सुपर अल नीनो से तमिलनाडु के 12 ज़िलों पर सबसे ज़्यादा असर की आशंका, किसानों के लिए कई नई योजनाओं का ऐलान
Gaon Connection | Aug 06, 2026, 14:50 IST
तमिलनाडु सरकार ने सुपर अल नीनो के संभावित प्रभाव से निपटने की घोषणा की है। राज्य के 12 जिलों के लिए विशेष आकस्मिक योजनाएं तैयार की गई हैं। किसानों को बेहतर सुविधाएँ देने हेतु आठ नए एकीकृत कृषि विस्तार केंद्र स्थापित होंगे। फसल प्रतियोगिता और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए पुरस्कार दिए जाएंगे। यह बजट किसानों की आय बढ़ाने और फसल सुरक्षा को मजबूत करेगा।
सुपर अल नीनो से खेती पर संकट की आशंका
तमिलनाडु सरकार ने सुपर अल नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए राज्य के किसानों के लिए कई अहम कदम उठाने की घोषणा की है। राज्य के कृषि मंत्री आर. विनोथ ने विधानसभा में पहला कृषि बजट पेश करते हुए कहा कि मौसम के बदलते हालात को देखते हुए राज्य के 12 ज़िलों पर सबसे अधिक असर पड़ने की आशंका है। इसे ध्यान में रखते हुए तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय द्वारा तैयार ज़िला कृषि आकस्मिक योजना (डिस्ट्रिक्ट एग्रीकल्चरल कंटिजेंसी प्लान) सभी ज़िलाधिकारियों को भेज दी गई है और उससे जुड़े सभी एहतियाती उपाय लागू किए जा रहे हैं।
कृषि मंत्री ने कहा कि यह बजट किसानों, कृषि विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से व्यापक चर्चा के बाद तैयार किया गया है। राज्य में पहले से संचालित कृषि योजनाएँ जारी रहेंगी, वहीं किसानों की आय बढ़ाने, फसल सुरक्षा, जैविक खेती और कृषि सेवाओं को मज़बूत करने के लिए कई नई पहल भी शुरू की जाएँगी। उन्होंने कहा कि सुपर एल नीनो का प्रभाव पूरे देश में महसूस किया जा सकता है, लेकिन तमिलनाडु में इसका असर विशेष रूप से कुरुवई (जून-जुलाई और अगस्त की शुरुआत) सीज़न पर पड़ने की आशंका है।
कृषि मंत्री आर. विनोथ ने कहा कि मौसम पूर्वानुमानों के अनुसार तमिलनाडु के 12 ज़िलों में सुपर एल नीनो का गंभीर असर पड़ सकता है। इस चुनौती से निपटने के लिए तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय ने सभी ज़िलों के लिए अलग-अलग कृषि आकस्मिक योजना तैयार की है। इन योजनाओं को ज़िलाधिकारियों तक पहुँचा दिया गया है और प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि सभी आवश्यक राहत और वैकल्पिक कृषि उपाय समय पर लागू किए जाएँ। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य संभावित सूखा, वर्षा की कमी या अन्य मौसम संबंधी चुनौतियों के बीच किसानों को कम से कम नुकसान होने देना है।
राज्य सरकार ने किसानों को एक ही स्थान पर कृषि योजनाओं और तकनीकी सलाह उपलब्ध कराने के लिए आठ नए एकीकृत कृषि विस्तार केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन केंद्रों में प्रत्येक के साथ 300 टन क्षमता का गोदाम भी बनाया जाएगा। ये केंद्र तिरुवन्नामलाई, कटपडी और गुडियाथम (वेल्लोर), मुसिरी (तिरुचिरापल्ली), नारिकुडी (विरुधुनगर), बोडिनायक्कनूर (थेनी), कायाथर (तूतीकोरिन) और थोंडामुथुर (कोयंबटूर) में स्थापित किए जाएँगे। इन पर केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से 27.82 करोड़ रुपये ख़र्च किए जाएँगे।
कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने और कृषि उपज को सुरक्षित सुखाने व भंडारण के लिए वर्ष 2026-27 में 43,500 किसानों को तिरपाल वितरित किए जाएँगे। इस योजना के लिए राज्य सरकार ने 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
छोटे और सीमांत किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 2026-27 में "मक्कल सेवगर अंजलाई अम्माल" के नाम पर राज्य स्तरीय फसल उत्पादन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसमें मोटे अनाज, दलहन और तिलहन सहित 10 फसलों को शामिल किया जाएगा। प्रत्येक फसल श्रेणी में सर्वाधिक उत्पादन करने वाले पहले तीन किसानों को क्रमशः 2.50 लाख रुपये, 1.50 लाख रुपये और 1 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। कुल 30 किसानों को सम्मानित करने के लिए राज्य सरकार ने 50 लाख रुपये का प्रावधान किया है।
जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2026-27 में पाँच उत्कृष्ट जैविक किसानों को "नम्माज़वार पुरस्कार" से सम्मानित किया जाएगा। प्रत्येक किसान को 2 लाख रुपये की नक़द राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। इस योजना के लिए राज्य सरकार ने 11 लाख रुपये आवंटित किए हैं। कृषि मंत्री ने अपने बजट भाषण की शुरुआत मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए की, लेकिन जब उन्होंने आगे भी मुख्यमंत्री की सराहना जारी रखी तो मुख्य विपक्षी दल डीएमके ने आपत्ति जताई। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने हस्तक्षेप करते हुए मंत्री से कृषि बजट पर ही केंद्रित रहने को कहा।
कृषि मंत्री ने कहा कि यह बजट किसानों, कृषि विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से व्यापक चर्चा के बाद तैयार किया गया है। राज्य में पहले से संचालित कृषि योजनाएँ जारी रहेंगी, वहीं किसानों की आय बढ़ाने, फसल सुरक्षा, जैविक खेती और कृषि सेवाओं को मज़बूत करने के लिए कई नई पहल भी शुरू की जाएँगी। उन्होंने कहा कि सुपर एल नीनो का प्रभाव पूरे देश में महसूस किया जा सकता है, लेकिन तमिलनाडु में इसका असर विशेष रूप से कुरुवई (जून-जुलाई और अगस्त की शुरुआत) सीज़न पर पड़ने की आशंका है।
12 ज़िलों के लिए विशेष तैयारी, कृषि विश्वविद्यालय की योजना होगी लागू
किसानों को बेहतर सुविधाएँ, भंडारण और प्रोत्साहन के लिए नई घोषणाएँ
कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने और कृषि उपज को सुरक्षित सुखाने व भंडारण के लिए वर्ष 2026-27 में 43,500 किसानों को तिरपाल वितरित किए जाएँगे। इस योजना के लिए राज्य सरकार ने 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
फसल प्रतियोगिता और जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा
जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2026-27 में पाँच उत्कृष्ट जैविक किसानों को "नम्माज़वार पुरस्कार" से सम्मानित किया जाएगा। प्रत्येक किसान को 2 लाख रुपये की नक़द राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। इस योजना के लिए राज्य सरकार ने 11 लाख रुपये आवंटित किए हैं। कृषि मंत्री ने अपने बजट भाषण की शुरुआत मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए की, लेकिन जब उन्होंने आगे भी मुख्यमंत्री की सराहना जारी रखी तो मुख्य विपक्षी दल डीएमके ने आपत्ति जताई। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने हस्तक्षेप करते हुए मंत्री से कृषि बजट पर ही केंद्रित रहने को कहा।