‘सप्त धारा ऑफ़ शक्ति’ के तहत किसानों और ग्रामीण महिलाओं पर फ़ोकस, जानिए सरकार का नया प्लान
Mansi | Aug 17, 2026, 19:26 IST
सरकार किसानों की उपज को बेहतर बाजार दिलाने के उद्देश्य से उपायों का विकास कर रही है। लखपति दीदी योजना के तहत ग्रामीण महिलाओं की आमदनी को दोगुना करने का दावा किया जा रहा है। खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात के क्षेत्रों में नवीनतम अवसरों की खोज की जाएगी। भारत@2047 के लक्ष्य के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाएगी, जिससे योजनाओं का लाभ सीधा किसानों और ग्रामीण महिलाओं तक पहुंचे।
‘सप्त धारा ऑफ़ शक्ति’
खेती को ज़्यादा मज़बूत बनाने, किसानों की उपज को बेहतर बाज़ार दिलाने और गाँवों में महिलाओं की आमदनी बढ़ाने को लेकर सरकार अपनी आगे की रणनीति पर काम कर रही है। इसी सिलसिले में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान 18 अगस्त को नई दिल्ली के पूसा परिसर में दोनों मंत्रालयों से जुड़े अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे।
इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में सामने रखे गए ‘सप्त धारा ऑफ़ शक्ति’ के विज़न को कृषि और ग्रामीण विकास की योजनाओं से जोड़ने पर चर्चा होगी। कार्यक्रम में प्रगतिशील किसान, लखपति दीदी, कृषि निर्यातक और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। फ़ोकस इस बात पर रहेगा कि मौजूदा योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर और प्रभावी बनाया जाए और विकसित भारत@2047 के लक्ष्य के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार हो।
बैठक में कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े विभागों के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों को ‘सप्त धारा ऑफ़ शक्ति’ के तहत शपथ भी दिलाई जाएगी। इसके साथ योजनाओं की प्रगति, निगरानी और उनके क्रियान्वयन को बेहतर बनाने के तरीक़ों पर मंथन होगा। सरकार की कोशिश है कि योजनाओं का लाभ सीधे किसानों, ग्रामीण महिलाओं और दूसरे लाभार्थियों तक पहुँचे। इसके लिए विभागों को आगे की प्राथमिकताओं के हिसाब से अपना रोडमैप तैयार करने पर ज़ोर दिया जाएगा।
कृषि क्षेत्र में सिर्फ़ उत्पादन बढ़ाना ही लक्ष्य नहीं है। किसानों की उपज को प्रसंस्करण और निर्यात से जोड़कर उनकी कमाई बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा देने के साथ भारतीय कृषि और समुद्री उत्पादों के लिए विदेशी बाज़ारों में नए अवसर तलाशने की रणनीति पर भी चर्चा होगी। खाद और ईंधन जैसी ज़रूरी चीज़ों के मामले में आत्मनिर्भरता पर भी ज़ोर दिया जा रहा है। वैश्विक स्तर पर बदलते हालात के बीच किसानों को उचित दाम पर उर्वरक उपलब्ध कराने और कृषि क्षेत्र को मज़बूत बनाए रखने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मज़बूत करना भी सरकार के एजेंडे में अहम रहेगा। सरकार के मुताबिक़ करीब 3 करोड़ ग्रामीण महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं। अब इस संख्या को बढ़ाकर 6 करोड़ करने का लक्ष्य रखा गया है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षण, कौशल विकास और आर्थिक सहायता देकर उनकी आय बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। बैठक में इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए आगे की रणनीति और ज़मीनी स्तर पर किए जाने वाले कामों पर चर्चा होगी।
महिलाओं को केवल उत्पाद बनाने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें बाज़ार से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। ‘She-Marts’ जैसी पहल के ज़रिए स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिला उद्यमियों के उत्पादों की ब्रांडिंग और बिक्री को बढ़ावा देने की योजना है। इन बाज़ारों में हस्तशिल्प, आयुर्वेद, योग और दूसरे स्थानीय उत्पादों को जगह मिल सकती है। इससे महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए बेहतर ग्राहक और बाज़ार मिलने के साथ कारोबार को आगे बढ़ाने का अवसर मिल सकता है।
बैठक का बड़ा उद्देश्य कृषि और ग्रामीण विकास की मौजूदा योजनाओं को विकसित भारत@2047 के लक्ष्य के साथ जोड़ना है। किसानों की उत्पादकता और आमदनी बढ़ाने, फ़ूड प्रोसेसिंग और कृषि निर्यात को गति देने तथा ग्रामीण महिलाओं के लिए रोज़गार और उद्यम के अवसर बढ़ाने पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। यानी आने वाले समय में सरकार का फ़ोकस खेत में उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ उत्पादन से बाज़ार और गाँव से कारोबार तक पूरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने पर रहेगा।
इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में सामने रखे गए ‘सप्त धारा ऑफ़ शक्ति’ के विज़न को कृषि और ग्रामीण विकास की योजनाओं से जोड़ने पर चर्चा होगी। कार्यक्रम में प्रगतिशील किसान, लखपति दीदी, कृषि निर्यातक और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। फ़ोकस इस बात पर रहेगा कि मौजूदा योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर और प्रभावी बनाया जाए और विकसित भारत@2047 के लक्ष्य के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार हो।