शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश से किया VB-GRAM-G योजना का राष्ट्रीय शुभारंभ, तोतापरी आम किसानों को राहत, आवास और सड़कों को भी मिली मंज़ूरी
Gaon Connection | Jul 02, 2026, 18:25 IST
आंध्र प्रदेश के तिरुपति से केंद्र सरकार ने विकसित भारत जी-राम जी योजना का राष्ट्रीय शुभारंभ किया। योजना के तहत ग्रामीण मज़दूरों को अब 125 दिन तक रोज़गार की गारंटी मिलेगी। काम नहीं मिलने पर बेरोज़गारी भत्ता और मज़दूरी में देरी होने पर ब्याज सहित भुगतान का प्रावधान किया गया है। अगले पाँच वर्षों में 7.5 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। आंध्र प्रदेश को 7,707 करोड़ रुपये की विशेष सहायता भी मिलेगी।
विकसित भारत जी-राम जी योजना लॉन्च
केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोज़गार और गाँवों के विकास को नई गति देने के लिए गुरुवार को आंध्र प्रदेश के तिरुपति ज़िले से 'विकसित भारत जी-राम जी (VB-G RAM G)' योजना का राष्ट्रीय शुभारंभ कर दिया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण की मौजूदगी में योजना की शुरुआत की। सरकार का कहना है कि यह योजना मनरेगा का उन्नत स्वरूप है, जिसमें ग्रामीण मज़दूरों को पहले से अधिक रोज़गार, समय पर भुगतान, बेहतर मज़दूरी और गाँवों के विकास के लिए रिकॉर्ड बजट उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के तहत गाँवों में बनने वाले विकास कार्यों का निर्णय भी अब ग्राम सभाएँ करेंगी।
सरकार के मुताबिक विकसित भारत जी-राम जी योजना का उद्देश्य केवल ग्रामीण मज़दूरों को रोज़गार देना नहीं बल्कि गाँवों में स्थायी परिसंपत्तियाँ तैयार करना, पंचायतों को अधिक आर्थिक संसाधन देना और पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाना है। योजना के पहले वर्ष में ही लगभग 1.51 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि अगले पाँच वर्षों में 7.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम के दौरान आंध्र प्रदेश के लिए हज़ारों करोड़ रुपये की योजनाओं, प्रधानमंत्री आवास, ग्रामीण सड़कों और आम उत्पादक किसानों के लिए भी कई बड़ी घोषणाएँ की गईं।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पहले मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को केवल 100 दिनों के रोज़गार की गारंटी मिलती थी, लेकिन विकसित भारत जी-राम जी योजना में इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। यदि कोई मज़दूर काम माँगने के 15 दिनों के भीतर रोज़गार नहीं पाता है तो उसे बेरोज़गारी भत्ता मिलेगा। मज़दूरी के भुगतान में देरी होने पर ब्याज सहित भुगतान करने का कानूनी प्रावधान भी किया गया है। उन्होंने कहा कि अब मज़दूर के पसीने की पूरी क़ीमत सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि योजना के पहले वर्ष में केंद्र सरकार 95 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगी, जबकि राज्यों की हिस्सेदारी मिलाकर कुल व्यय लगभग 1.51 लाख करोड़ रुपये होगा। अगले पाँच वर्षों में योजना पर 7.5 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे देश की लगभग 2.86 लाख ग्राम पंचायतों तक धन पहुँचेगा और औसतन प्रत्येक पंचायत को हर वर्ष 2 करोड़ रुपये से अधिक की राशि विकास कार्यों के लिए उपलब्ध होगी। योजना में प्रशासनिक व्यय 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है ताकि ग्राम रोज़गार सहायकों और मैदानी कर्मचारियों को समय पर पूरा वेतन मिल सके। शिवराज सिंह ने यह भी घोषणा की कि किसी भी राज्य में दैनिक मज़दूरी 300 रुपये से कम नहीं होगी, जबकि आंध्र प्रदेश में यह 312 से 315 रुपये प्रतिदिन रहेगी।
नई योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब गाँव में कौन-सा विकास कार्य होगा, इसका निर्णय दिल्ली या राज्य की राजधानी नहीं बल्कि ग्राम सभा और ग्राम पंचायत करेंगी। गाँव के लोग स्वयं तय करेंगे कि सड़क, तालाब, जैक डैम, खेत सड़क, स्कूल, आँगनवाड़ी, अस्पताल, एफपीओ भवन, सुरक्षा दीवार या अन्य किस परियोजना को प्राथमिकता दी जाए। सरकार ने राज्यों को पिछड़ी पंचायतों की पहचान कर उन्हें अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने की भी अनुमति दी है।
शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि आंध्र प्रदेश को अगले नौ महीनों के लिए विकसित भारत जी-राम जी योजना के तहत 7,707 करोड़ रुपये की विशेष सहायता मिलेगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत राज्य में 74,212 नए पक्के मकानों को मंज़ूरी दी गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के तहत 146 नई ग्रामीण सड़कों और 19 पुलों के निर्माण के लिए 422 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति भी दी गई है। उन्होंने मंच से मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को स्वीकृति पत्र भी सौंपे। साथ ही तोतापरी आम के किसानों को राहत देते हुए मार्केट इंटरवेंशन स्कीम के तहत आम की खरीद का ऐलान किया गया, ताकि किसानों को उचित दाम मिल सके। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की वैज्ञानिक टीम राज्य सरकार के साथ मिलकर नई किस्मों और उत्पादकता बढ़ाने पर भी काम करेगी। कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लोगों से जन्मदिन पर कम से कम एक पेड़ लगाने की अपील भी की।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि विकसित भारत जी-राम जी योजना ग्रामीण भारत के लिए परिवर्तनकारी साबित होगी। उनके अनुसार योजना में डिजिटल मास्टर रोल, आधार आधारित भुगतान, रियल टाइम मॉनिटरिंग और जियो-टैगिंग जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि 125 दिनों की रोज़गार गारंटी के साथ खेत सड़क, तालाब, ड्रेनेज और भूमिहीन मज़दूरों की सामाजिक सुरक्षा जैसे कार्य ग्रामीण जीवन स्तर को बेहतर बनाएँगे। नायडू ने रायलसीमा क्षेत्र को हॉर्टिकल्चर हब बनाने के लिए लगभग 1 लाख करोड़ रुपये (करीब 40,000 करोड़ रुपये सरकारी और 60,000 करोड़ रुपये निजी निवेश) की योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने अमरावती, पोलावरम परियोजना, विशाखापत्तनम स्टील प्लांट, डेटा सेंटर और फाइटर जेट परियोजनाओं का ज़िक्र करते हुए कहा कि इनसे आंध्र प्रदेश को नई पहचान मिलेगी। उन्होंने 'स्वर्ण आंध्र प्रदेश' के विज़न को दोहराते हुए कहा कि राज्य में स्थायी राजधानी के साथ तेज़ विकास होगा।
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने शिवराज सिंह चौहान के सार्वजनिक जीवन और किसानों के प्रति उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से आंध्र प्रदेश को ग्रामीण विकास के लिए 12,845 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। इससे पंचायत राज व्यवस्था मज़बूत हुई है, जनजातीय क्षेत्रों में विकास कार्य तेज़ हुए हैं और राज्य राष्ट्रीय ग्रामीण पंचायत रैंकिंग में 24वें स्थान से पहले स्थान तक पहुँचा है। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, कमलेश पासवान, ग्रामीण विकास सचिव रोहित कंसल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत फार्म पॉन्ड स्थल पर पूजा, भूमिपूजन, पौधरोपण, मैजिक ड्रेन प्रदर्शन और राज्य की विकास प्रदर्शनी के अवलोकन के साथ हुई।
सरकार के मुताबिक विकसित भारत जी-राम जी योजना का उद्देश्य केवल ग्रामीण मज़दूरों को रोज़गार देना नहीं बल्कि गाँवों में स्थायी परिसंपत्तियाँ तैयार करना, पंचायतों को अधिक आर्थिक संसाधन देना और पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाना है। योजना के पहले वर्ष में ही लगभग 1.51 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि अगले पाँच वर्षों में 7.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम के दौरान आंध्र प्रदेश के लिए हज़ारों करोड़ रुपये की योजनाओं, प्रधानमंत्री आवास, ग्रामीण सड़कों और आम उत्पादक किसानों के लिए भी कई बड़ी घोषणाएँ की गईं।
अब 125 दिन रोज़गार की गारंटी और 7.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश
उन्होंने बताया कि योजना के पहले वर्ष में केंद्र सरकार 95 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगी, जबकि राज्यों की हिस्सेदारी मिलाकर कुल व्यय लगभग 1.51 लाख करोड़ रुपये होगा। अगले पाँच वर्षों में योजना पर 7.5 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे देश की लगभग 2.86 लाख ग्राम पंचायतों तक धन पहुँचेगा और औसतन प्रत्येक पंचायत को हर वर्ष 2 करोड़ रुपये से अधिक की राशि विकास कार्यों के लिए उपलब्ध होगी। योजना में प्रशासनिक व्यय 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है ताकि ग्राम रोज़गार सहायकों और मैदानी कर्मचारियों को समय पर पूरा वेतन मिल सके। शिवराज सिंह ने यह भी घोषणा की कि किसी भी राज्य में दैनिक मज़दूरी 300 रुपये से कम नहीं होगी, जबकि आंध्र प्रदेश में यह 312 से 315 रुपये प्रतिदिन रहेगी।
ग्राम सभा करेगी विकास कार्यों का फैसला
शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि आंध्र प्रदेश को अगले नौ महीनों के लिए विकसित भारत जी-राम जी योजना के तहत 7,707 करोड़ रुपये की विशेष सहायता मिलेगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत राज्य में 74,212 नए पक्के मकानों को मंज़ूरी दी गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के तहत 146 नई ग्रामीण सड़कों और 19 पुलों के निर्माण के लिए 422 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति भी दी गई है। उन्होंने मंच से मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को स्वीकृति पत्र भी सौंपे। साथ ही तोतापरी आम के किसानों को राहत देते हुए मार्केट इंटरवेंशन स्कीम के तहत आम की खरीद का ऐलान किया गया, ताकि किसानों को उचित दाम मिल सके। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की वैज्ञानिक टीम राज्य सरकार के साथ मिलकर नई किस्मों और उत्पादकता बढ़ाने पर भी काम करेगी। कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लोगों से जन्मदिन पर कम से कम एक पेड़ लगाने की अपील भी की।
मुख्यमंत्री नायडू बोले- डिजिटल निगरानी से रुकेगा फर्जीवाड़ा
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने शिवराज सिंह चौहान के सार्वजनिक जीवन और किसानों के प्रति उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से आंध्र प्रदेश को ग्रामीण विकास के लिए 12,845 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। इससे पंचायत राज व्यवस्था मज़बूत हुई है, जनजातीय क्षेत्रों में विकास कार्य तेज़ हुए हैं और राज्य राष्ट्रीय ग्रामीण पंचायत रैंकिंग में 24वें स्थान से पहले स्थान तक पहुँचा है। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, कमलेश पासवान, ग्रामीण विकास सचिव रोहित कंसल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत फार्म पॉन्ड स्थल पर पूजा, भूमिपूजन, पौधरोपण, मैजिक ड्रेन प्रदर्शन और राज्य की विकास प्रदर्शनी के अवलोकन के साथ हुई।