इन 9 धान किस्मों की खेती करते हैं तो तुरंत करा लें रजिस्ट्रेशन, जानें सरकार के नए नियम और फायदे
Mansi | Aug 14, 2026, 17:41 IST
तेलंगाना सरकार ने धान की 9 किस्मों के लिए किसानों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही, सरकार ने नकली डीएपी बेचने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है, जिसके तहत कई लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। धान उत्पादक जिलों में मार्कफेड के गोदाम बनाने की एक पायलट परियोजना भी शीघ्र शुरू की जाएगी।
9 किस्म के धान की खेती के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी
तेलंगाना सरकार ने धान की खेती करने वाले किसानों के लिए एक अहम व्यवस्था लागू की है। अब राज्य में 9 चिन्हित धान किस्मों की खेती करने वाले किसानों को अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके लिए किसानों को अपने क्षेत्र के कृषि विस्तार अधिकारी (AEO) से संपर्क करना होगा।
सरकार का कहना है कि इस रजिस्ट्रेशन से धान की खेती से जुड़ी गतिविधियों और किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की बेहतर निगरानी हो सकेगी। कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि रायथु वेदिकाओं के ज़रिए किसानों को रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया और इसके फ़ायदों की जानकारी दी जाए।
तेलंगाना में चिन्हित 9 धान किस्मों की खेती करने वाले किसानों के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। सरकार चाहती है कि सभी संबंधित किसान समय पर अपना पंजीकरण पूरा कर लें। इसके लिए उन्हें कृषि विस्तार अधिकारियों से संपर्क करना होगा। इस व्यवस्था का मक़सद किसानों और उनकी फसलों से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित करना है, ताकि सरकारी योजनाओं और कृषि गतिविधियों की निगरानी बेहतर तरीके से की जा सके।
किसानों को नकली खाद से बचाने के लिए भी राज्य सरकार ने सख़्त रुख़ अपनाया है। कृषि अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि नकली DAP के मामलों में 8 लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किए गए हैं। इनमें से 6 आरोपियों को गिरफ़्तार किया जा चुका है। मंत्री ने अधिकारियों को साफ़ निर्देश दिए हैं कि नकली DAP के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख़्शा नहीं जाए। साथ ही यह पता लगाने को कहा गया है कि नकली DAP की कितनी मात्रा बाज़ार में बेची गई और इससे कितने किसान प्रभावित हुए। प्रभावित किसानों की पहचान करने और उन्हें हुए नुक़सान की भरपाई दोषियों से कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
धान के भंडारण की सुविधा बढ़ाने के लिए राज्य के प्रमुख धान उत्पादक ज़िलों में मार्कफेड के गोदाम बनाने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का सुझाव दिया गया है। इन गोदामों की कुल स्वीकृत क्षमता 65,000 मीट्रिक टन होगी। सरकार का मानना है कि इससे धान के भंडारण की क्षमता बढ़ेगी और किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर बाज़ार और भंडारण सुविधाएँ मिल सकेंगी।
कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में भी हिस्सा लिया। बैठक के दौरान तेलंगाना में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) और FFS ऐप के इस्तेमाल की सराहना की गई। तेलंगाना सरकार ने RKVY की दूसरी किस्त जल्द जारी करने की मांग रखी। केंद्रीय मंत्री ने राशि जल्द जारी करने का भरोसा दिया। राज्य सरकार ने तेलंगाना में पैदा होने वाली दालों की 100 प्रतिशत खरीद और मक्का समेत दूसरी फसलों के लिए विशेष खरीद सहायता की भी मांग की।
कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री ने राज्य में फसलों की मौजूदा स्थिति और किसान कल्याण योजनाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को सरकारी योजनाओं को तेज़ी से लागू करने के निर्देश दिए। कृषि मशीनीकरण योजना की समीक्षा के दौरान किसानों को सब्सिडी पर दी गई कृषि मशीनों का ब्योरा भी मांगा गया। मंत्री ने कहा कि किसानों को कृषि मशीनें उपलब्ध कराने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। ज़रूरत पड़ने पर खाली पदों को भरने और दूसरे विभागों के कर्मचारियों को कृषि विभाग में तैनात करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार का ज़ोर है कि किसानों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुँचे और खेती से जुड़ी सुविधाओं में किसी तरह की रुकावट न आए।
सरकार का कहना है कि इस रजिस्ट्रेशन से धान की खेती से जुड़ी गतिविधियों और किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की बेहतर निगरानी हो सकेगी। कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि रायथु वेदिकाओं के ज़रिए किसानों को रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया और इसके फ़ायदों की जानकारी दी जाए।