अगले एक सप्ताह तक इस राज्य में भीषण गर्मी और लू का बढ़ेगा ख़तरा, सब्जियों और फलों में बढ़ सकते हैं रोग, जानें बचाव के उपाय
Preeti Nahar | May 29, 2026, 17:15 IST
वैज्ञानिकों ने किसानों को खेतों में नमी बनाए रखने, सुबह-शाम ही कृषि कार्य करने और पशुओं को तेज धूप से बचाने की सलाह दी है। आम, सब्जियों और अन्य फसलों में कीट और रोग बढ़ने की संभावना को देखते हुए समय पर दवा छिड़काव करने को कहा गया है। पशुपालकों को पशुओं के लिए पर्याप्त पानी और छाया की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
तराई क्षेत्रों में औसत साप्ताहिक अधिकतम तापमान सामान्य से 1 से 2 डिग्री सेल्सियस अधिक
उत्तर प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक तेज गर्मी और लू किसानों की मुश्किलें बढ़ा सकती है। उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (UPCAR) के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 29 मई से 4 जून 2026 के बीच राज्य के कई कृषि जलवायु क्षेत्रों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। खासतौर पर पश्चिमी यूपी, बुंदेलखंड, तराई और मध्य यूपी के कई हिस्सों में लू और गर्म रातों का असर देखने को मिल सकता है। मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों को खेत, पशुओं और जल प्रबंधन को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से जारी मौसम आधारित कृषि सलाह में कहा गया है कि अगले एक सप्ताह तक प्रदेश के कई हिस्सों में लू का असर बना रह सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार अत्यधिक गर्मी फसलों, पशुओं और बागवानी फसलों पर सीधा असर डाल सकती है।
विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि खेतों में पर्याप्त नमी बनाए रखें और दोपहर के समय खेतों में काम करने से बचें। खाली खेतों की गहरी जुताई करने की सलाह भी दी गई है ताकि मिट्टी में छिपे कीट और रोग नष्ट हो सकें।
सब्जियों की फसलों में इस समय कीट और रोगों का खतरा बढ़ सकता है। कृषि वैज्ञानिकों ने कहा है कि कद्दूवर्गीय फसलों में फल मक्खी और तना छेदक कीट से बचाव के लिए फेरोमोन ट्रैप लगाने चाहिए। मिर्च और भिंडी की फसल में सफेद मक्खी और मोजेक रोग का खतरा बना हुआ है। संक्रमित पौधों को खेत से हटाकर नष्ट करने की सलाह दी गई है।
बैंगन और टमाटर की फसल में फल छेदक कीट से बचाव के लिए समय-समय पर दवा छिड़काव करने को कहा गया है। किसानों को जरूरत के अनुसार नीम आधारित दवाओं और अनुशंसित कीटनाशकों का प्रयोग करने की सलाह दी गई है।
गर्मी बढ़ने के साथ आम के बागों में भुनगा, थ्रिप्स और फल छेदक कीट का प्रकोप बढ़ सकता है। वैज्ञानिकों ने बागों में नियमित सिंचाई करने और फलों के बेहतर विकास के लिए पोटाश और जिंक सल्फेट का छिड़काव करने की सलाह दी है।
आम के फलों को आंतरिक ऊतक क्षय यानी फ्रूट नेक्रोसिस से बचाने के लिए बोरेक्स के घोल का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा फलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों से बचाव के लिए फेरोमोन ट्रैप लगाने को भी कहा गया है।
तेज गर्मी को देखते हुए पशुपालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वैज्ञानिकों ने कहा है कि पशुओं को छायादार स्थान पर बांधें और दिन में कम से कम तीन बार साफ और ठंडा पानी पिलाएं। ज्यादा गर्मी होने पर पशुओं को चराने के लिए बाहर न ले जाएं।
पशुओं को संतुलित आहार देने और हरे व सूखे चारे का मिश्रण खिलाने की सलाह दी गई है। पशुओं को सुबह और शाम पानी से नहलाने की भी सलाह दी गई है ताकि हीट स्ट्रोक का खतरा कम हो सके।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने किसानों से कहा है कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच धूप में बाहर निकलने से बचें। खेतों में काम करते समय पानी साथ रखें और अधिक से अधिक पानी पीते रहें। लू लगने के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत छायादार स्थान पर आराम करने और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम की यह स्थिति अगले एक सप्ताह तक बनी रह सकती है, इसलिए किसानों को फसलों, पशुओं और पानी के प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
अगले एक सप्ताह में बनेगा लू का ख़तरा
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सब्जियों की खेती में सावधानियां
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आम के बागों में बढ़ा खतरा
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पशुपालकों के लिए जरूरी सलाह
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