46 लाख लंबित भूमि आवेदनों के निपटारे को बिहार में 11 जून से विशेष अभियान, अधिकारियों को मिला अल्टीमेटम
Gaon Connection | Jun 10, 2026, 19:18 IST
बिहार सरकार ने जमीन से जुड़े 46 लाख आवेदनों के निपटारे के लिए 11 से 17 जून तक विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है। भूमि अभिलेख सुधार, जमाबंदी, नामांतरण और बंटवारे से जुड़े लंबित मामलों पर तेजी से कार्रवाई होगी। रविवार को भी कार्यालय खुले रहेंगे। सरकार ने अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय करते हुए समयबद्ध निष्पादन के निर्देश दिए हैं।
भूमि मामलों में सुस्ती पर सरकार सख्त
बिहार सरकार ने जमीन से जुड़े लंबित मामलों को तेजी से निपटाने के लिए राज्यव्यापी विशेष अभियान शुरू करने का फैसला किया है। 11 जून से 17 जून तक चलने वाले इस अभियान के दौरान भूमि अभिलेखों में सुधार, नामांतरण, जमाबंदी और बंटवारे से जुड़े लाखों लंबित आवेदनों पर कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने साफ कर दिया है कि इस बार लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि पिछले वर्ष चलाए गए राजस्व महा-अभियान में बड़ी संख्या में लोगों ने भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन दिए थे। इनमें डिजिटल जमाबंदी में त्रुटि सुधार, छूटी हुई जमाबंदियों को ऑनलाइन करना, उत्तराधिकार आधारित नामांतरण और बंटवारे से जुड़े मामलों के आवेदन शामिल थे।
विभागीय समीक्षा में सामने आया है कि बड़ी संख्या में आवेदनों का काम अभी अधूरा है। अब तक अधिकांश आवेदनों की स्कैनिंग तो हो चुकी है, लेकिन पोर्टल पर अपलोडिंग और अंतिम निष्पादन की प्रक्रिया अपेक्षित गति से नहीं बढ़ पाई है। सरकार का मानना है कि इससे आम लोगों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ रही है।
विशेष अभियान के दौरान पहले सभी लंबित आवेदनों की स्कैनिंग पूरी की जाएगी। इसके बाद उन्हें संबंधित ऑनलाइन पोर्टलों पर अपलोड किया जाएगा। अंतिम चरण में मामलों का तेजी से निपटारा कर आवेदकों को राहत देने की कोशिश होगी।
सरकार ने अभियान को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए रविवार को भी कार्यालय खुले रखने का निर्णय लिया है। जिलों और अंचलों को निर्देश दिए गए हैं कि उपलब्ध संसाधनों और कर्मचारियों का पूरा उपयोग करते हुए लंबित मामलों को जल्द से जल्द समाप्त किया जाए।
काम में तेजी लाने के लिए अधिकांश जिलों में विशेष सर्वेक्षण अमीनों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा। वे स्कैनिंग, अपलोडिंग और मामलों के निष्पादन में प्रशासन की मदद करेंगे। जिन जिलों में भूमि सर्वे का काम अंतिम चरण में है, वहां के कर्मियों को इस व्यवस्था से अलग रखा गया है।
राजस्व मंत्री ने स्पष्ट कहा कि अभियान को महज औपचारिकता न समझा जाए। तय लक्ष्यों को पूरा करना संबंधित अंचल अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी। विभाग नियमित निगरानी करेगा और प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी।
सरकार का दावा है कि बिहार में भूमि रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। अधिकारियों का मानना है कि यह विशेष अभियान न केवल लंबित मामलों के निपटारे में मदद करेगा, बल्कि लोगों को भूमि संबंधी सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगा।