हर परिवार को नहीं मिलेगा 35 किलो राशन! अंत्योदय योजना में बड़ा बदलाव, अब प्रति व्यक्ति इतने किलो अनाज देने की तैयारी

Preeti Nahar | Jun 24, 2026, 12:46 IST
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अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत राशन वितरण के नियमों में बदलाव की तैयारी है। नए ड्राफ्ट में 35 किलो प्रति परिवार की जगह 7 किलो प्रति व्यक्ति अनाज देने का प्रस्ताव रखा गया है, हालांकि परिवार के लिए अधिकतम सीमा 35 किलो ही रहेगी। बड़े परिवारों को इसका फायदा मिल सकता है, जबकि छोटे परिवारों को मिलने वाला अनाज कम हो सकता है। क्या यह नया बदलाव AAY लाभार्थियों के लिए फायदेमंद साबित होगा?

National Food Security Amendment Bill 2026<br>
National Food Security Amendment Bill 2026
National Food Security Amendment Bill 2026: केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (संशोधन) विधेयक, 2026 का ड्राफ्ट जारी किया है। इस प्रस्तावित संशोधन के तहत अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के लाभार्थियों को मिलने वाले खाद्यान्न वितरण के नियमों में बदलाव किया जा सकता है। सरकार ने इस ड्राफ्ट पर आम लोगों और संबंधित पक्षों से 13 जुलाई 2026 तक सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।

इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य अंत्योदय अन्न योजना के तहत खाद्यान्न वितरण में मौजूद असमानताओं को दूर करना बताया गया है। सरकार का कहना है कि अभी परिवार के आधार पर अनाज मिलने से छोटे परिवारों को प्रति व्यक्ति ज्यादा अनाज मिल जाता है, जबकि बड़े परिवारों में प्रति व्यक्ति मिलने वाला हिस्सा कम हो जाता है। नए प्रस्ताव में परिवार की जगह व्यक्ति को आधार बनाकर खाद्यान्न देने की व्यवस्था की जाएगी।

अभी अंत्योदय अन्न योजना में क्या व्यवस्था है?

मौजूदा व्यवस्था के तहत अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के अंतर्गत आने वाले गरीब परिवारों को हर महीने 35 किलोग्राम खाद्यान्न प्रति परिवार दिया जाता है। इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या का अंतर नहीं किया जाता। यानी अगर किसी परिवार में 2 सदस्य हैं या 8 सदस्य, दोनों को एक परिवार यूनिट मानकर 35 किलो अनाज मिलता है। इससे छोटे परिवारों को प्रति व्यक्ति ज्यादा अनाज मिल जाता है, जबकि बड़े परिवारों में सदस्यों की संख्या अधिक होने के कारण प्रति व्यक्ति अनाज कम पड़ सकता है।

अब क्या बदलाव प्रस्तावित है?

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (संशोधन) विधेयक, 2026 के ड्राफ्ट में प्रस्ताव दिया गया है कि अंत्योदय अन्न योजना के लाभार्थियों को अब 7 किलोग्राम खाद्यान्न प्रति व्यक्ति प्रति माह दिया जाए। हालांकि, परिवार के लिए अधिकतम सीमा 35 किलोग्राम प्रति माह ही रखी जाएगी। यानी अगर किसी परिवार में 5 सदस्य हैं तो उन्हें 7 किलो प्रति व्यक्ति के हिसाब से 35 किलो अनाज मिलेगा। वहीं, अगर परिवार में 3 सदस्य हैं तो उन्हें 21 किलो अनाज मिलेगा। सरकार का तर्क है कि इससे खाद्यान्न वितरण ज्यादा तर्कसंगत होगा और परिवार के आकार के अनुसार लाभ मिलेगा।

लाभार्थियों को क्या फायदा हो सकता है?

इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा बड़े परिवारों को मिल सकता है। अभी बड़े परिवारों को 35 किलो अनाज की तय सीमा के कारण प्रति व्यक्ति कम मात्रा मिलती है। नए नियम से परिवार के हर सदस्य के हिसाब से अनाज तय होगा, जिससे बड़े परिवारों को पहले की तुलना में ज्यादा खाद्यान्न मिल सकता है। उदाहरण के तौर पर अगर किसी AAY परिवार में 6 सदस्य हैं तो मौजूदा व्यवस्था में उसे 35 किलो अनाज मिलता है। नए प्रस्ताव के अनुसार उसे 42 किलो (6×7 किलो) मिल सकता है। इससे ऐसे परिवारों को अतिरिक्त राहत मिल सकती है। इसके अलावा, सरकार का मानना है कि यह व्यवस्था ज्यादा न्यायसंगत होगी क्योंकि लाभ सीधे परिवार के सदस्यों की संख्या से जुड़ेगा।

किन लाभार्थियों को नुकसान हो सकता है?

इस बदलाव का असर छोटे परिवारों पर पड़ सकता है। जिन परिवारों में सदस्यों की संख्या कम है, उन्हें पहले की तुलना में कम अनाज मिल सकता है। जैसे किसी AAY परिवार में 2 सदस्य हैं तो अभी उसे 35 किलो अनाज मिलता है। नए प्रस्ताव के अनुसार उसे केवल 14 किलो (2×7 किलो) मिलेगा। इसी तरह 3 सदस्यों वाले परिवार को 21 किलो अनाज मिलेगा, जो वर्तमान 35 किलो से कम है। यानी छोटे परिवारों को मिलने वाला कुल खाद्यान्न कम हो सकता है, जबकि बड़े परिवारों को फायदा मिलने की संभावना है।

सरकार ने बदलाव की जरूरत क्यों बताई?

सरकार के अनुसार, मौजूदा व्यवस्था में परिवार आधारित वितरण के कारण कुछ असमानताएं पैदा हो रही थीं। छोटे परिवारों को ज्यादा प्रति व्यक्ति अनाज मिल रहा था, जबकि बड़े परिवारों को कम। इस संशोधन का उद्देश्य खाद्यान्न वितरण को अधिक समान बनाना और जरूरत के हिसाब से लाभ पहुंचाना है। सरकार ने कहा है कि यह बदलाव पोषण जरूरतों और परिवार के आकार को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है।

क्या यह बदलाव तुरंत लागू होगा?

अभी यह केवल ड्राफ्ट विधेयक है। सरकार ने इस पर जनता और संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे हैं। सुझाव मिलने और आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। जब तक नया कानून लागू नहीं होता, तब तक अंत्योदय अन्न योजना के तहत पुरानी व्यवस्था यानी 35 किलो प्रति परिवार प्रति माह खाद्यान्न देने का नियम जारी रहेगा।

आम लोगों से मांगे गए सुझाव

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने इस ड्राफ्ट पर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। लोग अपने विचार 13 जुलाई 2026 तक भेज सकते हैं। सरकार प्राप्त सुझावों के आधार पर अंतिम संशोधन पर निर्णय लेगी।
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