Women's Day Special: यूपी में 9 हजार से ज्यादा महिला स्टार्टअप, गाँव-कस्बों की महिलाएं भी बन रहीं उद्यमी
Gaon Connection | Mar 07, 2026, 16:58 IST
उत्तर प्रदेश में महिला उद्यमिता का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश में 9 हजार से अधिक महिला संचालित स्टार्टअप सक्रिय हैं। ये स्टार्टअप टेक्नोलॉजी, एग्रीटेक, हेल्थकेयर और सर्विस सेक्टर में नए प्रयोग कर रहे हैं। सरकारी योजनाओं और निधि योजना से महिलाओं को प्रशिक्षण, मेंटरशिप और वित्तीय सहायता मिल भी रही है।
उत्तर प्रदेश के 25 महिला संचालित स्टार्टअप्स को मिली वित्तीय सहायता।
उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति तेजी से बढ़ रही है और इसमें महिलाओं की भागीदारी भी लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदेश में इस समय 9 हजार से अधिक महिला संचालित स्टार्टअप काम कर रहे हैं और इनकी संख्या में करीब 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। ये स्टार्टअप सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं हैं। अब छोटे शहरों और कस्बों की महिलाएं भी टेक्नोलॉजी, एग्रीटेक, हेल्थकेयर और सर्विस सेक्टर में नए प्रयोग कर रही हैं। इससे महिलाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने के नए रास्ते खुल रहे हैं।
महिलाओं के उद्यमिता की ओर बढ़ने के पीछे सरकारी योजनाओं की भी अहम भूमिका बताई जा रही है। प्रदेश में स्टार्टअप नीति और नवाचार से जुड़ी योजनाओं के जरिए महिलाओं को प्रशिक्षण, मेंटरशिप और आर्थिक मदद जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। इन योजनाओं की मदद से कई महिलाएँ अपने छोटे-छोटे बिजनेस आइडिया को स्टार्टअप में बदल पा रही हैं। इससे महिलाओं के लिए उद्यमिता का रास्ता पहले से ज्यादा आसान हुआ है।
महिला स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने में केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की निधि (NIDHI) योजना भी मदद कर रही है। इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश के 25 महिला स्टार्टअप्स को आर्थिक सहायता दी गई है। स्टार्टअप से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी नए स्टार्टअप के लिए शुरुआती दौर में आर्थिक मदद बहुत जरूरी होती है। इससे नए कारोबार को खड़ा होने और आगे बढ़ने में मदद मिलती है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए 1000 करोड़ रुपये का यूपी स्टार्टअप फंड बनाया है। इसमें से अब तक करीब 325 करोड़ रुपये अलग-अलग स्टार्टअप्स को दिए जा चुके हैं। इनमें 900 से ज्यादा महिला स्टार्टअप्स को भी लाभ मिला है। इस आर्थिक मदद से महिलाएँ अपने कारोबार को आगे बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने और बाजार में प्रतिस्पर्धा करने के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो रही हैं।
दिलचस्प बात यह है कि अब स्टार्टअप की दुनिया सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रही। उत्तर प्रदेश के छोटे शहरों और कस्बों की महिलाएं भी इसमें सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। कई महिलाएं स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर एग्रीटेक, डिजिटल सेवाओं और छोटे व्यवसायों के नए मॉडल तैयार कर रही हैं। इससे न सिर्फ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का मौका मिल रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। महिला दिवस के मौके पर सामने आए ये आंकड़े बताते हैं कि अगर सही अवसर और सहयोग मिले तो महिलाएं कारोबार की दुनिया में भी मजबूत पहचान बना सकती हैं।
सरकारी योजनाओं से मिल रहा सहारा
निधि योजना से भी मिली मदद
महिला संचालित स्टार्टअप बना रहे नई पहचान।
स्टार्टअप फंड से बढ़ा भरोसा
छोटे शहरों और कस्बों से भी आ रहीं नई पहल
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