चीन-पाक को बड़ा झटका, रूस भारत को देगा S-400 एंटी एयरक्राफ्ट सिस्टम
Karan Pal Singh | Jun 02, 2017, 13:14 IST
चीन-पाक को बड़ा झटका
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार देशों की यात्रा पर निकले हुए हैं। अपने छह दिन के इस दौरे में पीएम मोदी रूस में हैं। गुरुवार को व्लादिमीर पुतिन से उनकी मुलाकात हुई। इस दौरान कई समझौते हुए, सबसे अहम समझौता एस-400 एंटी एयरक्राफ्ट सिस्टम को लेकर रहा। इसपर डील पक्की हो गई है और जल्द ही ये भारत को मिल सकता है। एस-400 डिफेंस सिस्टम एक साथ 36 मिसाइलों को गिराने में सक्षम है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूस दौरे को लेकर हमारे पड़ोसी देश भी हम पर नजर बनाए हुए हैं। इस दौरे के दौरान भारत और रूस के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर समझौता हुआ है। रूस ने विस्तारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए भारत की उम्मीदवारी और परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) और परमाणु हथियार अप्रसार की अन्य व्यवस्था में इसकी सदस्यता के अपने पुरजोर समर्थन की बात भी दोहराई है।
हमारे पड़ोसी देशों को अब तो एक और झटका लगा है। रूस के उप प्रधानमंत्री दिमित्री रोगोजिन ने ऐलान किया कि भारत को विमान भेदी मिसाइल प्रणाली एस-400 की आपूर्ति को लेकर प्रीकान्ट्रैक्ट तैयारियां जारी हैं। उन्होंने कहा कि यह कहना मुश्किल है कि इसमें और कितना समय लगेगा। फिलहाल सरकारों के बीच एक समझौता है और अब हम शर्तों पर सामान्य रूप से चर्चा कर रहे हैं।
एस-400 मिसाइल प्रणाली एक विमान भेदी मिसाइल है। एस-400 रूस की नई वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली का हिस्सा है, जो सन् 2007 में रूसी सेना में तैनात की गई थी। इन मिसाइलों से विमानों, क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों तथा ज़मीनी ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है। ये मिसाइलें 400 किलोमीटर तक मार कर सकती हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूस दौरे को लेकर हमारे पड़ोसी देश भी हम पर नजर बनाए हुए हैं। इस दौरे के दौरान भारत और रूस के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर समझौता हुआ है। रूस ने विस्तारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए भारत की उम्मीदवारी और परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) और परमाणु हथियार अप्रसार की अन्य व्यवस्था में इसकी सदस्यता के अपने पुरजोर समर्थन की बात भी दोहराई है।
पड़ोसी देशों को लगा झटका
एस-400 की खासियत
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