UP News: अप्रैल से ही शिक्षामित्रों को ₹18000 और अनुदेशकों को मिलेगा ₹17000 मानदेय, सीएम योगी का बड़ा ऐलान
Gaon Connection | Apr 04, 2026, 14:37 IST
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसमें उनकी वेतन वृद्धि के रूप में आठ-आठ हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अब शिक्षामित्रों को 18 हजार और अनुदेशकों को 17 हजार रुपये मासिक मिलेंगे। यह नई वृद्धि एक अप्रैल से लागू होगी।
सीएम योगी
वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 1.70 लाख शिक्षामित्रों और 24 हजार अनुदेशकों के वेतन में 8-8 हजार रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की है। इस फैसले से शिक्षामित्रों का मासिक वेतन बढ़कर 18 हजार रुपये और अनुदेशकों का 17 हजार रुपये हो जाएगा। यह वृद्धि अप्रैल महीने से ही लागू होगी। मुख्यमंत्री ने वाराणसी में 'स्कूल चलो अभियान' का शुभारंभ करते हुए शिक्षकों को घर-घर जाकर अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी सुनाई। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश के शिक्षामित्रों का मासिक वेतन 18 हजार रुपये और अनुदेशकों का 17 हजार रुपये हो जाएगा। यह नई वेतन दरें इसी महीने, यानी अप्रैल से ही लागू होंगी। इससे 1.70 लाख शिक्षामित्रों और 24 हजार अनुदेशकों के वेतन में 8-8 हजार रुपये की वृद्धि होगी। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि सरकार ने शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोईयों के लिए 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की व्यवस्था की है। यह सुविधा 1 अप्रैल से लागू होगी, जिससे इन सभी को स्वास्थ्य सुरक्षा का एक मजबूत कवच मिलेगा।
वाराणसी के शिवपुर स्थित परिषदीय विद्यालय में 'स्कूल चलो अभियान' का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं बच्चों के कंधे पर बैग रखा और उन्हें उपहार व किताबें दीं। अपने संबोधन में उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे केवल बच्चों की शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करें, बाकी का काम सरकार देखेगी। उन्होंने शिक्षकों से घर-घर जाकर अभिभावकों को प्रेरित करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा, "जो भी प्रधानाचार्य या शिक्षक स्कूल के लिए 8 बजे निकलते हैं, वे केवल 15 दिन के लिए 7 बजे निकलें।" उन्होंने शिक्षकों से बच्चों के घर-घर जाकर हर दरवाजे पर दस्तक देने और अभिभावकों को यह बताने का निर्देश दिया कि सरकार उनके बच्चे की पढ़ाई के लिए कॉपी-पेन से लेकर खाने तक की पूरी निशुल्क व्यवस्था कर रही है। उन्होंने अभिभावकों से केवल बच्चों को स्कूल भेजने का आग्रह किया।
यह भी उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में शिक्षामित्रों की समस्या के विधिक समाधान का वादा किया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक पद पर समायोजन रद्द हो गया था। इसके बाद सरकार ने उनका मानदेय 3500 रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रतिमाह किया था। इसके बाद से अब तक मानदेय में कोई वृद्धि नहीं हुई थी। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के विधायकों द्वारा समय-समय पर यह मुद्दा सदन में उठाया जाता रहा है। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों का 5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा के बारे में भी बताया और कहा कि सरकार शिक्षकों और कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा कवच को मजबूत कर रही है।
वेतन वृद्धि और कैशलेस इलाज की सुविधा
अनुदेशकों को ₹17,000 तथा शिक्षामित्रों को ₹18,000 का मानदेय इसी महीने से हम लागू करने जा रहे हैं... pic.twitter.com/daT4qQnCnO
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 4, 2026