खाद की कालाबाजारी की सूचना दें, सरकार देगी ₹1000 का इनाम; जानिए किस नंबर पर करना है कॉल
Preeti Nahar | Jun 24, 2026, 16:13 IST
मध्य प्रदेश सरकार ने खाद की कालाबाजारी और नकली खाद की बिक्री रोकने के लिए 'सूचनादाता प्रोत्साहन योजना 2026' शुरू की है। इस योजना के तहत, खाद संबंधी गड़बड़ी की सही जानकारी देने वाले व्यक्ति को सफल कार्रवाई पर 1000 रुपये नकद मिलेंगे। पहचान गुप्त रखी जाएगी, जिससे किसान बिना डरे शिकायत कर सकें और खाद वितरण व्यवस्था पारदर्शी बने।
खाद माफियाओं की सूचना देने वालों को मिलेगा ₹1000
खरीफ सीजन में जैसे-जैसे खाद की मांग बढ़ती है, वैसे-वैसे कई इलाकों से खाद की कालाबाजारी, नकली खाद की बिक्री और किसानों को तय कीमत से ज्यादा दाम पर उर्वरक बेचने की शिकायतें भी सामने आने लगती हैं। इन समस्याओं पर रोक लगाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। राज्य सरकार ने ‘सूचनादाता प्रोत्साहन योजना 2026’ लागू की है, जिसके तहत खाद से जुड़े गड़बड़ी के मामलों की जानकारी देने वाले लोगों को सफल कार्रवाई होने पर नकद प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
सरकार का कहना है कि कई बार किसानों और ग्रामीणों को अपने आसपास खाद की अवैध बिक्री, जमाखोरी या नकली उर्वरक के कारोबार की जानकारी होती है, लेकिन पहचान उजागर होने के डर से वे शिकायत नहीं कर पाते। नई योजना का उद्देश्य ऐसे लोगों को आगे आने के लिए प्रोत्साहित करना है ताकि खाद वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जा सके और किसानों तक सही समय पर सही खाद पहुंच सके।
इस योजना के तहत कोई भी व्यक्ति खाद की कालाबाजारी, अवैध बिक्री, नकली या मिलावटी उर्वरकों के निर्माण और बिक्री या फिर अनुदानित उर्वरकों जैसे यूरिया के बिना अनुमति के औद्योगिक उपयोग से जुड़ी जानकारी दे सकता है। सूचना देने के लिए मध्य प्रदेश किसान हेल्पलाइन 155253 जारी की गई है। जिसकी सूचना सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक इस नंबर पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। योजना पूरे मध्य प्रदेश में लागू रहेगी।
सूचना देते समय शिकायतकर्ता को घटना का स्थान, समय और गतिविधि का पूरा विवरण देना होगा। यदि संभव हो तो फोटो, वीडियो या अन्य दस्तावेजी साक्ष्य भी उपलब्ध कराने होंगे। संबंधित व्यक्ति या संस्था का नाम और पता भी साझा किया जा सकता है। सरकार ने यह भी व्यवस्था की है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, जिससे किसी तरह की परेशानी या दबाव का सामना न करना पड़े।
सरकारी प्रक्रिया के अनुसार शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन या संबंधित विभाग जांच दल गठित करेगा। यदि जांच में सूचना सही पाई जाती है और उसके आधार पर कार्रवाई होती है या दोष साबित होता है, तो सूचना देने वाले व्यक्ति को प्रति सूचना 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि सीधे उसके बैंक खाते में भेजी जाएगी।
सरकार का कहना है कि कई बार किसानों और ग्रामीणों को अपने आसपास खाद की अवैध बिक्री, जमाखोरी या नकली उर्वरक के कारोबार की जानकारी होती है, लेकिन पहचान उजागर होने के डर से वे शिकायत नहीं कर पाते। नई योजना का उद्देश्य ऐसे लोगों को आगे आने के लिए प्रोत्साहित करना है ताकि खाद वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जा सके और किसानों तक सही समय पर सही खाद पहुंच सके।