शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, कहा- 'देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं दूंगा'

Umang | Jul 25, 2026, 14:38 IST
Share

नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताओं और छात्रों के विरोध के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य और देशहित को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। अपने पत्र में उन्होंने बताया कि परीक्षा रद्द कर सीबीआई को जाँच सौंपी गई, 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई गई और अगले वर्ष से NEET-UG परीक्षा CBT मोड में आयोजित करने का फैसला लिया गया है।

धर्मेंद्र प्रधान
धर्मेंद्र प्रधान
नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं और देशभर में छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री को भेजते हुए कहा कि वह देश की युवाशक्ति को भ्रम और अविश्वास के माहौल में नहीं फँसने देना चाहते। उनके अनुसार, यह फैसला युवाओं के भविष्य और देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लिया गया है।

अपने इस्तीफ़े के साथ जारी संदेश में धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम और सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया।

परीक्षा में गड़बड़ी के बाद तुरंत हुई कार्रवाई

धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि 3 मई 2026 को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताओं की जानकारी मिलने के तुरंत बाद केंद्र सरकार ने मामले का संज्ञान लिया। इसके बाद परीक्षा रद्द कर दी गई और पूरे मामले की जाँच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई। उन्होंने कहा कि 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 'होल ऑफ गवर्नमेंट अप्रोच' के तहत 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा आयोजित कराई। इस परीक्षा के परिणाम 16 जुलाई को घोषित किए गए।


धर्मेंद्र प्रधान ने क्या लिखा

धर्मेंद्र प्रधान ने पत्र में लिखा, "मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूँ। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।

मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूँ। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करता हूँ।

किंतु 3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में सामने आई अनियमितता पाई गई। भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया एवं पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई। इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer-based-test) मोड में करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए। इसके लिए whole of government approach के तहत काम किया गया। इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही, छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई।

पहले ही दिन से, इसपर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली। परंतु इस दौरान भी कई छात्रों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ।

मैं सदैव हमारे प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखने वाला रहा हूँ तथा युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता आया हूँ। वे केवल भारत का भविष्य ही नहीं हैं, बल्कि एक नए और विकसित भारत के वाहक, निर्माता और भविष्य के शिल्पकार भी हैं। पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुःखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। भारत की युवाशक्ति ही, इस देश की असली ताकत है। देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है।

जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है।

मैं आदरणीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ। साथ ही, मंत्रिपरिषद के अपने सभी सम्मानित सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा उन सभी व्यक्तियों का भी आभार व्यक्त करता हूँ, जिनके साथ मुझे कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैं इसके लिए सदैव समर्पित रहूँगा।

प्रभु श्रीजगन्नाथ जी के आशीर्वाद से मैं भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता तथा देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हर संभव रूप में स्वयं को समर्पित रखूँगा।"
Tags:
  • NEET-UG 2026
  • Dharmendra Pradhan Resignation
  • Education Minister Resigns
  • NEET Exam Irregularities
  • NEET Paper Leak
  • CBI Investigation
  • NEET Re-Examination
  • Student Protests India
  • Exam Cancellation
  • NEET 2026 Results