Pradhan Mantri Awaas Yojana-Gramin: शिवराज सिंह चौहान बोले- हर गरीब को मिलेगा पक्का घर, 12 राज्यों को जारी हुई बड़ी राशि
Gaon Connection | May 28, 2026, 19:31 IST
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत 12 राज्यों को ₹10,021.42 करोड़ की वित्तीय मंजूरी दी है। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य हर गरीब परिवार को पक्का घर उपलब्ध कराना है। योजना के तहत अब तक देशभर में 3.91 करोड़ से अधिक ग्रामीण आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं।
मोदी सरकार का ग्रामीण फोकस: PMAY-G के तहत जारी हुए ₹10,021 करोड़
ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने की दिशा में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत 12 राज्यों को ₹10,021.42 करोड़ की वित्तीय मंजूरीदी गई है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि देश के हर गरीब को पक्का घर मिले और इसी लक्ष्य के तहत लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
केंद्र सरकार के मुताबिक वर्ष 2016 से शुरू हुई प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत अब तक लगभग 3.91 करोड़ ग्रामीण आवासों को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें से 3.05 करोड़ से अधिक घरों का निर्माण पूरा हो चुका है। सरकार का दावा है कि योजना ने लाखों गरीब परिवारों को कच्चे मकानों से पक्के घरों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।
सरकार द्वारा जारी की गई यह ‘मदर सेंक्शन’ राज्यों को आवास निर्माण की प्रक्रिया तेज करने में मदद करेगी। इसके जरिए पात्र लाभार्थियों को किस्तों का भुगतान, निर्माण सामग्री की उपलब्धता और निर्माण कार्यों की निगरानी में तेजी आने की उम्मीद है। ग्रामीण विकास मंत्रालय का कहना है कि योजना का उद्देश्य सिर्फ मकान बनाना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना भी है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसी दिशा में लगातार वित्तीय सहायता जारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ घर नहीं बना रही, बल्कि ऐसे पक्के मकान तैयार कर रही है जहाँ सड़क, बिजली, पानी, गैस और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाएं भी मौजूद हों। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत करीब 75 प्रतिशत घर महिलाओं के नाम पर या पति-पत्नी के संयुक्त नाम से दिए गए हैं। इससे ग्रामीण महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक मजबूती मिली है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण सिर्फ आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलती है। निर्माण कार्यों के जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ता है, मजदूरों और छोटे कारोबारियों को काम मिलता है और गाँवों में आधारभूत ढांचे में सुधार होता है।