UPI, ATM, LPG और टैक्स! 1 जून से बदल गये ये बड़े नियम, आपकी जेब पर बढ़ेगा बोझ या मिलेगा फायदा?
Umang | Jun 01, 2026, 10:42 IST
1 जून से आम लोगों की जेब और रोजमर्रा के वित्तीय कामकाज से जुड़े कई नियम बदल गए हैं। एडवांस टैक्स की पहली किस्त 15 जून तक जमा करनी होगी। UPI भुगतान में नया सत्यापन फीचर जोड़ा गया है। PNG और LPG कनेक्शन से जुड़े नियमों में बदलाव हुआ है। वहीं PAN, संपत्ति लेन-देन और सोलर प्रोजेक्ट्स से जुड़े नए प्रावधान भी प्रभावी हो गए हैं।
जून के नए नियम जानिए
जून महीने की शुरुआत के साथ ही आम लोगों की जेब और रोजमर्रा के वित्तीय कामकाज से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम बदल गए हैं। इन बदलावों का असर आयकर भुगतान, UPI ट्रांजैक्शन, LPG कनेक्शन, संपत्ति खरीद-बिक्री और सोलर प्रोजेक्ट्स तक देखने को मिलेगा। सरकार और विभिन्न नियामक संस्थाओं द्वारा लागू किए गए ये नए नियम लाखों उपभोक्ताओं, करदाताओं और निवेशकों को प्रभावित कर सकते हैं। आइये जानते हैं कि 1 जून 2026 से कौन-कौन से नियम बदल गए हैं।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स की पहली किस्त जमा करने की अंतिम तारीख 15 जून तय की गई है। जिन करदाताओं की अनुमानित कर देनदारी 10,000 रुपये से अधिक है, उन्हें इस तारीख तक कुल देय टैक्स का 15 प्रतिशत जमा करना होगा। समय पर भुगतान नहीं करने पर प्रति माह 1 प्रतिशत की दर से ब्याज देना पड़ सकता है। यह पहली बार है जब एडवांस टैक्स का पूरा चक्र आयकर अधिनियम 2025 और आयकर नियम 2026 के तहत संचालित होगा।
पुरानी कर व्यवस्था (Old Tax Regime) चुनने वाले वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए कुछ छूट सीमाओं में बढ़ोतरी की गई है। बच्चों की शिक्षा भत्ता (Children Education Allowance) पर मिलने वाली कर छूट 100 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति माह प्रति बच्चे कर दी गई है। वहीं हॉस्टल भत्ता (Hostel Allowance) की छूट सीमा बढ़ाकर 9,000 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। इसके अलावा बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद को भी 50 प्रतिशत HRA छूट वाले शहरों की सूची में शामिल किया गया है, जिससे इन शहरों में काम करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त कर लाभ मिल सकता है।
डिजिटल भुगतान को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने नया सत्यापन फीचर लागू किया है। अब QR कोड स्कैन करने या मोबाइल नंबर दर्ज कर भुगतान करते समय UPI ऐप पर प्राप्तकर्ता का बैंक में दर्ज सत्यापित नाम दिखाई देगा। इससे फर्जी नाम और नकली पहचान का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी करने वाले तत्वों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और उपभोक्ता पैसे भेजने से पहले लाभार्थी की सही पहचान कर सकेंगे।
सरकार शहरी क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठा रही है। नए दिशा-निर्देशों के तहत जिन घरों में सक्रिय PNG कनेक्शन है, वहां घरेलू LPG कनेक्शन बनाए रखने पर कुछ प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। तेल विपणन कंपनियों ने ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान शुरू कर दी है जो एक ही पते पर LPG और PNG दोनों सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं। हालांकि PNG अपनाने के बाद LPG कनेक्शन सरेंडर करने वाले उपभोक्ता जरूरत पड़ने पर भविष्य में उसे दोबारा सक्रिय करा सकेंगे।
बिना डेबिट कार्ड के QR कोड स्कैन कर UPI ATM से नकदी निकालने वाले ग्राहकों के लिए भी नियम बदल गए हैं। अब इस तरह की निकासी को सामान्य ATM लेनदेन की तरह माना जाएगा और यह बैंक खाते की मुफ्त मासिक ATM ट्रांजैक्शन सीमा में शामिल होगी। निर्धारित फ्री लिमिट खत्म होने के बाद ग्राहकों को प्रत्येक अतिरिक्त ट्रांजैक्शन पर 23 रुपये तक शुल्क देना पड़ सकता है। इसके साथ ही कुछ बैंकों ने करंट और अन्य खातों में नकद जमा से जुड़े नियम भी पहले की तुलना में अधिक सख्त कर दिए हैं।
जून की शुरुआत के साथ ही नई कार खरीदना महंगा हो गया है। देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों ने अपने वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। मारुति सुजुकी ने विभिन्न मॉडलों की कीमतों में 30,000 रुपये तक इजाफा किया है, जबकि हुंडई मोटर इंडिया ने बढ़ती उत्पादन लागत और महंगे कच्चे माल का हवाला देते हुए अपने वाहनों के दाम 12,800 रुपये तक बढ़ा दिए हैं। ऐसे में नई कार खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को अब पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।
संपत्ति खरीद-बिक्री और अन्य उच्च मूल्य के लेन-देन से जुड़े PAN नियमों में भी बदलाव किया गया है। कुछ मामलों में PAN की अनिवार्यता की सीमा बढ़ाई गई है, लेकिन बड़े सौदों पर रिपोर्टिंग नियम पहले की तरह लागू रहेंगे। 45 लाख रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति खरीद, गिफ्ट डीड और जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट के लिए PAN अनिवार्य रहेगा। वहीं एक वर्ष में 10 लाख रुपये से अधिक नकद निकासी करने पर भी इसकी सूचना संबंधित विभागों को देनी होगी।
सरकार ने चालू तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) पर 7.1 प्रतिशत और सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता रहेगा। इस फैसले से सुरक्षित निवेश पसंद करने वाले निवेशकों को स्थिरता मिलेगी।
1 जून से सरकार समर्थित, सब्सिडी वाले और नेट-मीटरिंग आधारित सभी सोलर प्रोजेक्ट्स में केवल Approved List of Models and Manufacturers (ALMM) में सूचीबद्ध सोलर मॉड्यूल का उपयोग करना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस नियम की समयसीमा आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। माना जा रहा है कि इससे घरेलू सोलर विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा और गुणवत्ता नियंत्रण बेहतर होगा, हालांकि शुरुआती दौर में कुछ उपभोक्ताओं के लिए सोलर स्थापना की लागत बढ़ सकती है।
जून से लागू हुए इन नए नियमों के बाद करदाताओं को समय पर टैक्स भुगतान सुनिश्चित करना होगा। UPI इस्तेमाल करने वालों को भुगतान से पहले लाभार्थी का नाम जांचने की सुविधा मिलेगी। PNG और LPG दोनों सेवाओं का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को नए दिशा-निर्देशों पर ध्यान देना होगा, जबकि संपत्ति खरीदारों और सोलर प्रोजेक्ट लगाने वालों को नए अनुपालन नियमों को समझना जरूरी होगा।