Rashtriya Gokul Mission: हरियाणा में स्वदेशी मवेशी संख्या और दूध उत्पादन में भारी वृद्धि

Gaon Connection | Apr 02, 2026, 11:13 IST
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हरियाणा में गोकुल मिशन का प्रभाव साफ दिखाई दे रहा है। स्वदेशी जानवरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। किसानों को कृत्रिम गर्भाधान से बेहतरीन लाभ मिल रहा है।
राज्य में स्वदेशी मवेशियों की संख्या में अच्छी बढ़ोतरी
राज्य में स्वदेशी मवेशियों की संख्या में अच्छी बढ़ोतरी
हरियाणा में राष्ट्रीय गोकुल मिशन का असर अब साफ नजर आने लगा है। केंद्रीय मंत्री Rajiv Ranjan Singh ने राज्यसभा में जानकारी दी कि इस योजना के चलते राज्य में स्वदेशी मवेशियों की संख्या में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। 19वीं और 20वीं पशुधन जनगणना के बीच यह संख्या 8,12,013 से बढ़कर 9,49,541 हो गई, यानी करीब 16.94 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह बढ़ोतरी बताती है कि स्वदेशी नस्लों के संरक्षण और विकास के प्रयास सफल हो रहे हैं।

कृत्रिम गर्भाधान (AI) की हो रही तैयारी

इस मिशन के तहत हरियाणा को 113.60 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता दी गई है, जिसका उपयोग दुधारू पशुओं के विकास, नस्ल सुधार और जरूरी सुविधाओं के निर्माण में किया जा रहा है। सरकार कृत्रिम गर्भाधान (AI) पर भी जोर दे रही है, जिससे किसानों को बेहतर नस्ल के पशु मिल सकें। अब तक 9.41 लाख कृत्रिम गर्भाधान किए जा चुके हैं, जिससे 6.36 लाख पशुओं और करीब 4.7 लाख किसानों को फायदा मिला है। साथ ही लिंग-विभाजित वीर्य (sexed semen) को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसकी कीमत 800 रुपये से घटकर 250 रुपये प्रति खुराक हो गई है और किसानों को इस पर 50 प्रतिशत तक सहायता भी मिलती है।

स्वदेशी नस्लों का आनुवंशिक सुधार

हिसार में स्थापित IVF लैब के जरिए स्वदेशी नस्लों का आनुवंशिक सुधार किया जा रहा है। अब तक 535 भ्रूण तैयार किए जा चुके हैं और सफल गर्भधारण पर किसानों को 5000 रुपये तक की मदद दी जाती है। बेहतर गुणवत्ता वाले सांड तैयार करने के लिए वंश परीक्षण और चयन कार्यक्रम भी चल रहा है, जिसके तहत अब तक 4620 उच्च गुणवत्ता वाले सांड तैयार किए गए हैं। इसके अलावा किसानों को जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण, शिविर और प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं।

दूध उत्पादन में बढ़ोतरी

इन सभी प्रयासों का असर पशुधन की उत्पादकता और दूध उत्पादन पर भी साफ दिख रहा है। 2014-15 में जहां प्रति पशु प्रतिदिन दूध उत्पादन 7.69 किलोग्राम था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 10.70 किलोग्राम हो गया, यानी करीब 39 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कुल दूध उत्पादन भी 79.01 लाख टन से बढ़कर 125.93 लाख टन हो गया है, जो लगभग 59 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाता है। कुल मिलाकर, राष्ट्रीय गोकुल मिशन हरियाणा में पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है।
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