Rooftop Solar: बिजली बिल से राहत, छत पर सोलर लगवा रहे लाखों परिवार, CEEW अध्ययन में बड़ा खुलासा
Preeti Nahar | Jun 07, 2026, 16:20 IST
एक नए अध्ययन के मुताबिक देश के 81 प्रतिशत परिवारों ने माना कि रूफटॉप सोलर अपनाने की सबसे बड़ी वजह बिजली बिल में कमी है। वहीं सरकार की सब्सिडी योजनाओं और बढ़ती जागरूकता के चलते सोलर ऊर्जा की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह बदलाव ऊर्जा क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है।
छत पर सोलर लगवाने की ओर बढ़ रहे परिवार
हाल ही में हुए एक अध्ययन में सामने आया है कि देश में रूफटॉप सोलर अपनाने की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। दिलचस्प बात यह है कि ज्यादातर परिवारों ने सोलर लगाने की सबसे बड़ी वजह बिजली बिल में बचत को बताया है। इससे साफ है कि लोग अब केवल पर्यावरण नहीं, बल्कि अपनी जेब का भी हिसाब देख रहे हैं।
17,000 से अधिक परिवारों को किया गया शामिल
अध्ययन को Ministry of New & Renewable Energy (MNRE) के कार्यक्रम 'पीएम-सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के दो वर्ष: एक करोड़ सोलर घरों की ओर बढ़ते कदम' के दौरान जारी किया गया। रिपोर्ट में सामने आया कि पीएम-सूर्य घर योजना/PM Surya Ghar Yojana शुरू होने के बाद आवासीय रूफटॉप सोलर की रफ्तार में उल्लेखनीय तेजी आई है। जहाँ 2017 से 2023 के बीच इसकी वार्षिक औसत वृद्धि दर (CAGR) 45 प्रतिशत थी, वहीं 2024 से 2026 के दौरान यह बढ़कर 85 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
बिजली बिल में बचत बना सबसे बड़ा कारण
अध्ययन के अनुसार 81 प्रतिशत परिवारों ने कहा कि उन्होंने या तो बिजली खर्च कम करने के लिए सोलर अपनाया है या अपनाने की योजना बना रहे हैं। लगातार बढ़ती बिजली खपत और महंगे बिलों के बीच यह विकल्प लोगों को आर्थिक राहत देता दिखाई दे रहा है।
तेजी से बढ़ रही है रूफटॉप सोलर की मांग
सरकार की योजनाओं से मिल रही मदद
गाँवों और किसानों के लिए भी फायदेमंद
पर्यावरण को भी मिलेगा फायदा
लोगों को अभी भी किन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है?
लेकिन आने वाले वर्षों में भारत में रूफटॉप सोलर सेक्टर तेजी से विस्तार करेगा। बढ़ती बिजली मांग, महंगे ऊर्जा स्रोत और स्वच्छ ऊर्जा की जरूरत इस बदलाव को और गति देंगे।
ऐसे में रूफटॉप सोलर केवल बिजली बचाने का माध्यम नहीं, बल्कि घरेलू बजट संभालने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता हासिल करने का एक मजबूत विकल्प बनता जा रहा है।