Nepal Flood: 1600 बच्चों का स्कूल हुआ तबाह, त्रिशूली बाजार में बाढ़ ने बदल दी पूरी तस्वीर, स्कूल से लेकर बस स्टैंड और दुकानों तक सब पानी में समाए

Mansi | Sept 03, 2026, 17:39 IST
Share

नेपाल में आई भयंकर बाढ़ ने त्रिशूली बाज़ार के स्कूल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। तेज़ी से आई बाढ़ ने सड़कें, दुकानें और पुल सब कुछ तबाह कर दिया। शुक्र है कि बच्चों को समय पर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया जा सका, जिससे एक बड़ी घटना टल गई। जहाँ कल बच्चे पढ़ते थे, अब वहाँ बाढ़ का पानी और मलबा भरा हुआ है।

1600 बच्चों का स्कूल, बस स्टैंड और दुकानें पानी में समाईं<br>
1600 बच्चों का स्कूल, बस स्टैंड और दुकानें पानी में समाईं
कभी इस जगह सुबह होते ही बच्चों की आवाज़ों से स्कूल गूंज उठता था। करीब 1,600 बच्चे यहाँ पढ़ने आते थे। स्कूल के बाहर बस स्टैंड पर बसें खड़ी रहती थीं, आसपास मेडिकल स्टोर और छोटी-बड़ी दुकानें थीं और सड़क पर लोगों की आवाजाही रहती थी। लेकिन नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने कुछ ही समय में इस पूरे इलाके की तस्वीर बदल दी। अब स्कूल की इमारत का सिर्फ़ एक छोटा हिस्सा दिखाई देता है, बाकी सब पानी और मलबे के नीचे दब चुका है।

गाँव कनेक्शन की ग्राउंड रिपोर्ट में त्रिशूली बाजार के उस हिस्से की भयावह तस्वीर सामने आई, जहाँ कभी लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी चलती थी। स्थानीय निवासी माधव नेपाल बताते हैं कि बाढ़ का पानी और मलबा इतनी तेज़ी से आया कि सड़क, दुकानें, पुल, बस स्टैंड और आसपास की इमारतें इसकी चपेट में आ गईं। सबसे बड़ी राहत यह है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे सुरक्षित बच गए, लेकिन उनका स्कूल अब बाढ़ में तबाह हो चुका है। जिन जगहों पर कल तक बच्चे पढ़ते और लोग अपना रोज़गार चलाते थे, वहाँ आज नदी का पानी और मलबा दिखाई दे रहा है।

बच्चों की जान बच गई, लेकिन स्कूल नहीं बचा

त्रिशूली बाजार में दिखाई दे रही यह छत उसी हाई स्कूल की है, जहाँ करीब 1,500 से 1,600 बच्चे पढ़ते थे। बाढ़ का पानी और मलबा स्कूल की इमारत को अपने साथ बहा ले गया। बच्चों को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया, इसलिए एक बड़ी त्रासदी टल गई। लेकिन उनके स्कूल की इमारत अब लगभग पूरी तरह तबाह हो चुकी है। स्थानीय लोगों के लिए यह सिर्फ़ एक इमारत नहीं थी। यह वह जगह थी जहाँ रोज़ बच्चों का भविष्य तैयार होता था। आज उसी जगह पर मलबा जमा है और नदी का पानी बह रहा है।

स्कूल से आगे बस स्टैंड था। बाढ़ के तेज़ बहाव में वहाँ खड़ी दो से चार बसें भी बह गईं। बाजार में मेडिकल स्टोर समेत कई दुकानें थीं। स्थानीय लोगों के मुताबिक़, पानी के तेज़ बहाव ने एक-एक कर इन सभी जगहों को अपनी चपेट में ले लिया। माधव नेपाल बताते हैं कि पहले नीचे दुकानें थीं, फिर सड़क और उसके आगे भी दुकानें थीं। इनके बाद नदी बहती थी। लेकिन बाढ़ के बाद नदी ने जैसे अपना रास्ता ही बदल लिया और बीच का पूरा इलाका पानी और मलबे में समा गया।

कल तक बच्चों से गूंजता था  स्कूल आज मलबे में दबा
कल तक बच्चों से गूंजता था स्कूल आज मलबे में दबा

जहाँ सड़क थी, वहाँ अब नदी बह रही है

ग्राउंड रिपोर्ट में दिखता है कि बाढ़ ने सिर्फ़ इमारतों को नुकसान नहीं पहुँचाया, बल्कि पूरे इलाके का भूगोल बदल दिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस हिस्से में पहले सड़क और दुकानें थीं, वहाँ अब पानी बह रहा है। कई इमारतों की निचली मंज़िलें मलबे में दब गई हैं। बाढ़ के साथ आया मलबा इतनी तेज़ी से आगे बढ़ा कि कई इमारतों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। स्थानीय लोग बताते हैं कि पानी और मलबा सीधा इमारतों की तरफ़ आया और देखते ही देखते सब कुछ दब गया। इस इलाके में नदी पार करने के लिए एक पक्का पुल भी था। स्थानीय लोगों के मुताबिक़, बाढ़ के दौरान लोग इस पुल के पास मौजूद थे और कुछ लोग वहाँ तस्वीरें भी ले रहे थे। तेज़ बहाव ने पुल को भी अपनी चपेट में ले लिया। बाढ़ के पानी के साथ आए मलबे ने पुल और आसपास के रास्तों को बुरी तरह प्रभावित किया है। अब वहाँ पहले जैसा रास्ता और आवाजाही नहीं बची है।

कुछ ही देर में उजड़ गया पूरा बाजार
कुछ ही देर में उजड़ गया पूरा बाजार

पावर हाउस भी नहीं बचा

त्रिशूली बाजार के इसी इलाके में एक पावर हाउस भी था। स्थानीय लोगों के अनुसार, बिजली से जुड़ा सामान और उसके आसपास का हिस्सा भी बाढ़ में बह गया। पानी और मलबे ने पूरे इलाके को घेर लिया है। ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान भी पानी का बहाव तेज़ दिखाई दे रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह से ही पानी बढ़ रहा था और ऊपर पहाड़ी इलाक़ों में बारिश का असर नदी के बहाव पर दिखाई दे रहा था।

बच्चों की पढ़ाई की जगह अब मलबा
बच्चों की पढ़ाई की जगह अब मलबा

एक बाजार नहीं, लोगों की पूरी ज़िंदगी उजड़ी

त्रिशूली बाजार में बाढ़ की तबाही को सिर्फ़ टूटी इमारतों से नहीं समझा जा सकता। यहाँ किसी का स्कूल था, किसी की दुकान, किसी का रोज़गार और किसी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी। कुछ ही समय में इन सबकी जगह मलबे ने ले ली। आज इस इलाके से गुज़रते हुए सबसे ज्यादा चुभने वाली तस्वीर उस स्कूल की है, जहाँ कभी करीब 1,600 बच्चे पढ़ते थे। बच्चे तो सुरक्षित हैं, लेकिन उनकी पढ़ाई की जगह बाढ़ में खो गई। दुकानदारों की दुकानें चली गईं, बस स्टैंड उजड़ गया और नदी ने अपना रास्ता बदल दिया।
Tags:
  • Nepal Flood
  • नेपाल बाढ़
  • Trishuli Bazaar Flood
  • त्रिशूली बाजार बाढ़
  • School Destroyed by Flood
  • बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त
  • Disaster Relief Nepal
  • बाढ़ से स्कूल तबाह
  • नेपाल में बाढ़ का कहर
  • Flood Damage Nepal