QR कोड स्कैन करें, राशन लें! मुफ़्त राशन में फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक, जानें सरकार की नई व्यवस्था से लाभार्थियों को क्या होगा फायदा

Mansi | Aug 14, 2026, 15:17 IST
Share

सरकारी राशन प्रणाली में नई सुधारों के तहत पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए एक विशेष पहल प्रदर्शित की जा रही है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत चयनित स्थानों पर लाभार्थियों को सीधे डिजिटल ई-रुपये प्रदान किए जाएँगे, जिसका उपयोग केवल राशन खरीदने के लिए किया जा सकेगा। यदि एक महीने में ये राशि खर्च नहीं की जाती, तो यह राशि सरकार के खाते में वापिस चली जाएगी।

डिजिटल-ई रुपये से राशन की ख़रीदारी
डिजिटल-ई रुपये से राशन की ख़रीदारी
सरकारी राशन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने नई पहल शुरू की है। अब कुछ जगहों पर लाभार्थियों को राशन खरीदने के लिए सीधे डिजिटल ई-रुपये दिए जाएँगे। इस व्यवस्था की शुरुआत चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली में की गई है। इसका मक़सद यह है कि सरकारी सहायता सही व्यक्ति तक पहुँचे और राशन वितरण में होने वाली गड़बड़ियों को कम किया जा सके।

चंडीगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस व्यवस्था की शुरुआत की। सरकार का कहना है कि डिजिटल तकनीक के ज़रिए राशन वितरण की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया जा सकता है।

डिजिटल ई-रुपये से कैसे मिलेगा राशन?

नई व्यवस्था में पात्र लाभार्थी के डिजिटल वॉलेट में सरकार की ओर से तय राशि ई-रुपये के रूप में भेजी जाएगी। इस राशि का इस्तेमाल सिर्फ़ राशन खरीदने के लिए किया जा सकेगा। यानी लाभार्थी इस पैसे को किसी दूसरे काम में खर्च नहीं कर पाएगा। राशन की दुकान पर पहुँचने के बाद लाभार्थी डिजिटल ई-रुपये से भुगतान कर सकेगा। स्मार्टफोन रखने वाले लोग दुकान पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करके राशन का भुगतान कर सकेंगे। वहीं, जिन लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं है, उनके लिए भी व्यवस्था रखी गई है। साधारण मोबाइल फ़ोन से ओटीपी के ज़रिए राशन की खरीद पूरी की जा सकेगी। इससे उन लोगों को भी डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने की कोशिश की गई है, जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है।

एक महीने में इस्तेमाल नहीं किया तो क्या होगा?

डिजिटल ई-रुपये की सबसे ख़ास बात यह है कि इसका इस्तेमाल तय समय और तय काम के लिए ही किया जा सकेगा। अगर लाभार्थी को एक महीने में दी गई राशि का इस्तेमाल नहीं करता है, तो बची हुई राशि अपने आप सरकार के खाते में वापस चली जाएगी। इससे सरकार को यह पता लगाने में भी मदद मिलेगी कि जारी की गई सहायता का इस्तेमाल वास्तव में राशन खरीदने के लिए हुआ या नहीं।

मनपसंद राशन चुनने की भी सुविधा

नई व्यवस्था में लाभार्थियों को सिर्फ़ गेहूं और चावल तक सीमित नहीं रखा गया है। चंडीगढ़ में उन्हें अपनी पसंद के अनुसार दाल और दूसरे खाद्य पदार्थ खरीदने का विकल्प भी दिया गया है। इसका मतलब यह है कि अगर किसी लाभार्थी को सरकारी दुकान पर उपलब्ध किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पसंद नहीं आती है, तो वह अपनी ज़रूरत के हिसाब से दूसरा विकल्प चुन सकता है। इससे राशन लेने वाले लोगों को भी कुछ हद तक अपनी पसंद के अनुसार सामान चुनने की आज़ादी मिलेगी।

फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगाने की कोशिश

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में कई बार ऐसे लोग भी सरकारी मुफ़्त राशन का लाभ उठा लेते हैं, जो इसके पात्र नहीं हैं। सरकार का ज़ोर इस बात पर है कि सरकारी सहायता वास्तव में ज़रूरतमंद और पात्र लोगों तक ही पहुँचे। इसी वजह से राशन वितरण में डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ाया जा रहा है। सरकार का मानना है कि डिजिटल भुगतान से लेन-देन का रिकॉर्ड रहेगा और राशन वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।

क्या लाभार्थियों का नाम राशन सूची से हटेगा?

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने साफ़ किया कि डिजिटल व्यवस्था शुरू करने का मतलब लाभार्थियों के नाम राशन सूची से हटाना नहीं है। इसका उद्देश्य केवल वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। स्मार्टफोन वाले लाभार्थी क्यूआर कोड से भुगतान कर सकेंगे, जबकि साधारण फ़ोन वाले लाभार्थी ओटीपी के ज़रिए राशन ले सकेंगे। इस तरह नई व्यवस्था में तकनीक के साथ-साथ उन लोगों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है, जो स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करते।
डिजिटल ई-रुपये के ज़रिए राशन वितरण की यह पहल सरकारी सहायता को सही लाभार्थी तक पहुँचाने और राशन व्यवस्था में होने वाली गड़बड़ियों को कम करने की कोशिश है। अब देखना होगा कि चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली में इसके लागू होने के बाद यह मॉडल कितना सफल रहता है और आगे इसे दूसरे क्षेत्रों में किस तरह विस्तार दिया जाता है।
Tags:
  • digital e-rupee
  • ration distribution
  • food security
  • covernment ration
  • qr code
  • digita; wallet
  • transparency
  • fraud prevention
  • beneficial
  • ration shop