किसानों के लिए फंड की कमी आड़े नहीं आएगी, कृषि मेले में बोले राजनाथ सिंह, कहा- मेरे अंदर का किसान आज भी जिंदा
Gaon Connection | Apr 11, 2026, 16:46 IST
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि किसानों के लिए धन की कमी आड़े नहीं आएगी। सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। रक्षा मंत्रालय सीधे किसानों से जैविक फल-सब्जियां खरीद रहा है। मोटे अनाज को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्नत कृषि मेले में महिलाओं के स्टॉल पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मध्य प्रदेश के रायसेन में शनिवार को कहा कि कृषि क्षेत्र के लिए और अधिक काम करने में धन की कमी बाधा नहीं बनेगी। उन्होंने कहा कि किसानों के जीवन में बदलाव लाने के लिए सरकार ने कई प्रयास किए हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है और अभी और काम करने की जरूरत है।
रायसेन में आयोजित तीन दिवसीय उन्नत कृषि मेले को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादकता को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, सॉइल हेल्थ कार्ड और थोक मंडियों के ऑनलाइन नेटवर्क जैसी कई योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा, “इन प्रयासों से किसानों के जीवन में बदलाव आया है, लेकिन यह बदलाव अभी पर्याप्त नहीं है। कृषि क्षेत्र और गांवों के लिए हमें और अधिक काम करना होगा। हम फंड को लेकर चिंतित नहीं होंगे, फंड की कमी कोई बाधा नहीं बनेगी।”
अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि उनके अंदर का किसान कभी खत्म नहीं हुआ। उन्होंने कहा, “अपने राजनीतिक जीवन में मैं पहले कृषि मंत्री भी रह चुका हूं। जहां भी गया, मेरे अंदर का किसान हमेशा जिंदा रहा है। आमतौर पर लोग रक्षा मंत्री को केवल सैनिकों और देश की सुरक्षा से जोड़कर देखते हैं, लेकिन मेरे अंदर का किसान आज भी मौजूद है।” किसानों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए उन्होंने बताया कि रक्षा मंत्रालय ने कैंटोनमेंट क्षेत्रों के लिए किसानों से सीधे ऑर्गेनिक फल और सब्जियां खरीदना शुरू किया है। उन्होंने कहा कि पहले फल-सब्जियां दूर-दराज से लाई जाती थीं, जिससे उनकी ताजगी कम हो जाती थी, लेकिन अब सीधे किसानों से खरीदारी होने से उन्हें बेहतर दाम मिलेंगे और सैनिकों को भी ताजा उत्पाद मिलेंगे।
रक्षा मंत्रालय द्वारा मोटे अनाज यानी ‘श्री अन्न’ को बढ़ावा देने की भी जानकारी देते हुए सिंह ने कहा कि कैंटीन स्टोर्स विभाग के जरिए ज्वार, बाजरा और रागी जैसे अनाजों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “सशस्त्र बलों में ज्वार, बाजरा और रागी के आटे को शामिल किया गया है। इसके जरिए हम ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे को फिर से सार्थक बना रहे हैं।” सिंह ने कहा कि इन पहलों से किसानों की आय बढ़ाने और जैविक खेती को बढ़ावा देने में मदद मिली है। उन्होंने युवाओं से भी कृषि क्षेत्र से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि खेती में अपार संभावनाएं हैं और यदि युवा इसमें आएंगे तो किसानों की आय और कृषि अर्थव्यवस्था दोनों मजबूत होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि ड्रोन, सेंसर और मोबाइल तकनीक के माध्यम से खेती को स्मार्ट बनाया जा सकता है और सरकार इस दिशा में हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि खेती गर्व का विषय बने और किसान सम्मान के साथ जीवन जी सकें।
इस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाकर, उत्पादकता बढ़ाते हुए और लागत घटाकर भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। उन्होंने बताया कि सरकार विभिन्न राज्यों के लिए उनके कृषि-जलवायु परिस्थितियों के आधार पर कृषि रोडमैप तैयार करेगी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री तथा केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
हमें और अधिक काम करना होगा: राजनाथ सिंह
'मेरे अंदर का किसान आज भी जिंदा'
ऐसे खेती को स्मार्ट बनाया जा सकता है
इस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाकर, उत्पादकता बढ़ाते हुए और लागत घटाकर भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। उन्होंने बताया कि सरकार विभिन्न राज्यों के लिए उनके कृषि-जलवायु परिस्थितियों के आधार पर कृषि रोडमैप तैयार करेगी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री तथा केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।