Panchayati Raj Day: राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों और पंचायत प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए ग्राम स्वराज, महिला सशक्तिकरण, डिजिटल पंचायत और आत्मनिर्भर गाँवों के निर्माण पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पंचायतें केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अब वे स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास की दिशा तय कर रही हैं। उन्होंने पंचायतों को लोकतंत्र की मजबूत आधारशिला बताते हुए ग्रामीण भारत के उज्ज्वल भविष्य का मार्गदर्शक कहा।
पंचायतें बनीं ग्रामीण विकास की नई ताकत
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि आज पंचायतें शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, जल संरक्षण, आजीविका और सामाजिक न्याय जैसे क्षेत्रों में लगातार मजबूत भूमिका निभा रही हैं। गाँवों की आवश्यकताओं को समझकर पंचायतें विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंच रहा है और स्थानीय प्रशासन अधिक प्रभावी बन रहा है।
पंचायतों को मिला ऐतिहासिक आर्थिक सहयोग
पीएम मोदी ने बताया कि पिछले वर्षों में पंचायतों को अधिकार, संसाधन और आधुनिक तकनीक से सशक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि सोलहवें वित्त आयोग द्वारा ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 4 लाख 35 हजार करोड़ रुपये का ऐतिहासिक आवंटन किया गया है। यह राशि पंचायतों की कार्यक्षमता बढ़ाने और गाँवों को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
डिजिटल पंचायतों से बढ़ी पारदर्शिता
प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पंचायतों के कार्य, योजनाएं और वित्तीय प्रबंधन अब अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बन रहे हैं। इससे ग्रामीण जनता को योजनाओं की जानकारी आसानी से मिल रही है और पंचायत व्यवस्था में विश्वास भी मजबूत हुआ है। डिजिटल इंडिया अभियान का लाभ अब गाँव-गाँव तक पहुँच रहा है।
महिला शक्ति बदल रही पंचायतों की तस्वीर
पीएम मोदी ने महिला प्रतिनिधियों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि देशभर में 14 लाख से अधिक महिला जनप्रतिनिधि पंचायतों का नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने कहा कि माताएं और बहनें न केवल पंचायतों का स्वरूप बदल रही हैं, बल्कि समाज की सोच को भी नई दिशा दे रही हैं। महिलाओं की भागीदारी से निर्णय प्रक्रिया अधिक संवेदनशील और समावेशी बनी है।
स्वामित्व योजना से गांवों को नया अधिकार
प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति का कानूनी अधिकार मिला है। देश के लगभग 3 लाख 30 हजार गाँवों में सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और 3 करोड़ से अधिक संपत्ति कार्ड तैयार किए जा चुके हैं। इससे भूमि विवाद कम होंगे और ग्रामीणों को आर्थिक अवसर भी मिलेंगे।
आत्मनिर्भर पंचायतें ही विकसित भारत का आधार
प्रधानमंत्री ने कहा कि पंचायतों की आर्थिक मजबूती पूरे तंत्र का आधार है। यदि पंचायतें राजस्व संग्रहण की शक्तियों का प्रभावी, पारदर्शी और नवाचारपूर्ण उपयोग करें, तो वे अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ स्थानीय विकास योजनाओं को भी गति दे सकती हैं। आत्मनिर्भर पंचायतें ही विकसित भारत के निर्माण में मजबूत कदम साबित होंगी।
युवाओं और जनभागीदारी पर जोर
प्रधानमंत्री ने स्थानीय संसाधनों के संतुलित उपयोग, पर्यावरण संरक्षण तथा युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि जब गाँव के लोग विकास कार्यों में भागीदारी करेंगे, तब विकास अधिक न्यायसंगत, तेज और टिकाऊ होगा। पंचायतें जनभागीदारी, पारदर्शिता और समावेशी विकास की सबसे मजबूत कड़ी हैं।
राष्ट्र निर्माण में पंचायतों की बड़ी भूमिका
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब गाँव सशक्त और आत्मनिर्भर बनेंगे, तभी भारत नई ऊंचाइयों को छू सकेगा। उन्होंने राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार से सम्मानित पंचायतों को बधाई दी और कहा कि यह पहल अन्य पंचायतों को भी लोककल्याण और प्रगति के लिए प्रेरित करेगी। पीएम ने सभी से सशक्त, जागरूक और आत्मनिर्भर पंचायतों के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।