महिलाओं के लिए बड़ा मौका! ‘सोलर दीदी’ को हर महीने मिलेगी ₹14 हज़ार सैलरी, साथ में फ्री मिलेगा ₹1.3 लाख का सोलर प्लांट

Gaon Connection | May 23, 2026, 18:14 IST
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महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उत्तर प्रदेश में एक नई पहल, 'सोलर दीदी' योजना, शुरू की गई है। वाराणसी से शुरू होकर, यह योजना महिलाओं को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में प्रशिक्षित करने और रोजगार के अवसर प्रदान करने पर केंद्रित है।
नौकरी के साथ मुफ्त बिजली का तोहफा!
नौकरी के साथ मुफ्त बिजली का तोहफा!
उत्तर प्रदेश में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में योगी सरकार तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी में वाराणसी में शुरू की गई ‘सोलर दीदी’ पहल अब महिलाओं के लिए रोजगार और ऊर्जा स्वावलंबन का नया मॉडल बनती दिखाई दे रही है। इस योजना के तहत महिलाओं को सौर ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जा रहा है। सरकार का कहना है कि यह पहल सिर्फ नौकरी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को ऊर्जा क्षेत्र में नेतृत्व देने की दिशा में भी बड़ा कदम है। वाराणसी की महिलाएं अब “सोलर दीदी” बनकर गांव और शहरों में हरित ऊर्जा अभियान की अगुवाई करती नजर आ रही हैं।

सोलर दीदियों को मिलेगा हर महीने वेतन

यूपी नेडा को प्रमुख सोलर कंपनियों द्वारा दिए गए प्रस्ताव के मुताबिक चयनित सोलर दीदियों को वाराणसी में रहकर काम करने का अवसर मिलेगा। यूपी नेडा के निदेशक रविंदर सिंह ने बताया कि इम्पैनल्ड वेंडर्स के जरिए महिलाओं को हर महीने 14,196 रुपये वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक सोलर दीदी को लगभग 1.30 लाख रुपये कीमत का 2 किलोवाट क्षमता वाला रूफटॉप सोलर प्लांट मुफ्त दिया जाएगा। इससे महिलाएं अपने घर को सौर ऊर्जा से जोड़ सकेंगी और बिजली खर्च में भी बड़ी बचत होगी।

मुफ्त मिलेगा इंडक्शन स्टोव भी

महिलाओं को आधुनिक ऊर्जा उपयोग से जोड़ने के लिए योजना के तहत मुफ्त इंडक्शन स्टोव भी उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) की ओर से हर सफल सोलर स्थापना पर 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। अधिकारियों ने प्रशिक्षण ले रही महिलाओं से अपील की है कि वे सात दिवसीय प्रशिक्षण को गंभीरता से पूरा करें और परीक्षा पास कर इस अभियान का हिस्सा बनें।

वाराणसी बना ‘सोलर दीदी’ मॉडल का केंद्र

सरकार का मानना है कि वाराणसी में चल रही यह पहल अब पूरे उत्तर प्रदेश के लिए प्रेरणादायक मॉडल बन सकती है। यहां महिलाएं सिर्फ सोलर तकनीक सीख नहीं रहीं बल्कि रोजगार और सम्मान दोनों हासिल कर रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करेगी।

यूपी में तेजी से बढ़ रहा सोलर नेटवर्क

उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर को लेकर लोगों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 5 लाख 44 हजार 810 से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। राज्य में कुल 9 लाख 68 हजार 548 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें बड़े स्तर पर स्वीकृति और स्थापना की प्रक्रिया पूरी की गई है।

रोज बन रही 82 लाख यूनिट मुफ्त बिजली

प्रदेश में अब तक रूफटॉप सोलर के जरिए 1844.87 मेगावाट की स्थापित क्षमता तैयार हो चुकी है। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से 3539.06 करोड़ रुपये और राज्य सरकार की ओर से 1200 करोड़ रुपये से ज्यादा की सब्सिडी जारी की गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर के जरिए प्रतिदिन 82 लाख यूनिट से ज्यादा मुफ्त बिजली पैदा हो रही है, जिसकी अनुमानित कीमत 5 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में सोलर दीदी जैसी योजनाएं महिलाओं को रोजगार देने के साथ-साथ राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में भी अहम भूमिका निभाएंगी।
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