Sugarcane Farming: वसंतकालीन गन्ना की खेती के लिए मिल रहा अनुदान, करें ऑनलाइन आवेदन
Gaon Connection | Feb 10, 2026, 15:06 IST
बिहार सरकार ने वसंतकालीन गन्ना रोपण को बढ़ावा देने के लिए अनुदान योजना शुरू की है। किसान अब ऑनलाइन आवेदन कर प्रमाणित बीज और आधुनिक रोपण तकनीक पर आर्थिक सहायता पा सकते हैं।
बिहार सरकार ने गन्ना किसानों के लिए एक ज़रूरी घोषणा की है। वसंतकालीन गन्ना रोपण को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना के तहत अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस योजना के माध्यम से किसानों को प्रमाणित बीज खरीदने और आधुनिक रोपाई तकनीकों को अपनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी।
गन्ना बिहार की प्रमुख नकदी फसलों में से एक है, जिससे लाखों किसान परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। लेकिन बढ़ती लागत, जलवायु अस्थिरता और पारंपरिक खेती के तरीकों के कारण कई किसानों को पर्याप्त लाभ नहीं मिल पाता। ऐसे में सरकार की यह योजना किसानों को बेहतर बीज, उन्नत तकनीक और वित्तीय सहयोग देकर उनकी आय में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इस योजना के तहत किसानों को प्रमाणित गन्ना बीज खरीदने पर प्रति क्विंटल अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा, सिंगल बड या बड चिप रोपण तकनीक अपनाने वाले किसानों को प्रति एकड़ अधिकतम 15,000 रुपये तक की सहायता मिलेगी। यह तकनीक कम बीज, कम लागत और बेहतर अंकुरण के कारण किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
उन्नत बीज और आधुनिक रोपण पद्धतियों से गन्ने की पैदावार बढ़ेगी, लागत घटेगी और चीनी मिलों को भी बेहतर गुणवत्ता का कच्चा माल मिलेगा। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि राज्य के गन्ना उद्योग को भी मजबूती मिलेगी।
योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए कृषि विभाग द्वारा निर्धारित पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य है। आवेदन के लिए किसान के पास 13 अंकों वाली डीबीटी आईडी और गन्ना किसान पंजीकरण आईडी होना जरूरी है। यह व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ाने और अनुदान सीधे किसानों के बैंक खाते में पहुंचाने के उद्देश्य से लागू की गई है।
योजना का लाभ अधिकतम एक एकड़ क्षेत्रफल तक ही दिया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक छोटे और सीमांत किसान इसका लाभ उठा सकें। यह कदम गन्ना उत्पादन के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गन्ना विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वसंतकालीन रोपण गन्ने की बेहतर वृद्धि के लिए अनुकूल समय होता है। इस दौरान तापमान और नमी की स्थिति ऐसी होती है, जिससे पौधों का विकास तेज़ी से होता है और उत्पादन अधिक मिलता है। इसलिए सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक किसान इस मौसम में उन्नत तकनीक के साथ गन्ने की खेती करें।
किसानों को योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए अपने क्षेत्र के सहायक निदेशक, ईख विकास पदाधिकारी कार्यालय या नजदीकी चीनी मिल से संपर्क करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, विभाग द्वारा हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है, ताकि किसान आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान आसानी से कर सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, समय पर अनुदान और तकनीकी मार्गदर्शन मिलता रहे, तो बिहार में गन्ने की उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। इससे चीनी उद्योग को स्थिर आपूर्ति मिलेगी और किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे।
यह योजना किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करती है। साथ ही यह भी संकेत देती है कि राज्य सरकार गन्ना किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है।
ये भी पढ़ें: फरवरी महीने में दक्षिण और मध्य भारत के गन्ना किसान कर सकते हैं इस क़िस्म की खेती, नहीं रहेगा कई बीमारियों का खतरा
गन्ना बिहार की प्रमुख नकदी फसलों में से एक है, जिससे लाखों किसान परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। लेकिन बढ़ती लागत, जलवायु अस्थिरता और पारंपरिक खेती के तरीकों के कारण कई किसानों को पर्याप्त लाभ नहीं मिल पाता। ऐसे में सरकार की यह योजना किसानों को बेहतर बीज, उन्नत तकनीक और वित्तीय सहयोग देकर उनकी आय में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इस योजना के तहत किसानों को प्रमाणित गन्ना बीज खरीदने पर प्रति क्विंटल अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा, सिंगल बड या बड चिप रोपण तकनीक अपनाने वाले किसानों को प्रति एकड़ अधिकतम 15,000 रुपये तक की सहायता मिलेगी। यह तकनीक कम बीज, कम लागत और बेहतर अंकुरण के कारण किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
उन्नत बीज और आधुनिक रोपण पद्धतियों से गन्ने की पैदावार बढ़ेगी, लागत घटेगी और चीनी मिलों को भी बेहतर गुणवत्ता का कच्चा माल मिलेगा। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि राज्य के गन्ना उद्योग को भी मजबूती मिलेगी।
प्रमाणित बीज और रोपाई पर सरकारी सहायता
योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए कृषि विभाग द्वारा निर्धारित पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य है। आवेदन के लिए किसान के पास 13 अंकों वाली डीबीटी आईडी और गन्ना किसान पंजीकरण आईडी होना जरूरी है। यह व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ाने और अनुदान सीधे किसानों के बैंक खाते में पहुंचाने के उद्देश्य से लागू की गई है।
योजना का लाभ अधिकतम एक एकड़ क्षेत्रफल तक ही दिया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक छोटे और सीमांत किसान इसका लाभ उठा सकें। यह कदम गन्ना उत्पादन के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गन्ना विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वसंतकालीन रोपण गन्ने की बेहतर वृद्धि के लिए अनुकूल समय होता है। इस दौरान तापमान और नमी की स्थिति ऐसी होती है, जिससे पौधों का विकास तेज़ी से होता है और उत्पादन अधिक मिलता है। इसलिए सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक किसान इस मौसम में उन्नत तकनीक के साथ गन्ने की खेती करें।
किसानों को योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए अपने क्षेत्र के सहायक निदेशक, ईख विकास पदाधिकारी कार्यालय या नजदीकी चीनी मिल से संपर्क करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, विभाग द्वारा हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है, ताकि किसान आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान आसानी से कर सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, समय पर अनुदान और तकनीकी मार्गदर्शन मिलता रहे, तो बिहार में गन्ने की उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। इससे चीनी उद्योग को स्थिर आपूर्ति मिलेगी और किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे।
यह योजना किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करती है। साथ ही यह भी संकेत देती है कि राज्य सरकार गन्ना किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है।
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