शुरु करें मशरूम की खेती! पंजाब सरकार दे रही ₹80 हजार तक की सब्सिडी, सिर्फ 1800 वर्ग फुट में लग सकती है यूनिट
Gaon Connection | Jul 04, 2026, 16:38 IST
पंजाब सरकार फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए राज्य योजना के तहत मशरूम उत्पादन इकाई स्थापित करने पर किसानों को अधिकतम 80,000 रुपये तक की सब्सिडी दे रही है। राज्य के बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने बताया कि करीब 2 लाख रुपये की लागत वाली इस इकाई पर 40 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। किसान ज़िला बागवानी अधिकारी के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। सरकार प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता भी देगी।
मशरूम की खेती से बढ़ाएँ कमाई
पंजाब सरकार किसानों को पारंपरिक गेहूँ-धान की खेती से आगे बढ़ाकर फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने 'राज्य योजना' के तहत मशरूम उत्पादन इकाइयाँ स्थापित करने वाले किसानों को अधिकतम 80,000 रुपये तक की सब्सिडी देने का फैसला किया है। इस योजना का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और कम ज़मीन व कम पानी में अधिक मुनाफ़ा देने वाली खेती को बढ़ावा देना है। खास बात यह है कि छोटे और सीमांत किसान भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं, क्योंकि मशरूम उत्पादन के लिए बड़े खेत की आवश्यकता नहीं होती।
पंजाब के बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने समाचार एजेंसी PTI को बताया कि किसान लगभग 2 लाख रुपये की अनुमानित लागत से एक छोटी मशरूम उत्पादन इकाई स्थापित कर सकते हैं। राज्य योजना के तहत बागवानी विभाग पात्र किसानों को परियोजना लागत का 40 प्रतिशत अनुदान देता है, जिसकी अधिकतम सीमा 80,000 रुपये निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि मशरूम की खेती कम निवेश, कम पानी और सीमित भूमि में शुरू की जा सकती है, जबकि इसकी बाज़ार में अच्छी माँग होने के कारण किसानों को बेहतर आमदनी मिलने की संभावना रहती है।
मोहिंदर भगत ने बताया कि एक छोटी मशरूम उत्पादन इकाई करीब 1,800 वर्ग फुट क्षेत्र में स्थापित की जा सकती है। यही वजह है कि छोटे और सीमांत किसान भी आसानी से इस व्यवसाय की शुरुआत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार लंबे समय से किसानों को पारंपरिक फसल चक्र से बाहर निकालकर फसल विविधीकरण की दिशा में काम कर रही है और मशरूम उत्पादन पर दी जा रही सब्सिडी इसी रणनीति का हिस्सा है। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को आय का एक अतिरिक्त और बेहतर स्रोत मिलेगा।
योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान 'राज्य योजना' के तहत आवेदन करने के लिए अपने नज़दीकी ज़िला बागवानी अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। विभाग किसानों को आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और आवश्यक दस्तावेज़ों की जानकारी उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा सरकार केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दे रही, बल्कि मशरूम उत्पादन शुरू करने वाले किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और उत्पादन इकाई के सफल संचालन के लिए विशेषज्ञ सहायता भी उपलब्ध कराएगी, ताकि नए किसान बिना किसी तकनीकी कठिनाई के मशरूम की खेती शुरू कर सकें।
पंजाब के बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने समाचार एजेंसी PTI को बताया कि किसान लगभग 2 लाख रुपये की अनुमानित लागत से एक छोटी मशरूम उत्पादन इकाई स्थापित कर सकते हैं। राज्य योजना के तहत बागवानी विभाग पात्र किसानों को परियोजना लागत का 40 प्रतिशत अनुदान देता है, जिसकी अधिकतम सीमा 80,000 रुपये निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि मशरूम की खेती कम निवेश, कम पानी और सीमित भूमि में शुरू की जा सकती है, जबकि इसकी बाज़ार में अच्छी माँग होने के कारण किसानों को बेहतर आमदनी मिलने की संभावना रहती है।