नेपाल ने भारतीय आमों पर प्रतिबंध की खबरों का किया खंडन, नई आयात शर्तों के साथ जारी रहेगा व्यापार
Preeti Nahar | Jun 11, 2026, 10:12 IST
नेपाल ने स्पष्ट किया है कि भारतीय आमों के आयात पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। हालांकि, आयात के लिए नई फाइटोसैनिटरी शर्तें लागू की गई हैं, जिनमें हॉट वॉटर ट्रीटमेंट और कीट-मुक्त प्रमाणन शामिल हैं। भारत इन नियमों का पालन करते हुए निर्यात जारी रखे हुए है, लेकिन बिना पूर्व परामर्श नई शर्तें लागू करने पर अपनी आपत्ति भी दर्ज कराई है।
Indian Mango Ban in Nepal
पिछले कुछ दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से फैल रही थी कि नेपाल ने भारत से आने वाले आमों के आयात पर रोक लगा दी है। इस खबर से आम उत्पादकों, निर्यातकों और व्यापारियों के बीच चिंता बढ़ गई थी। हालांकि अब भारत और नेपाल की सरकारों ने संयुक्त रूप से स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय आमों के आयात पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया गया है और दोनों देशों के बीच आम का व्यापार सामान्य रूप से जारी है।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार, नेपाल सरकार के प्लांट क्वारंटीन एंड पेस्टिसाइड मैनेजमेंट सेंटर ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया कि भारतीय आमों के आयात पर कोई प्रतिबंध नहीं है। आयात की प्रक्रिया पहले की तरह जारी है और निर्धारित फाइटोसैनिटरी (पौध स्वच्छता) नियमों का पालन करने वाले सभी शिपमेंट्स को अनुमति दी जा रही है।
मंत्रालय ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में नेपाल द्वारा आम आयात पर प्रतिबंध की बात कही गई थी, लेकिन ये रिपोर्ट तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक थीं। आमों के आयात पर प्रतिबंध नहीं है, लेकिन गुणवत्ता और पौध सुरक्षा संबंधी सभी निर्धारित शर्तों का पालन अनिवार्य है। वैध फाइटोसैनिटरी प्रमाणपत्र जमा होने और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद आयातित माल को मंजूरी दी जा रही है।
नेपाल सरकार ने यह जरूर कहा है कि आयातित फलों को निर्धारित गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। इसके लिए वैध फाइटोसैनिटरी प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य है। नियमों के अनुरूप आने वाले भारतीय आमों को नेपाल में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।
नेपाल ने आमों के आयात के लिए 48 डिग्री सेल्सियस पर एक घंटे के हॉट वॉटर ट्रीटमेंट और कीट-मुक्त प्रमाणन जैसी नई शर्तें लागू की हैं। नेपाल का कहना है कि ये कदम जैव सुरक्षा मानकों के तहत उठाए गए हैं। भारत इन नियमों का पालन करते हुए निर्यात जारी रखे हुए है, लेकिन बिना पूर्व परामर्श नई शर्तें लागू करने पर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए इस मामले को WTO और IPPC के प्रावधानों के तहत उठा रहा है।
भारत सरकार के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2026 से अब तक भारत से नेपाल को 149 खेपों में करीब 2005 मीट्रिक टन आम निर्यात किए जा चुके हैं। केवल जून 2026 के शुरुआती दिनों में ही 18 खेपों के माध्यम से 266 मीट्रिक टन आम नेपाल भेजे गए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि दोनों देशों के बीच आम का व्यापार बिना किसी रुकावट के जारी है।
स्पष्टीकरण के बाद आम उत्पादक किसानों और निर्यातकों ने राहत की सांस ली है। नेपाल भारतीय आमों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार माना जाता है। ऐसे में प्रतिबंध की खबरों से व्यापार प्रभावित होने की आशंका थी। अब संयुक्त सफाई के बाद व्यापारिक गतिविधियों के सामान्य बने रहने की उम्मीद बढ़ गई है।
भारत और नेपाल के बीच कृषि उत्पादों का व्यापार लंबे समय से मजबूत रहा है। आम, सब्जियां, अनाज और अन्य कृषि उत्पाद दोनों देशों के बीच नियमित रूप से कारोबार का हिस्सा हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि गुणवत्ता मानकों का पालन करने से भारतीय फलों और कृषि उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होगी।
नेपाल द्वारा जारी स्पष्टीकरण ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय आमों पर कोई प्रतिबंध नहीं है। ऐसे में किसानों और निर्यातकों को अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना चाहिए।
अफवाहों पर लगी रोक
मंत्रालय ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में नेपाल द्वारा आम आयात पर प्रतिबंध की बात कही गई थी, लेकिन ये रिपोर्ट तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक थीं। आमों के आयात पर प्रतिबंध नहीं है, लेकिन गुणवत्ता और पौध सुरक्षा संबंधी सभी निर्धारित शर्तों का पालन अनिवार्य है। वैध फाइटोसैनिटरी प्रमाणपत्र जमा होने और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद आयातित माल को मंजूरी दी जा रही है।
गुणवत्ता मानकों का पालन जरूरी
नेपाल ने आमों के आयात के लिए 48 डिग्री सेल्सियस पर एक घंटे के हॉट वॉटर ट्रीटमेंट और कीट-मुक्त प्रमाणन जैसी नई शर्तें लागू की हैं। नेपाल का कहना है कि ये कदम जैव सुरक्षा मानकों के तहत उठाए गए हैं। भारत इन नियमों का पालन करते हुए निर्यात जारी रखे हुए है, लेकिन बिना पूर्व परामर्श नई शर्तें लागू करने पर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए इस मामले को WTO और IPPC के प्रावधानों के तहत उठा रहा है।
निर्यात जारी, हजारों टन आम पहुंचे नेपाल
किसानों और निर्यातकों को मिली राहत
भारत-नेपाल कृषि व्यापार संबंध मजबूत
नेपाल द्वारा जारी स्पष्टीकरण ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय आमों पर कोई प्रतिबंध नहीं है। ऐसे में किसानों और निर्यातकों को अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना चाहिए।