धान की रोपाई में क्रांति लाएगी यह मशीन! शिवराज सिंह चौहान ने दिखाया डेमो, बताया कैसे बढ़ सकता है उत्पादन

Gaon Connection | Jun 15, 2026, 17:59 IST
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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने धान की रोपाई करने वाली आधुनिक मशीन का प्रदर्शन देखा। उनका कहना है कि यह तकनीक कम समय में रोपाई करने, पौधों को समान दूरी और सही गहराई पर लगाने तथा कम उम्र की पौध का उपयोग करने में मदद करती है। इससे श्रम की बचत, लागत में कमी और उत्पादन बढ़ने की संभावना बनती है।

आधुनिक मशीन से रोपाई का बदलेगा तरीका
आधुनिक मशीन से रोपाई का बदलेगा तरीका
खरीफ़ सीज़न की शुरुआत के साथ ही धान की रोपाई का समय आ गया है। ऐसे में किसानों को अक्सर मज़दूरों की कमी, बढ़ती लागत और समय पर रोपाई न हो पाने जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं का समाधान आधुनिक तकनीक के ज़रिए तलाशने की कोशिश की जा रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने धान की रोपाई करने वाली एक आधुनिक मशीन का प्रदर्शन देखा और इसका वीडियो शेयर किया है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पारंपरिक तरीके से धान की रोपाई में काफ़ी समय और श्रम लगता है। कई बार मज़दूर समय पर नहीं मिलते, जिससे रोपाई में देरी होती है और फसल पर असर पड़ता है। वहीं आधुनिक मशीन की मदद से कम समय में अधिक क्षेत्र में रोपाई की जा सकती है, जिससे किसानों को समय और लागत दोनों स्तर पर राहत मिल सकती है।

कम समय में होगी रोपाई

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सामान्य तौर पर किसान खेत में पानी भरने और मचाई करने के बाद मज़दूरों की मदद से रोपाई करते हैं। इस प्रक्रिया में कई बार पौधे एक समान दूरी पर नहीं लग पाते और कुछ पौधे नष्ट भी हो जाते हैं। उनके अनुसार यह मशीन रोपाई की पूरी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाती है। मशीन पौधों को तय दूरी और उचित गहराई पर लगाती है, जिससे पौधों का विकास बेहतर तरीके से हो सकता है।


कम उम्र की पौध से बढ़ सकता है उत्पादन

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस मशीन की मदद से 10 से 15 दिन की कम उम्र वाली पौध की भी रोपाई की जा सकती है। कम उम्र की पौध लगाने से अधिक कल्ले निकलने की संभावना रहती है, जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि कई बार पारंपरिक रोपाई में पौधे 25 से 30 दिन पुराने हो जाते हैं, जबकि कम उम्र की पौध बेहतर वृद्धि और अधिक उत्पादन में मददगार मानी जाती है।

समान दूरी और गहराई पर लगेंगे पौधे

मंत्री के मुताबिक मशीन से रोपाई होने पर सभी पौधे लगभग समान दूरी और समान गहराई पर लगाए जाते हैं। इससे पौधों को बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है और उनकी वृद्धि अधिक संतुलित रहती है। उन्होंने कहा कि मशीन के माध्यम से पौधों की संख्या और पंक्तियों की सेटिंग भी आवश्यकता के अनुसार बदली जा सकती है, जिससे किसान अपनी ज़रूरत के हिसाब से रोपाई कर सकते हैं।

हवा का बेहतर संचार, रोगों का ख़तरा कम

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि पंक्तिवार रोपाई होने से खेत में हवा का संचार बेहतर बना रहता है। इससे फसल में नमी का अत्यधिक जमाव नहीं होता और कई प्रकार के रोगों का प्रकोप कम होने की संभावना रहती है। उनके अनुसार बेहतर वायु संचार फसल की सेहत के लिए भी लाभदायक साबित हो सकता है और पौधों का विकास अधिक प्रभावी ढंग से हो सकता है।

कृषि में तकनीक अपनाने पर ज़ोर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों और कृषि यंत्रों का खेतों तक पहुँचना बेहद ज़रूरी है। बढ़ती मज़दूरी लागत और ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों की कमी को देखते हुए ऐसी मशीनें किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक खेती और आधुनिक कृषि उपकरणों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि नई तकनीकें खेती को आसान बनाने के साथ-साथ उत्पादन बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
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