PM Modi: किसान, पशुपालन और मत्स्य पालन पर बड़ा फोकस, बज़ट वेबिनार में पीएम मोदी ने बताई सरकार की योजना
Gaon Connection | Mar 06, 2026, 20:23 IST
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में बजट के बाद कृषि और ग्रामीण विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने किसान भाईयों की आय बढ़ाने के लिए नई योजनाओं की जानकारी दी, जिसमें निर्यात को प्रोत्साहित करने, जैविक खेती, मत्स्य पालन और पशुपालन शामिल हैं।
बजट वेबिनार में पीएम मोदी ने रखी सरकार की योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट के बाद आयोजित "कृषि और ग्रामीण परिवर्तन" विषय पर एक वेबिनार में देश की कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार की योजनाओं और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से बात की। यह बजट पश्चात वेबिनार श्रृंखला का तीसरा कार्यक्रम था, जिसमें किसानों की आय बढ़ाने, निर्यात को बढ़ावा देने, ऑर्गेनिक खेती, मत्स्य पालन, पशुपालन और ग्रामीण विकास पर जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और सरकार किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 10 करोड़ से अधिक किसानों को 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी गई है। एमएसपी में सुधार से किसानों को लागत से डेढ़ गुना तक रिटर्न मिल रहा है। संस्थागत कृषि ऋण अब 75 प्रतिशत से अधिक किसानों तक पहुंच गया है, और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के क्लेम किसानों को मिले हैं, जिससे उनका जोखिम कम हुआ है।
वैश्विक माँग को देखते हुए, भारत को अपनी खेती को निर्यात-उन्मुख बनाने की आवश्यकता है। बजट में हाई वैल्यू एग्रीकल्चर पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसमें नारियल, काजू, कोको और चंदन जैसे उत्पादों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। दक्षिण भारत में, विशेषकर केरल और तमिलनाडु में, नारियल के पुराने पेड़ों को बदलकर नई पौध लगाने और उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा ताकि किसानों की आय बढ़े।
प्रधानमंत्री ने ऑर्गेनिक और केमिकल-फ्री खेती के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में हेल्दी फूड की माँग बढ़ रही है, और भारत को नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा देना चाहिए। इससे भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अच्छी पहचान मिलेगी। सरकार इसके लिए सर्टिफिकेशन और लैब जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत कर रही है।
मत्स्य पालन क्षेत्र में भी बड़ी संभावनाएं हैं। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है, और मौजूदा जलाशयों और तालाबों में उत्पादन बढ़ाने की काफी गुंजाइश है, जिससे मछुआरों की आय में वृद्धि हो सकती है। पशुपालन भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक तेजी से बढ़ता हुआ क्षेत्र है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक और दूसरा सबसे बड़ा अंडा उत्पादक है। इस क्षेत्र को बेहतर नस्ल, पशु स्वास्थ्य और वैज्ञानिक प्रबंधन से और मजबूत किया जा रहा है। फुट एंड माउथ डिजीज (FMD) से बचाव के लिए सवा सौ करोड़ से अधिक वैक्सीन डोज पशुओं को लगाई जा चुकी हैं।
किसानों को जोखिम से बचाने के लिए फसल विविधीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल्स, पल्सेस और नेचुरल फार्मिंग जैसी योजनाएं खेती को मजबूत कर रही हैं। कृषि में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल भी बढ़ रहा है। ई-नाम प्लेटफॉर्म किसानों को बाजार से जोड़ रहा है और एग्रीस्टैक व किसान आईडी के माध्यम से डिजिटल व्यवस्था विकसित की जा रही है। अब तक करीब 9 करोड़ किसानों की किसान आईडी बन चुकी है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है, जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वामित्व योजना, पीएम ग्रामीण सड़क योजना और स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक सहायता। लखपति दीदी अभियान के तहत करीब 3 करोड़ महिलाओं की आय एक लाख रुपये सालाना से अधिक हो चुकी है और सरकार का लक्ष्य 2029 तक तीन करोड़ और महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है। इन वेबिनार का उद्देश्य बजट के प्रावधानों को जल्दी और प्रभावी ढंग से लागू करना है ताकि किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों को उनका पूरा लाभ मिल सके।