Ranchi Protest: 25 जुलाई से धरने पर बैठे झारखंड के छात्रों ने आधी रात 'गाँव कनेक्शन' से बयां किया अपना दर्द; जानें क्या कहा
Umang | Aug 07, 2026, 13:55 IST
झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में धाँधली के आरोपों को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं। राँची में सैकड़ों अभ्यर्थी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में शांतिपूर्ण धरने पर बैठे हुए हैं। वे झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं की सीबीआई जाँच की माँग कर रहे हैं। छात्र अपनी पीड़ा और भविष्य की उम्मीदों को लेकर अपनी बात खुलकर रख रहे हैं।
राँची में छात्रों का प्रोटेस्ट कैंप
झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धाँधली के आरोपों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज़ होता जा रहा है। 25 जुलाई से राँची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में सैकड़ों अभ्यर्थी शांतिपूर्ण धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और झारखंड सामान्य स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (जेएसएससी-सीजीएल) सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) से जाँच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों के बावजूद उनकी माँगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी वजह से बड़ी संख्या में छात्र धरना स्थल पर डटे हुए हैं। गुरुवार (6 अगस्त) की आधी रात गाँव कनेक्शन के रिपोर्टर अभिषेक पांडेय ने आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत की। इस दौरान छात्रों ने अपनी पीड़ा, उम्मीद और आगे की रणनीति को लेकर खुलकर अपनी बात रखी।
प्रदर्शनकारी छात्र देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, “मैं पिछले पाँच दिनों से भूख हड़ताल पर हूँ। अभी मुझे छाती में दर्द हो रहा है और मैं बोलने में असमर्थ हूँ। यह प्रदर्शन लाखों युवाओं, माताओं की उम्मीद और उनके भविष्य के लिए है।”
प्रदर्शन कर रही छात्रा सविता कुमारी ने कहा, “मैं कई दिनों से अनशन पर हूँ। सरकार हमें लगातार छल रही है। अब तक हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई। मैं 2019 से JPSC की तैयारी कर रही हूँ, लेकिन धाँधली के कारण पूरे झारखंड के अभ्यर्थी परेशान हैं।”
प्रदर्शनकारी छात्र राहुल पाल ने कहा, “सरकार न तो समय बता रही है और न ही कोई तिथि, लेकिन हमें उम्मीद है क्योंकि दुनिया उम्मीद पर ही टिकी होती है। यदि सरकार हमारी बात नहीं मानती है, तो हम लोग आंदोलन के दूसरे चरण के लिए तैयार हैं।”
प्रदर्शन में शामिल छात्र राहुल क्रांति ने कहा, "मेरा नाम राहुल क्रांति है। शिक्षा के लिए आवाज़ उठाने पर अभ्यर्थियों ने मुझे ‘क्रांति’ नाम दिया। मैं अंतिम साँस तक शिक्षा के लिए संघर्ष करता रहूँगा।”
प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य माँग है कि झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा (जेएसएससी-सीजीएल) सहित सरकारी भर्तियों में कथित अनियमितताओं की सीबीआई से निष्पक्ष जाँच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई तो लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित होगा।
छात्र 25 जुलाई से राँची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हैं और उनका कहना है कि जब तक उनकी माँगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं कुछ छात्र अनशन और भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं तथा सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों के बावजूद उनकी माँगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी वजह से बड़ी संख्या में छात्र धरना स्थल पर डटे हुए हैं। गुरुवार (6 अगस्त) की आधी रात गाँव कनेक्शन के रिपोर्टर अभिषेक पांडेय ने आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत की। इस दौरान छात्रों ने अपनी पीड़ा, उम्मीद और आगे की रणनीति को लेकर खुलकर अपनी बात रखी।
गाँव कनेक्शन से छात्रों ने क्या कहा?
देवेंद्र नाथ
सविता कुमारी
राहुल पाल
राहुल क्रांति