राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 की घोषणा, 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की 42 पंचायतें होंगी सम्मानित, देखें लिस्ट

Gaon Connection | May 09, 2026, 19:24 IST
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भारत सरकार ने 2025 के राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। देश के 42 पंचायतों को उनकी उत्कृष्टता और सतत विकास के लिए सम्मानित किया जाएगा। ये पुरस्कार 3 जून 2026 को नई दिल्ली में प्रदान किए जाएंगे। कर्नाटक राज्य को 6 पुरस्कारों के साथ सबसे आगे बढ़ा है।
ग्राम पंचायत पुरस्कार
ग्राम पंचायत पुरस्कार
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 (National Panchayat Awards 2025) की घोषणा कर दी है। पंचायती राज मंत्रालय (MoPR) द्वारा जारी सूची के अनुसार देशभर की 42 पंचायतों को इस बार सम्मान के लिए चुना गया है। पुरस्कार वितरण समारोह 3 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। इस बार कर्नाटक ने सबसे अधिक 6 पुरस्कार हासिल किए हैं, जबकि आंध्र प्रदेश और ओडिशा को 5-5 पुरस्कार मिले हैं। केंद्र सरकार का कहना है कि इन पुरस्कारों का उद्देश्य ग्रामीण भारत में बेहतर शासन, सतत विकास और पंचायतों की भागीदारी को बढ़ावा देना है।

दो श्रेणियों में दिए जाएंगे पुरस्कार

राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 के तहत पंचायतों को दो अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा।

पहली श्रेणी “दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार” (DDUPSVP) है। इसके तहत ग्राम पंचायतों को सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) से जुड़े 9 विषयों पर उनके प्रदर्शन के आधार पर सम्मान दिया जाएगा। इनमें गरीबी मुक्त पंचायत, बेहतर आजीविका, स्वस्थ पंचायत, बाल हितैषी पंचायत, जल-संपन्न पंचायत, स्वच्छ एवं हरित पंचायत, आत्मनिर्भर आधारभूत संरचना, सामाजिक न्याय और महिला हितैषी पंचायत जैसे विषय शामिल हैं। हर विषय में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के लिए पुरस्कार दिए जाएंगे। इस श्रेणी में 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की 34 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। पंचायतों का चयन पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (PAI) 2.0 के आधार पर किया गया।

सर्वश्रेष्ठ पंचायतों को भी मिलेगा सम्मान

दूसरी श्रेणी “नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार” (NDSPSVP) है। इसके तहत जिला पंचायत, ब्लॉक पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को चुना गया है। इस श्रेणी में कुल 8 पंचायतों को सम्मान मिलेगा जिनमें 3 सर्वश्रेष्ठ जिला पंचायत, 2 सर्वश्रेष्ठ ब्लॉक पंचायत और 3 सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत शामिल हैं।

दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार 2025 के विजेता

क्र.सं.पुरस्कार श्रेणीराज्य/केंद्रशासित प्रदेशरैंकपुरस्कार प्राप्त ग्राम पंचायत (ब्लॉक, जिला)पुरस्कार राशि
1गरीबी मुक्त एवं बेहतर आजीविका पंचायतकर्नाटक1मुद्राडी (हेबरी, उडुपी)₹1 करोड़
2गरीबी मुक्त एवं बेहतर आजीविका पंचायतआंध्र प्रदेश2चेम्मुल्लापल्ली (खाजीपेट, वाईएसआर)₹75 लाख
3गरीबी मुक्त एवं बेहतर आजीविका पंचायतसिक्किम3ग्यालशिंग ओमचुंग (ग्यालशिंग)₹50 लाख
4स्वस्थ पंचायतत्रिपुरा1कंचनबाड़ी (कुमारघाट, उनाकोटी)₹1 करोड़
5स्वस्थ पंचायतकर्नाटक2वंदसे (कुंडापुरा, उडुपी)₹75 लाख
6स्वस्थ पंचायतकेरल3निरणम (पुलिकीज्हू, पथानामथिट्टा)₹25 लाख
7स्वस्थ पंचायतओडिशा3पोटलामपुर (छत्रपुर, गंजाम)₹25 लाख
8बाल हितैषी पंचायतमहाराष्ट्र1इटगांव (पु) (भंडारा, भंडारा)₹1 करोड़
9बाल हितैषी पंचायतकर्नाटक2हलनायकनहल्ली (बेंगलुरु ईस्ट, बेंगलुरु अर्बन)₹75 लाख
10बाल हितैषी पंचायतकेरल3ओट्टूर (वरकला, तिरुवनंतपुरम)₹50 लाख
11जल समृद्ध पंचायतमहाराष्ट्र1खारीवली (खालापुर, रायगढ़)₹1 करोड़
12जल समृद्ध पंचायतकर्नाटक2मदामक्की (हेबरी, उडुपी)₹75 लाख
13जल समृद्ध पंचायतओडिशा3पदुआ (चंपुआ, केंदुझार)₹50 लाख
14स्वच्छ एवं हरित पंचायतमिजोरम1कावर्थाह नॉर्थ₹1 करोड़
15स्वच्छ एवं हरित पंचायतअसम2जुमारमुर (कठियातोली, नगांव)₹37.5 लाख
16स्वच्छ एवं हरित पंचायतओडिशा2हातीबंधा (लाठीकटा, सुंदरगढ़)₹37.5 लाख
17स्वच्छ एवं हरित पंचायतछत्तीसगढ़3सरडीह (बगीचा, जशपुर)₹25 लाख
18स्वच्छ एवं हरित पंचायतहिमाचल प्रदेश3लोहारडी (बल्ह, मंडी)₹25 लाख
19आत्मनिर्भर आधारभूत संरचना पंचायतकेरल1मेलुकावु (एराट्टुपेट्टा, कोट्टायम)₹1 करोड़
20आत्मनिर्भर आधारभूत संरचना पंचायतअसम2हूगरीजान (तेंगाखाट, डिब्रूगढ़)₹75 लाख
21आत्मनिर्भर आधारभूत संरचना पंचायतआंध्र प्रदेश3गुंडामाला (कोठा पट्टनम, प्रकाशम)₹25 लाख
22आत्मनिर्भर आधारभूत संरचना पंचायतकर्नाटक3सानूर (करकल, उडुपी)₹25 लाख
23सामाजिक न्याय एवं सामाजिक सुरक्षा पंचायतहिमाचल प्रदेश1शांशा (लाहुल, लाहौल-स्पीति)₹1 करोड़
24सामाजिक न्याय एवं सामाजिक सुरक्षा पंचायतमहाराष्ट्र2चांभरली (खालापुर, रायगढ़)₹37.5 लाख
25सामाजिक न्याय एवं सामाजिक सुरक्षा पंचायतओडिशा2मंदर (पोलोसारा, गंजाम)₹37.5 लाख
26सामाजिक न्याय एवं सामाजिक सुरक्षा पंचायतजम्मू-कश्मीर3वागूरा (बी.के. पोरा, बडगाम)₹25 लाख
27सामाजिक न्याय एवं सामाजिक सुरक्षा पंचायतकर्नाटक3हकलाडी (कुंडापुरा, उडुपी)₹25 लाख
28सुशासन वाली पंचायतआंध्र प्रदेश1श्रृंगवरम (नाथावरम, विशाखापत्तनम)₹1 करोड़
29सुशासन वाली पंचायतमहाराष्ट्र2निम्बाले (चांदवड़, नासिक)₹75 लाख
30सुशासन वाली पंचायततेलंगाना3मोथुकुपल्ले (कोटेपल्ली, विकाराबाद)₹50 लाख
31महिला हितैषी पंचायतआंध्र प्रदेश1बोक्कसम पालेम (श्रीकालहस्ती, तिरुपति)₹1 करोड़
32महिला हितैषी पंचायतझारखंड2झिकारहाटी ईस्ट (पाकुड़, पाकुड़)₹75 लाख
33महिला हितैषी पंचायततेलंगाना3फसलवाड़ी (संगारेड्डी, संगारेड्डी)₹25 लाख
34महिला हितैषी पंचायतत्रिपुरा3बैकुंठपुर (हेजामारा, वेस्ट त्रिपुरा)₹25 लाख

नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार 2025 के विजेता

क्र.सं.पुरस्कार श्रेणीराज्य/केंद्रशासित प्रदेशरैंकपुरस्कार प्राप्त पंचायतपुरस्कार राशि
35सर्वश्रेष्ठ जिला पंचायतत्रिपुरा1सिपाहीजला₹5 करोड़
36सर्वश्रेष्ठ जिला पंचायतओडिशा2गंजाम₹3 करोड़
37सर्वश्रेष्ठ जिला पंचायततमिलनाडु3कोयंबटूर₹2 करोड़
38सर्वश्रेष्ठ ब्लॉक पंचायतकेरल1हरिप्पाड (अलप्पुझा)₹2 करोड़
39सर्वश्रेष्ठ ब्लॉक पंचायतआंध्र प्रदेश3कुप्पम (चित्तूर)₹1.5 करोड़
40सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायतअसम1न्यू नपाम (गाभोरू, सोनितपुर)₹1.5 करोड़
41सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायतबिहार2तेलकुप (रोहतास, रोहतास)₹1.25 करोड़
42सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायतउत्तर प्रदेश3बिरहरू (सैंया, आगरा)₹1 करोड़

पंचायतों को मिलेंगे करोड़ों रुपये के पुरस्कार

केंद्र सरकार के अनुसार विजेता पंचायतों को 50 लाख रुपये से लेकर 5 करोड़ रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सर्वश्रेष्ठ जिला पंचायतों को अधिकतम 5 करोड़ रुपये तक का पुरस्कार मिलेगा, जबकि सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायतों को प्रथम पुरस्कार के रूप में 1 करोड़ रुपये तक दिए जाएंगे। ये पुरस्कार “इंसेंटिवाइजेशन ऑफ पंचायत्स” (IoP) योजना के तहत दिए जाते हैं, जो राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) का हिस्सा है।

पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

पंचायती राज मंत्रालय के मुताबिक राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कारों का मकसद पंचायतों को बेहतर प्रशासन, जनभागीदारी और ग्रामीण विकास के लिए प्रोत्साहित करना है। वर्ष 2023 में पुरस्कार प्रणाली में बदलाव कर इसे सतत विकास लक्ष्यों (LSDGs) से जोड़ा गया था, ताकि पंचायतों के कामकाज का मूल्यांकन अधिक पारदर्शी और डेटा आधारित तरीके से किया जा सके। सरकार का कहना है कि पंचायतों की मजबूत भागीदारी से “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
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