UP Mandi Rates: आलू के दाम में बड़ा उतार-चढ़ाव, नवंबर में ₹1260 पहुँचा था भाव, अब कई मंडियों में ₹510 तक गिरा रेट
Preeti Nahar | May 10, 2026, 17:14 IST
उत्तर प्रदेश की मंडियों में आलू के दाम पिछले एक साल से घट-बढ़ रहे हैं। अप्रैल से नवंबर 2025 तक दाम बढ़े, लेकिन दिसंबर के बाद गिरावट आई। मई 2026 में कई मंडियों में भाव 500 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास रहा। बढ़ी आवक और सप्लाई से दाम गिरे। किसानों को बेहतर स्टोरेज और बाजार की जानकारी की जरूरत है।
कृषि विपणन एवं कृषि व्यापार निदेशालय,UP का डाटा
उत्तर प्रदेश की मंडियों में आलू के दाम पिछले एक साल में लगातार उतार-चढ़ाव का सामना करते रहे हैं। कभी किसानों को अच्छे दाम मिले तो कभी कीमतों में गिरावट ने चिंता बढ़ा दी। वार्षिक ग्राफ रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल 2025 से नवंबर 2025 तक आलू के थोक भाव में तेजी देखने को मिली, लेकिन दिसंबर के बाद कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की गई। मई 2026 की कृषि विपणन एवं कृषि व्यापार निदेशालय,UP की ताजा मंडी रिपोर्ट बताती है कि कई मंडियों में आलू का भाव 500 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास पहुंच गया है।
वार्षिक ग्राफ रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल 2025 में आलू का औसत थोक भाव करीब 1150 रुपये प्रति क्विंटल था। मई में यह बढ़कर लगभग 1160 रुपये पहुंचा और जून-जुलाई में कीमतें 1200 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास रहीं। अगस्त और सितंबर में थोड़ी गिरावट आई, जब भाव 1050 से 1070 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया।
इसके बाद अक्टूबर में फिर सुधार देखने को मिला और नवंबर 2025 में आलू का भाव साल के सबसे ऊंचे स्तर करीब 1260 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि स्टोरेज में आलू की सीमित उपलब्धता और मांग बढ़ने की वजह से इस दौरान कीमतों में तेजी आई।
दिसंबर 2025 से बाजार में नई फसल की आवक शुरू होने लगी, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ गया। दिसंबर में आलू का भाव गिरकर करीब 930 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया। जनवरी 2026 में यह और नीचे आकर लगभग 670 रुपये रह गया।
फरवरी और मार्च में भी कीमतों में खास सुधार नहीं हुआ और अप्रैल 2026 तक औसत भाव करीब 646 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। बढ़ी हुई आवक और बाजार में अधिक सप्लाई इसकी बड़ी वजह मानी जा रही है।
10 मई 2026 की ताजा मंडी रिपोर्ट के अनुसार आलू का सबसे अधिक थोक भाव मोहम्मदी मंडी में 715 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। इसके अलावा लखीमपुर खीरी, अम्बेडकरनगर, गोला गोकर्णनाथ और गोंडा मंडियों में आलू का भाव 710 रुपये प्रति क्विंटल रहा।
वहीं सबसे कम कीमत चित्रकूट मंडी में 575 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज की गई। इसके अलावा सुल्तानपुर में 600 रुपये, कानपुर नगर में 620 रुपये, कानपुर देहात (पुखरायां) में 625 रुपये और चिरगांव में 640 रुपये प्रति क्विंटल भाव दर्ज किया गया। ताजा आंकड़े बताते हैं कि बाजार में इस समय अलग-अलग मंडियों में कीमतों में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है, जिसका सीधा असर किसानों की कमाई पर पड़ रहा है।
आलू की खेती करने वाले किसानों के लिए यह उतार-चढ़ाव बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। जब उत्पादन अधिक होता है तो कीमतें गिर जाती हैं और किसानों को लागत निकालना मुश्किल हो जाता है। वहीं स्टोरेज सुविधा नहीं होने पर कई किसानों को कम दाम पर फसल बेचनी पड़ती है। लखनऊ के आलू किसान अमरेश मौर्या बताते हैं कि अगर बेहतर कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग यूनिट और बाजार की सही जानकारी मिले तो उन्हें नुकसान से बचाया जा सकता है।
आने वाले हफ्तों में आलू की आवक और मांग के आधार पर कीमतों में बदलाव हो सकता है। अगर बाजार में सप्लाई ज्यादा रही तो दाम दबाव में रह सकते हैं, जबकि स्टॉक कम होने पर फिर से सुधार देखने को मिल सकता है। फिलहाल मंडियों में आलू उत्पादक किसानों की नजर भाव पर टिकी हुई है, क्योंकि यही तय करेगा कि इस सीजन की मेहनत उन्हें कितना फायदा दे पाएगी।
अप्रैल से नवंबर तक क्यों बढ़े दाम?
कृषि विपणन एवं कृषि व्यापार निदेशालय,UP का डाटा
इसके बाद अक्टूबर में फिर सुधार देखने को मिला और नवंबर 2025 में आलू का भाव साल के सबसे ऊंचे स्तर करीब 1260 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि स्टोरेज में आलू की सीमित उपलब्धता और मांग बढ़ने की वजह से इस दौरान कीमतों में तेजी आई।
दिसंबर से क्यों टूटने लगे दाम?
आलू की किमतों में उतार-चढ़ाव
फरवरी और मार्च में भी कीमतों में खास सुधार नहीं हुआ और अप्रैल 2026 तक औसत भाव करीब 646 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। बढ़ी हुई आवक और बाजार में अधिक सप्लाई इसकी बड़ी वजह मानी जा रही है।
किस मंडी में सबसे ज्यादा और सबसे कम भाव?
उत्तर प्रदेश की कुछ मंडियों के आज के आलू के भाव
वहीं सबसे कम कीमत चित्रकूट मंडी में 575 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज की गई। इसके अलावा सुल्तानपुर में 600 रुपये, कानपुर नगर में 620 रुपये, कानपुर देहात (पुखरायां) में 625 रुपये और चिरगांव में 640 रुपये प्रति क्विंटल भाव दर्ज किया गया। ताजा आंकड़े बताते हैं कि बाजार में इस समय अलग-अलग मंडियों में कीमतों में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है, जिसका सीधा असर किसानों की कमाई पर पड़ रहा है।
किसानों पर क्या असर?
मंडी में आलू ले जाता आलू किसान