पीएम मोदी 20 जून को जारी करेंगे PM-Kisan सम्मान निधि की 23वीं किस्त, 9.44 करोड़ किसानों के खातों में पहुंचेंगे ₹18,880 करोड़
Gaon Connection | Jun 18, 2026, 17:05 IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 जून को पश्चिम बंगाल के हुगली में कृषि, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन और पशुपालन से जुड़ी कई परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। इस दौरान पीएम-किसान की 23वीं किस्त भी जारी की जाएगी। फसल बीमा, डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन, प्राकृतिक खेती, धन-धान्य कृषि योजना, ग्रामीण सड़क, मत्स्य बंदरगाह और बकरी सीमन बैंक जैसी योजनाओं से किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।
पीएम-किसान की किस्त के साथ किसानों को मिलेगा योजनाओं का डबल लाभ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 जून को पश्चिम बंगाल के हुगली ज़िले में आयोजित होने वाले एक राष्ट्रीय कार्यक्रम में कृषि, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन, पशुपालन और रेलवे क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पण करेंगे। इस दौरान किसानों के खातों में पीएम-किसान योजना की 23वीं किस्त भी जारी की जाएगी। केंद्र सरकार का दावा है कि इन पहलों से कृषि उत्पादकता बढ़ाने, ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने और रोज़गार के नए अवसर सृजित करने में मदद मिलेगी।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह कार्यक्रम किसानों, ग्रामीण समुदायों और युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा। उन्होंने कहा कि पूर्वी भारत को कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनाने की दिशा में यह एक अहम कदम है।
9.44 करोड़ किसानों को मि
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पीएम-किसान योजना की 23वीं किस्त जारी करेंगे। इसके तहत देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में करीब 18,880 करोड़ रुपये की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, पश्चिम बंगाल के 45.35 लाख से अधिक किसानों को लगभग 907 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त होगी। इसके साथ ही राज्य में पीएम-किसान योजना के तहत वितरित कुल राशि 15,055 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगी।
प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (RWBCIS) का भी शुभारंभ करेंगे। लगभग 12,200 करोड़ रुपये लागत वाली इन योजनाओं के माध्यम से वित्त वर्ष 2026-27 में 1.10 करोड़ किसानों को 30 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर बीमा सुरक्षा देने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार के अनुसार, इन योजनाओं के तहत लगभग 28,140 करोड़ रुपये मूल्य की फसलों को बीमा संरक्षण मिलेगा।
डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत एग्रीटेक प्लेटफॉर्म की शुरुआत भी की जाएगी। यह मंच उर्वरक वितरण, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) आधारित खरीद जैसी सेवाओं को एकीकृत करेगा। सरकार का कहना है कि इससे किसानों को समय पर जानकारी, पारदर्शी सेवाएं और बेहतर बाज़ार अवसर उपलब्ध होंगे।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन की शुरुआत भी करेंगे। इसके तहत पश्चिम बंगाल में 17,300 हेक्टेयर क्षेत्र में 346 प्राकृतिक कृषि क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। इस पहल से 43,250 किसानों को प्रशिक्षण, जैव-आधारित इनपुट और बाज़ार तक बेहतर पहुंच का लाभ मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की शुरुआत भी करेंगे, जिसे पश्चिम बंगाल के पुरुलिया, दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार और झाड़ग्राम ज़िलों में लागू किया जाएगा।योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना, भंडारण और प्रसंस्करण अवसंरचना को मज़बूत करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता और रोज़गार के अवसर बढ़ाना है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-III) के तहत 213 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 49 सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा। 315 किलोमीटर से अधिक लंबाई वाली ये सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों को कस्बों और शहरों से जोड़ेंगी। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को अपने उत्पाद बाज़ार तक पहुँचाने में सुविधा होगी, वहीं शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक ग्रामीणों की पहुँच भी बेहतर होगी।
कार्यक्रम में दक्षिण 24 परगना के फ्रेजरगंज में आधुनिकीकृत मत्स्य बंदरगाह और बीरभूम में बने आधुनिक मत्स्य बाज़ार का उद्घाटन भी किया जाएगा। इससे मछुआरों को बेहतर भंडारण, विपणन और निर्यात सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके अलावा नादिया ज़िले के हरिणघाटा में 6 करोड़ रुपये से अधिक लागत से स्थापित रीजनल सीमन प्रोडक्शन लैबोरेटरी और बकरी सीमन बैंक का भी उद्घाटन होगा। राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत स्थापित यह पूर्वी भारत की पहली ऐसी सुविधा होगी, जिससे पशुधन की नस्ल सुधार और उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
केंद्र सरकार का कहना है कि कृषि, मत्स्य पालन, पशुपालन और ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़ी ये परियोजनाएं पश्चिम बंगाल में समावेशी और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देंगी। साथ ही किसानों, मछुआरों, पशुपालकों और ग्रामीण युवाओं के लिए आय और रोज़गार के नए अवसर भी पैदा करेंगी।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह कार्यक्रम किसानों, ग्रामीण समुदायों और युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा। उन्होंने कहा कि पूर्वी भारत को कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनाने की दिशा में यह एक अहम कदम है।