यूपी के रायबरेली में 50 करोड़ रुपये से बनेगा उद्यान महाविद्यालय, 22 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण को कैबिनेट की मंज़ूरी

Gaon Connection | Jul 06, 2026, 18:50 IST
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उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय की स्थापना के लिए कृषि विभाग की 22 हेक्टेयर भूमि कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है। यह महाविद्यालय चंद्रशेखर आज़ाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर के अंतर्गत स्थापित होगा। लगभग 50 करोड़ रुपये की इस परियोजना से पूर्वी उत्तर प्रदेश में उद्यानिकी शिक्षा, अनुसंधान और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा।

रायबरेली में कृषि शिक्षा का बड़ा विस्तार
रायबरेली में कृषि शिक्षा का बड़ा विस्तार
उत्तर प्रदेश सरकार ने कृषि एवं उद्यानिकी शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक अहम फ़ैसला लेते हुए रायबरेली में नए उद्यान महाविद्यालय की स्थापना का रास्ता साफ़ कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में कृषि विभाग की 22 हेक्टेयर भूमि कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी गई। इस भूमि पर चंद्रशेखर आज़ाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर के अंतर्गत नया उद्यान महाविद्यालय स्थापित किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इस महाविद्यालय की स्थापना से रायबरेली सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश में उद्यानिकी शिक्षा, अनुसंधान और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कृषि शिक्षा के लिए नए अवसर मिलेंगे और कृषि क्षेत्र में शोध गतिविधियों को भी नई दिशा मिलेगी।

चंद्रशेखर आज़ाद कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत खुलेगा नया महाविद्यालय

कैबिनेट के फ़ैसले के अनुसार, रायबरेली के ग्राम पड़ेरा, परगना एवं तहसील सदर में उपलब्ध 44.888 हेक्टेयर भूमि में से 22 हेक्टेयर भूमि कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित की जाएगी। इसी भूमि पर चंद्रशेखर आज़ाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर के अंतर्गत उद्यान महाविद्यालय की स्थापना की जाएगी।

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में चंद्रशेखर आज़ाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर; आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, अयोध्या; बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बांदा; सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, मेरठ तथा निजी क्षेत्र का सैम हिग्गिनबॉटम कृषि, प्रौद्योगिक एवं विज्ञान विश्वविद्यालय, प्रयागराज संचालित हैं। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश में कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुशीनगर की स्थापना भी की जा रही है।

50 करोड़ रुपये की परियोजना, पूर्वी उत्तर प्रदेश को मिलेगा कृषि शिक्षा का नया केंद्र

सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि प्रदेश के सभी कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालयों में उद्यान विभाग संचालित हैं, जहाँ उद्यानिकी विषय से संबंधित अध्ययन और अनुसंधान किया जाता है। इसी क्रम में रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना पर लगभग 50 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है। महाविद्यालय शुरू होने के बाद प्रदेश में उद्यानिकी शिक्षा, अनुसंधान और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों को कृषि शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे और क्षेत्र में कृषि एवं बागवानी आधारित अनुसंधान को भी नई गति मिलेगी।
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