Rajasthan: गाँवों में 3,219 KM सड़कें बनेगी, हजारों खेत तालाबों का लक्ष्य, पंचायत में खुलेंगे अटल ज्ञान केंद्र
Mansi | Sept 03, 2026, 19:05 IST
राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की एक नई लहर आएगी। सड़क और सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करते हुए, 2026-27 तक 1,500 किलोमीटर नई सड़कें बनाई जाएँगी। किसानों के लिए 18,000 खेत तालाब और 8,000 डिग्गियों का निर्माण किया जाएगा। युवा प्रतिभाओं के लिए व्यवसाय और खेल में अवसर प्रदान करने के साथ-साथ, ग्राम पंचायतों में अटल ज्ञान केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।
राजस्थान के गाँवों में सड़क, सिंचाई, शिक्षा और खेल सुविधाओं को मजबूत करने की तैयारी
राजस्थान के गाँवों में सड़क और सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ युवाओं के लिए पढ़ाई, रोजगार और खेल के अवसर बढ़ाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में ग्रामीण विकास से जुड़ी कई योजनाओं की प्रगति और आने वाले कामों की समीक्षा की गई। सरकार का फोकस गांवों को बेहतर सड़क संपर्क देने, खेती के लिए पानी और आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने, युवाओं को डिजिटल संसाधनों से जोड़ने और पंचायत स्तर पर खेल सुविधाएं विकसित करने पर है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं को सिर्फ कागज़ों तक सीमित न रखने, बल्कि उनका लाभ ग्रामीण इलाकों तक समय पर पहुँचाने के निर्देश दिए। सरकार का लक्ष्य है कि सड़क, सिंचाई, कृषि, डिजिटल शिक्षा और रोजगार जैसी सुविधाओं को एक साथ मजबूत करके गांवों में विकास की रफ्तार बढ़ाई जाए।
ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क को बेहतर करने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के तहत कुल 3,219 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाई जानी हैं। इसमें से 1,500 किलोमीटर सड़क का निर्माण 2026-27 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बाकी काम अगले वित्तीय वर्ष में पूरा किया जाएगा। इसके अलावा, 5,000 से अधिक आबादी वाले ग्रामीण क्षेत्रों में सीमेंट-कंक्रीट की सड़कों का निर्माण भी जारी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सड़क निर्माण में उन स्थानों को प्राथमिकता दी जाए, जहां से ग्रामीणों को स्कूल, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक संस्थानों तक पहुँचने में आसानी हो।
राजस्थान जैसे राज्य में खेती के लिए पानी की उपलब्धता ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अहम आधार है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार 18,000 खेत तालाब और 8,000 डिग्गियां बनाने की योजना पर काम करेगी। इन जल संरचनाओं का उद्देश्य खेतों में सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाना है। सरकार कृषि क्षेत्र में किसानों की लागत कम करने और खेती को आसान बनाने के लिए उपकरणों पर भी सहायता देगी। चालू वर्ष में 50,000 कृषि उपकरण इकाइयों के लिए किसानों को अनुदान देने का लक्ष्य रखा गया है।
राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में आवारा और जंगली जानवरों से फसलों को होने वाला नुकसान किसानों के लिए बड़ी परेशानी है। इससे बचाव के लिए किसानों को 2 करोड़ मीटर लंबी बाड़बंदी के लिए भी सब्सिडी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को इन योजनाओं की निगरानी जमीन पर करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुँचने में किसी तरह की दिक्कत न हो और सरकारी सहायता का वास्तविक फायदा खेत तक पहुंचे।
ग्रामीण युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से हर ग्राम पंचायत मुख्यालय पर चरणबद्ध तरीके से ‘अटल ज्ञान केंद्र’ स्थापित किए जाएँगे। इन केंद्रों में सामान्य पुस्तकालय के साथ ई-लाइब्रेरी की सुविधा भी होगी। यहाँ युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए संसाधन, करियर से जुड़ी सलाह, रोजगारपरक प्रशिक्षण और सरकारी सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराने की योजना है। इस पहल से गाँव के युवाओं को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जरूरी संसाधनों के लिए बड़े शहरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
ग्रामीण विकास के इस प्लान में खेल सुविधाओं को भी शामिल किया गया है। सरकार ग्राम पंचायत स्तर पर खेल के मैदान विकसित करने की दिशा में काम करेगी, ताकि गाँव के बच्चों और युवाओं को स्थानीय स्तर पर खेल के लिए बेहतर जगह मिल सके। बैठक में मुख्यमंत्री ने वीबी-जी राम जी योजना के तहत राजस्थान के गांवों को ग्रामीण विकास का बेहतर मॉडल बनाने पर जोर दिया। सरकार की इन पहलों में सड़क और पानी जैसी बुनियादी जरूरतों के साथ शिक्षा, रोजगार, कृषि और खेल को जोड़ने की कोशिश दिखाई देती है। इसका मकसद गांवों में ऐसी सुविधाएं तैयार करना है, जिनसे ग्रामीण परिवारों और युवाओं को रोजमर्रा की जरूरतों के साथ आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिल सकें।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं को सिर्फ कागज़ों तक सीमित न रखने, बल्कि उनका लाभ ग्रामीण इलाकों तक समय पर पहुँचाने के निर्देश दिए। सरकार का लक्ष्य है कि सड़क, सिंचाई, कृषि, डिजिटल शिक्षा और रोजगार जैसी सुविधाओं को एक साथ मजबूत करके गांवों में विकास की रफ्तार बढ़ाई जाए।