि नदी में शव मिलने का सिलसिला अभी पूरी तरह थमा नहीं है। गाँव कनेक्शन की ग्राउंड रिपोर्ट में नारायणी नदी के किनारे दिखाई दे रहा यह मंजर बताता है कि आपदा के कई दिन बाद भी नेपाल में राहत और तलाश का अभियान खत्म नहीं हुआ है। एक तरफ टीमें नदी में शवों की तलाश कर रही हैं, तो दूसरी तरफ परिवार अपनों की पहचान और अंतिम संस्कार का इंतजार कर रहे हैं।
नदी के तेज बहाव के साथ पहाड़ी इलाकों से शव लगातार बहकर चितवन तक पहुँच रहे हैं। त्रिशुली और भोटेकोशी नदियों के जरिए करीब 200 से 250 किलोमीटर दूर पहाड़ों से बहकर आए शव नारायणी नदी के आसपास मिल रहे हैं। अब तक करीब 380 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 200 से ज्यादा शवों को दफनाया जा चुका है।
नारायणी नदी में नावों से तलाश
नारायणी नदी में लगातार चल रहा सर्च ऑपरेशन
डीएनए सैंपल लेकर दफनाए जा रहे शव
अपनों की तलाश में चीन से भी पहुँच रहे लोग
पानी में कई दिनों तक रहने से शव डीकंपोज हो रहे हैं, डीएनए सैंपल लेकर पहचान की जा रही है