"प्रोजेक्ट गंगा" से यूपी के गाँवों में डिजिटल क्रांति की तैयारी, 20 लाख घरों तक पहुँचेगा हाई-स्पीड इंटरनेट
Gaon Connection | May 20, 2026, 18:58 IST
“प्रोजेक्ट गंगा” के जरिए उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में हाई-स्पीड इंटरनेट नेटवर्क पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। इस योजना के तहत युवाओं को डिजिटल उद्यमी के रूप में तैयार करने, गांवों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और डिजिटल कनेक्टिविटी दोनों को नई दिशा दे सकती है।
गाँवों में डिजिटल सेवाओं का नया नेटवर्क
मुख्यमंत्री ने “प्रोजेक्ट गंगा” यानी गवर्नेंट असिस्टेड नेटवर्क फॉर ग्रोथ एंड एडवांसमेंट की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि डिजिटल उद्यमी के रूप में चुने गए युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण कार्य करने वाली कंपनियां भी इन युवाओं का उपयोग कर सकें, ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए। मुख्यमंत्री ने ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के तेजी से विस्तार और कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। साथ ही शुरुआत से ही डिजिटल उद्यमियों को उचित इंसेंटिव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि प्रोजेक्ट गंगा ग्रामीण उत्तर प्रदेश में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क पहुंचाने की महत्वाकांक्षी पहल है। इसका उद्देश्य केवल इंटरनेट उपलब्ध कराना नहीं बल्कि टेलीमेडिसिन, डिजिटल शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, ई-गवर्नेंस, डिजिटल रोजगार और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
परियोजना के तहत 10 हजार से अधिक युवाओं को डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर (डीएसपी) के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे लगभग 50 हजार प्रत्यक्ष और 1 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
योजना के तहत 20 लाख से अधिक घरों को फाइबर आधारित हाई-स्पीड इंटरनेट नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक डीएसपी अपने क्षेत्र में 200 से 300 घरों को कनेक्ट कर सकेगा। महिला उद्यमिता को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है और लगभग 50 प्रतिशत महिला उद्यमियों को जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है।
बैठक में बताया गया कि केवल मोबाइल इंटरनेट के जरिए सीमित सेवाएं संभव हैं, जबकि वास्तविक डिजिटल परिवर्तन के लिए हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड आवश्यक है। एआई आधारित कृषि, ड्रोन मॉनिटरिंग, स्मार्ट विलेज, वर्चुअल लैब, टेलीमेडिसिन और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी सेवाओं के लिए मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी बताया गया।
प्रोजेक्ट गंगा के तहत डीएसपी केवल इंटरनेट सेवा प्रदाता नहीं होंगे, बल्कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का संपूर्ण नेटवर्क विकसित करेंगे। वे हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड, आईपीटीवी, ओटीटी एक्सेस, सीसीटीवी समाधान, पब्लिक वाई-फाई, साइबर सिक्योरिटी और एंटरप्राइज कनेक्टिविटी जैसी सेवाएं प्रदान करेंगे।
योजना के तहत प्रत्येक डीएसपी को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। परियोजना फिलहाल 21 प्राथमिक जिलों में “प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट” के रूप में शुरू करने की तैयारी में है और इसके बाद इसे पूरे प्रदेश में विस्तार दिया जाएगा।
गाँवों तक पहुंचेगा हाई-स्पीड इंटरनेट
परियोजना के तहत 10 हजार से अधिक युवाओं को डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर (डीएसपी) के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे लगभग 50 हजार प्रत्यक्ष और 1 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
20 लाख घरों को जोड़ेगा फाइबर नेटवर्क
डिजिटल बदलाव के लिए मजबूत नेटवर्क जरूरी
गाँवों में डिजिटल सेवाओं का नया नेटवर्क
योजना के तहत प्रत्येक डीएसपी को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। परियोजना फिलहाल 21 प्राथमिक जिलों में “प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट” के रूप में शुरू करने की तैयारी में है और इसके बाद इसे पूरे प्रदेश में विस्तार दिया जाएगा।