Ranchi Protest: 5 घंटे की बैठक बेनतीजा, झारखंड विधानसभा की ओर बढ़े अभ्यर्थी; पुलिस ने चलाया वाटर कैनन
Umang | Aug 10, 2026, 13:07 IST
झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में धांधली के विरोध में छात्रों का आंदोलन सोमवार को तेज हो गया। छात्र सोमवार को विधानसभा घेराव के लिए जुटे और पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। रविवार को छात्रों और सरकार के बीच हुई बातचीत किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। छात्र जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।
राँची में छात्रों का शक्ति प्रदर्शन
झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धाँधली के आरोपों को लेकर छात्रों का आंदोलन सोमवार, 10 अगस्त को और तेज़ हो गया। 25 जुलाई से राँची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने रविवार की मैराथन वार्ता बेनतीजा रहने के बाद आज विधानसभा घेराव का ऐलान किया था। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में छात्र पुरानी विधानसभा के पास जुटे और नई विधानसभा की ओर मार्च शुरू किया। विधानसभा की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की और बाद में वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
प्रदर्शनकारी झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, झारखंड सामान्य स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (जेएसएससी-सीजीएल) समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) से जाँच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। रविवार को छात्रों और राज्य सरकार के बीच करीब पाँच घंटे तक तीन दौर में बातचीत हुई, लेकिन जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने और पूरी प्रक्रिया की सीबीआई जाँच की माँग पर सहमति नहीं बन सकी। सरकार का दावा है कि छात्रों की करीब 98 प्रतिशत माँगें मान ली गई हैं, लेकिन छात्र प्रतिनिधि सीजीएल परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जाँच की माँग पर अब भी अड़े हैं।
![विधानसभा घेराव के लिए जाते लोग]()
![25 जुलाई से धरने पर बैठे हैं अभ्यर्थी]()
सरकार की ओर से कहा गया है कि छात्रों की करीब 98 प्रतिशत माँगों पर सहमति बन चुकी है। इनमें 14वीं जेपीएससी पीटी और एसीएफ परीक्षा रद्द करना, टीडीपीएल एजेंसी की परीक्षाओं की जाँच और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन शामिल है। वहीं, छात्र प्रतिनिधियों की मुख्य माँग जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई से जाँच कराने की है। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का कहना है कि सीजीएल परीक्षा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुई थी। ऐसे में राज्य सरकार के पास इसे रद्द करने या सीधे सीबीआई जाँच का आदेश देने का अधिकार नहीं है।
रविवार की बातचीत विफल रहने के बाद छात्रों ने सोमवार, 10 अगस्त को पूर्व घोषित विधानसभा घेराव शुरू किया। सुबह से ही प्रदर्शनकारी पुरानी विधानसभा के आसपास जुटने लगे और वहाँ से नई विधानसभा की ओर शांतिपूर्ण मार्च शुरू किया। सोमवार को राँची में छात्रों की बड़ी संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई।
विधानसभा की ओर बढ़ते प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की। छात्रों ने आगे बढ़ने के दौरान बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश भी की। इसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की तेज़ बौछार के बीच कुछ छात्र रेन डांस करते भी नज़र आए। छात्रों ने इसे अपने विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनाया। मौके पर आंदोलन और सुरक्षा व्यवस्था दोनों जारी रहे।
विधानसभा घेराव को देखते हुए राँची प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। इसके अलावा कई स्थानों पर बैरिकेडिंग और कंटीले तार लगाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
अब सबकी नज़र इस बात पर है कि विधानसभा घेराव के बाद सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बना गतिरोध किस तरह ख़त्म होता है। फिलहाल छात्र जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जाँच की माँग पर कायम हैं, जबकि सरकार अपनी ओर से अधिकांश माँगें मान लिए जाने की बात कह रही है।
Report & Photos: Abhishek Pandey
प्रदर्शनकारी झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, झारखंड सामान्य स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (जेएसएससी-सीजीएल) समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) से जाँच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। रविवार को छात्रों और राज्य सरकार के बीच करीब पाँच घंटे तक तीन दौर में बातचीत हुई, लेकिन जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने और पूरी प्रक्रिया की सीबीआई जाँच की माँग पर सहमति नहीं बन सकी। सरकार का दावा है कि छात्रों की करीब 98 प्रतिशत माँगें मान ली गई हैं, लेकिन छात्र प्रतिनिधि सीजीएल परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जाँच की माँग पर अब भी अड़े हैं।
विधानसभा घेराव के लिए जाते लोग
छात्रों और सरकार के बीच बातचीत में क्या हुआ?
25 जुलाई से धरने पर बैठे हैं अभ्यर्थी
सरकार की ओर से कहा गया है कि छात्रों की करीब 98 प्रतिशत माँगों पर सहमति बन चुकी है। इनमें 14वीं जेपीएससी पीटी और एसीएफ परीक्षा रद्द करना, टीडीपीएल एजेंसी की परीक्षाओं की जाँच और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन शामिल है। वहीं, छात्र प्रतिनिधियों की मुख्य माँग जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई से जाँच कराने की है। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का कहना है कि सीजीएल परीक्षा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुई थी। ऐसे में राज्य सरकार के पास इसे रद्द करने या सीधे सीबीआई जाँच का आदेश देने का अधिकार नहीं है।
आज विधानसभा घेराव के दौरान क्या हुआ?
विधानसभा की ओर बढ़ते प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की। छात्रों ने आगे बढ़ने के दौरान बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश भी की। इसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की तेज़ बौछार के बीच कुछ छात्र रेन डांस करते भी नज़र आए। छात्रों ने इसे अपने विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनाया। मौके पर आंदोलन और सुरक्षा व्यवस्था दोनों जारी रहे।
विधानसभा के आसपास कैसी है सुरक्षा व्यवस्था?
अब सबकी नज़र इस बात पर है कि विधानसभा घेराव के बाद सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बना गतिरोध किस तरह ख़त्म होता है। फिलहाल छात्र जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जाँच की माँग पर कायम हैं, जबकि सरकार अपनी ओर से अधिकांश माँगें मान लिए जाने की बात कह रही है।
Report & Photos: Abhishek Pandey