मई की शुरुआत के साथ ही देशभर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। एक तरफ उत्तर भारत के कई राज्यों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, तो दूसरी तरफ कई इलाकों में तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने का खतरा बढ़ गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 3 मई के लिए कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और हीटवेव को लेकर अलर्ट जारी किया है
उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी से राहत
उत्तर-पश्चिम भारत की बात करें तो जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 3 से 8 मई तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान में भी 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और धूल भरी आंधी का भी खतरा जताया गया है। दिल्ली-एनसीआर में भी हाल के दिनों में हुई बारिश ने गर्मी से राहत दी है और आज भी मौसम सुहाना रहने की संभावना है।
4 से 6 मई के बीच उत्तर प्रदेश में बारिश
उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। IMD के मुताबिक पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 6 मई के बीच गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट है। बिहार और झारखंड में भी आंधी-पानी के साथ कुछ जगहों पर ओले गिर सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश
पूर्वोत्तर भारत में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में तेज बारिश के साथ तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है।
दक्षिण के कई राज्यों में बारिश
दक्षिण भारत में केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ जगहों पर हीटवेव की स्थिति भी बन सकती है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है क्योंकि बंगाल की खाड़ी में मौसम खराब बना हुआ है।
मध्य भारत में भी तेज हवाओं का अलर्ट
मध्य भारत के मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में भी गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी सिस्टम की वजह से देशभर में मौसम के अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक लोगों को बदलते मौसम के बीच सतर्क रहने की जरूरत है। किसान खेतों में काम करने से पहले स्थानीय मौसम पूर्वानुमान जरूर देखें और खराब मौसम के दौरान पेड़ों या खुले स्थानों से दूर रहें।