यूपी के स्कूलों में बदलने जा रहा पढ़ाई का तरीका, रीडिंग ऑवर से लेकर ये गतिविधियां होंगी लागू
Gaon Connection | May 26, 2026, 16:09 IST
उत्तर प्रदेश सरकार स्कूलों में पढ़ने की आदत को बढ़ावा दे रही है। बच्चों की भाषा, सोच और रचनात्मकता को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। स्कूलों में रीडिंग ऑवर और समाचार पत्र पढ़ने जैसी गतिविधियां होंगी। 'डियर' कैंपेन और रीडिंग चैलेंज भी चलाए जाएंगे। सबसे अच्छा पढ़ने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।
बच्चों को पढ़ाती शिक्षिका
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अब परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों में पठन संस्कृति को मजबूत करने पर विशेष फोकस कर रही है। सरकार का उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने के साथ-साथ भाषा दक्षता, संवाद क्षमता, तार्किक सोच और रचनात्मक अभिव्यक्ति को मजबूत करना है। इसी को लेकर शैक्षिक सत्र 2026-27 के शुभारंभ पर ‘पठन संस्कृति’ और ‘समाचार-पत्र पठन’ से जुड़े निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया है।
अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से पहले ही विद्यालयों में पठन संस्कृति, समाचार-पत्र पठन और रीडिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक निर्देश जारी किए जा चुके हैं। अब इन निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए समस्त प्राचार्य डायट, एडी बेसिक, बीएसए और बीईओ को व्यक्तिगत एवं समर्पित प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि विद्यालयों में पढ़ने का सकारात्मक वातावरण विकसित किया जा सके।
सरकार का फोकस अब पढ़ाई को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करने पर भी है। इसके तहत विद्यालयों में नियमित रीडिंग ऑवर, समाचार-पत्र उपलब्ध कराना, सुबह की सभा में समाचार वाचन और बच्चों को पुस्तक पठन के लिए प्रेरित करने जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही ‘समाचार-पत्र पठन’, ‘रीडिंग ऑवर’ और ‘स्क्रीन टाइम कम करने’ जैसी गतिविधियों को गंभीरता से लागू कराने पर जोर दिया गया है।
विद्यालयों में ‘डियर’ यानी ‘ड्रॉप एवरीथिंग एंड रीड’ कैंपेन को भी प्रभावी ढंग से संचालित किया जाएगा। इसके तहत सप्ताह में एक तय समय पर छात्र-छात्राएं, शिक्षक और प्रधानाध्यापक अपनी पसंद की पुस्तकें पढ़ेंगे। इसके अलावा प्राथमिक स्तर पर ‘सुपर-20’ और उच्च प्राथमिक स्तर पर ‘सुपर-30’ रीडिंग चैलेंज जैसी गतिविधियां भी नियमित रूप से चलाई जाएंगी।
सरकार की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित संख्या में पुस्तकें पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाए। विद्यालय स्तर पर सबसे अधिक पुस्तकें पढ़ने वाले छात्र-छात्रा को ‘चैंपियन रीडर ऑफ द इयर’ घोषित कर पुरस्कृत भी किया जाएगा।
सरकार की मंशा है कि विद्यार्थी केवल पुस्तक पढ़ने तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी स्वतंत्र लेखन क्षमता और रचनात्मक सोच भी विकसित हो। इसके तहत पढ़ी गई पुस्तकों, कहानियों और समाचार-पत्रों के आधार पर विद्यार्थियों से लेखन कार्य और रचनात्मक गतिविधियां कराई जाएंगी। साथ ही विद्यालय स्तर पर लेखन प्रतियोगिताओं के आयोजन पर भी विशेष जोर दिया गया है।
विद्यालयों में पढ़ने का माहौल बनाने पर जोर
भाषा दक्षता और तार्किक सोच विकसित करने पर फोकस
डीईएआर कैंपेन और रीडिंग चैलेंज को मिलेगा बढ़ावा
सरकार की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित संख्या में पुस्तकें पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाए। विद्यालय स्तर पर सबसे अधिक पुस्तकें पढ़ने वाले छात्र-छात्रा को ‘चैंपियन रीडर ऑफ द इयर’ घोषित कर पुरस्कृत भी किया जाएगा।