सरकारी चावल ख़रीद में ज़बरदस्त उछाल, 99% लक्ष्य पूरा; रबी सीज़न की रिकॉर्ड ख़रीद से भरे केंद्रीय भंडार
Umang | Aug 06, 2026, 11:32 IST
मार्केटिंग वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार ने 4 अगस्त तक 571.14 लाख टन चावल की ख़रीद कर अपने कुल लक्ष्य का लगभग 99 प्रतिशत हासिल कर लिया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक है। रबी सीज़न में चावल की सरकारी ख़रीद 18 प्रतिशत बढ़कर 86.71 लाख टन पहुँच गई है, जिसमें तेलंगाना, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा का सबसे बड़ा योगदान रहा। कृषि मंत्रालय को इस वर्ष भी बेहतर चावल उत्पादन की उम्मीद है, जबकि नए विपणन वर्ष से पहले सरकार को मौजूदा भंडार के प्रबंधन पर भी ध्यान देना होगा।
सरकार ने पिछले साल से 5% ज़्यादा चावल खरीदा
केंद्र सरकार ने मार्केटिंग वर्ष 2025-26 में धान से तैयार चावल की सरकारी ख़रीद में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है। अब तक सरकार अपने कुल ख़रीद लक्ष्य का लगभग 99 प्रतिशत हासिल कर चुकी है। पिछले वर्ष की तुलना में सरकारी ख़रीद में 5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि रबी सीज़न में चावल की ख़रीद 18 प्रतिशत बढ़ी है। इससे सरकारी भंडार मज़बूत हुआ है और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होने की संभावना है।
हालाँकि, एक अक्टूबर से नए विपणन वर्ष 2026-27 की शुरुआत होने वाली है। ऐसे में सरकार के सामने मौजूदा भंडार का समय पर निपटान भी बड़ी चुनौती होगी। इस बीच देश में अब तक धान की बुआई में केवल 2 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। यदि अगस्त और सितंबर में मानसून सामान्य रहता है, तो इस बार भी अच्छी पैदावार होने की उम्मीद बनी हुई है।
सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए कुल 575.52 लाख टन चावल ख़रीदने का लक्ष्य तय किया था। इसमें खरीफ़ फसल से 485.95 लाख टन और रबी फसल से 89.57 लाख टन चावल की ख़रीद शामिल है। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार 4 अगस्त तक सरकार 571.14 लाख टन चावल की ख़रीद कर चुकी है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आँकड़ा 542.85 लाख टन था। यानी इस वर्ष अब तक लगभग 5 प्रतिशत अधिक ख़रीद दर्ज की गई है। खरीफ़ सीज़न की ख़रीद सभी राज्यों में पूरी हो चुकी है, जबकि रबी सीज़न की ख़रीद 30 सितंबर तक जारी रहेगी।
रबी सीज़न के दौरान सबसे अधिक चावल की ख़रीद तेलंगाना से हुई है, जहाँ से अब तक 42.69 लाख टन चावल ख़रीदा गया है। इसके बाद तमिलनाडु से 13.20 लाख टन, आंध्र प्रदेश से 11.83 लाख टन और ओडिशा से 11.04 लाख टन चावल की सरकारी ख़रीद हुई है। सरकार ने रबी सीज़न के लिए तेलंगाना से 43 लाख टन, तमिलनाडु से 14 लाख टन, ओडिशा से 11 लाख टन और आंध्र प्रदेश से 10 लाख टन ख़रीद का लक्ष्य रखा था। रबी सीज़न में कुल सरकारी ख़रीद बढ़कर 86.71 लाख टन हो गई है, जो पिछले वर्ष के 73.45 लाख टन की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक है।
इस वर्ष केंद्रीय पूल के लिए पंजाब से 104.86 लाख टन चावल की ख़रीद हुई, जो पिछले वर्ष के 116.13 लाख टन की तुलना में 9.7 प्रतिशत कम है। दूसरी ओर हरियाणा से सरकारी ख़रीद बढ़ी है। राज्य सरकार के अनुरोध पर अतिरिक्त चावल भी केंद्रीय पूल में शामिल किया गया, जिसके बाद हरियाणा से ख़रीद बढ़कर 41.58 लाख टन हो गई। पिछले वर्ष यह आँकड़ा 36.17 लाख टन था।
कृषि मंत्रालय के अनुमान के अनुसार वर्ष 2025-26 में खरीफ़ सीज़न में चावल का उत्पादन 124.76 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 122.77 मिलियन टन से अधिक है। वहीं रबी सीज़न में उत्पादन 18.11 मिलियन टन और ज़ायद सीज़न में 11.16 मिलियन टन रहने का अनुमान लगाया गया है। यदि आने वाले महीनों में मौसम अनुकूल रहता है, तो देश में चावल उत्पादन लगातार दूसरे वर्ष भी मज़बूत रहने की संभावना है।
हालाँकि, एक अक्टूबर से नए विपणन वर्ष 2026-27 की शुरुआत होने वाली है। ऐसे में सरकार के सामने मौजूदा भंडार का समय पर निपटान भी बड़ी चुनौती होगी। इस बीच देश में अब तक धान की बुआई में केवल 2 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। यदि अगस्त और सितंबर में मानसून सामान्य रहता है, तो इस बार भी अच्छी पैदावार होने की उम्मीद बनी हुई है।
लक्ष्य का 99 प्रतिशत पूरा, रबी सीज़न ने बढ़ाई रफ़्तार
तेलंगाना, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश से बढ़ी ख़रीद
पंजाब में कमी, हरियाणा से बढ़ी आपूर्ति
कृषि मंत्रालय के अनुमान के अनुसार वर्ष 2025-26 में खरीफ़ सीज़न में चावल का उत्पादन 124.76 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 122.77 मिलियन टन से अधिक है। वहीं रबी सीज़न में उत्पादन 18.11 मिलियन टन और ज़ायद सीज़न में 11.16 मिलियन टन रहने का अनुमान लगाया गया है। यदि आने वाले महीनों में मौसम अनुकूल रहता है, तो देश में चावल उत्पादन लगातार दूसरे वर्ष भी मज़बूत रहने की संभावना है।