छोटे कारोबार से बड़े बिज़नेस तक पहुँचेंगी ग्रामीण महिलाएँ, 600 से ज्यादा उद्यमों के लिए नई पहल
Mansi | Aug 22, 2026, 19:02 IST
महिला उद्यमियों को बड़े व्यवसायों में तब्दील करने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय ने नई योजना शुरू की है। बिहार, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और गुजरात में चार नए इनक्यूबेटर्स स्थापित किए जाएंगे। इस पहल के जरिए 600 से अधिक ग्रामीण उद्यमियों को विकास के पथ पर लाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना और 'लखपति दीदी' अभियान को मजबूत बनाना है।
DAY-NRLM के तहत महिला-नेतृत्व वाले ग्रामीण उद्यमों को बढ़ावा देने की तैयारी
गाँवों में छोटे-छोटे कारोबार संभाल रहीं महिलाओं के लिए अब उन्हें बड़े और बेहतर कमाई वाले उद्यमों में बदलने का रास्ता तैयार किया जा रहा है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिला उद्यमियों को कारोबार बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण, बाज़ार, वित्त और तकनीक जैसी सुविधाएं देने की दिशा में नई पहल की है।
इस पहल के तहत बिहार, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और गुजरात में चार नए इनक्यूबेटर शुरू करने का प्रस्ताव है। इन कार्यक्रमों के ज़रिए 600 से ज्यादा ग्रामीण उद्यमों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। सरकार की बड़ी कोशिश ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ‘लखपति दीदी’ अभियान को और मज़बूती देने की है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय की सशक्त समिति ने DAY-NRLM के गैर-कृषि आजीविका घटक के तहत इन नए कार्यक्रमों के प्रस्तावों पर चर्चा की है। बिहार में आईआईटी पटना, जम्मू-कश्मीर में आईआईएम जम्मू, उत्तर प्रदेश में आईआईएम लखनऊ और गुजरात में आईआईटी गांधीनगर को प्रस्तावित साझेदार बनाया गया है। इनक्यूबेटर के ज़रिए महिला उद्यमियों को कारोबार की रणनीति बनाने से लेकर वित्तीय योजना, तकनीक, बाज़ार और ऋण तक पहुँच में मदद दी जाएगी। यानी महिलाओं को सिर्फ़ कारोबार शुरू करने नहीं, बल्कि उसे टिकाऊ तरीके से बढ़ाने में भी सहयोग मिलेगा।
यह पहल बिल्कुल नई शुरुआत नहीं है। देश के 13 राज्यों में पहले से 14 इनक्यूबेटर कार्यक्रम चल रहे हैं। इनके ज़रिए करीब 2,100 ग्रामीण स्वयं सहायता समूह उद्यमों को सहायता मिल रही है। वहीं, असम, बिहार, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक में चार इनक्यूबेटर कार्यक्रम पूरे हो चुके हैं। इनसे 600 से अधिक स्वयं सहायता समूह उद्यमों को मदद मिली है। इन कार्यक्रमों से कारोबार की आमदनी बढ़ाने, व्यवसाय को औपचारिक रूप देने और स्थानीय स्तर पर रोज़गार पैदा करने में मदद मिली है।
नई पहल में महिलाओं को कई तरह के कारोबारों से जोड़ने की योजना है। इसमें खाद्य और कृषि प्रसंस्करण, कपड़ा व हस्तशिल्प, विनिर्माण, खुदरा और सेवा क्षेत्र के साथ पर्यटन और डिजिटल कारोबार भी शामिल हैं। स्थानीय ज़रूरतों के हिसाब से दूसरे व्यवसायों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। उद्यमों का चयन योग्यता आधारित चैलेंज फंड के ज़रिए किया जाएगा। ऐसे कारोबारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनमें आगे बढ़ने और अधिक रोज़गार पैदा करने की क्षमता हो।
कारोबार बढ़ाने के लिए लगातार मिलेगी मदद राज्यों में स्टेट इनक्यूबेशन सेल बनाए जाने का भी प्रस्ताव है। इनका मक़सद महिला उद्यमियों को कारोबार बढ़ाने के दौरान लगातार मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराना है। नई तकनीक अपनाने, डिजिटल साधनों के इस्तेमाल और बाज़ार से बेहतर जुड़ाव पर भी ज़ोर दिया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं को छोटे स्तर के कारोबार से आगे ले जाकर ऐसे उद्यमों से जोड़ना है, जिनसे उनकी आमदनी बढ़े और दूसरे लोगों के लिए भी रोज़गार के अवसर पैदा हों। इसी दिशा में पश्चिम बंगाल और गोवा में स्टार्ट-अप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम के विस्तार पर भी विचार किया गया है। गाँव की महिलाओं का कारोबार सिर्फ़ परिवार की आमदनी का सहारा न रहे, बल्कि वह एक मज़बूत और टिकाऊ उद्यम बनकर रोज़गार और आय के नए अवसर पैदा करे।
इस पहल के तहत बिहार, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और गुजरात में चार नए इनक्यूबेटर शुरू करने का प्रस्ताव है। इन कार्यक्रमों के ज़रिए 600 से ज्यादा ग्रामीण उद्यमों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। सरकार की बड़ी कोशिश ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ‘लखपति दीदी’ अभियान को और मज़बूती देने की है।
चार राज्यों में नए इनक्यूबेटर
13 राज्यों में पहले से चल रहे 14 कार्यक्रम
खेती से डिजिटल कारोबार तक कई मौके
कारोबार बढ़ाने के लिए लगातार मिलेगी मदद राज्यों में स्टेट इनक्यूबेशन सेल बनाए जाने का भी प्रस्ताव है। इनका मक़सद महिला उद्यमियों को कारोबार बढ़ाने के दौरान लगातार मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराना है। नई तकनीक अपनाने, डिजिटल साधनों के इस्तेमाल और बाज़ार से बेहतर जुड़ाव पर भी ज़ोर दिया जाएगा।