14 लाख किसानों को राहत, 75 हजार रुपये तक का फसल ऋण माफ, जानें किस राज्य में हुआ फैसला
Gaon Connection | Jun 16, 2026, 19:36 IST
तमिलनाडु सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए सहकारी बैंकों से लिए गए फसल ऋण की माफ़ी का ऐलान किया है। योजना के तहत 75,000 रुपये तक का ऋण पूरी तरह माफ़ किया जाएगा। इससे राज्य के लगभग 14.43 लाख किसानों को लाभ मिलेगा। सरकार को इस योजना पर 5,932 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे, जिससे कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
लाखों किसानों का फसल लोन होगा माफ़
तमिलनाडु सरकार ने किसानों को कर्ज़ के बोझ से राहत देने के लिए बड़ा फ़ैसला लिया है। राज्य सरकार ने सहकारी बैंकों से लिए गए फसल ऋण की माफ़ी की घोषणा की है, जिससे लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि इस कदम से किसानों की आर्थिक स्थिति मज़बूत होगी और उन्हें खेती-किसानी के लिए नई वित्तीय ताक़त मिलेगी।
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद इस योजना का ऐलान किया। सरकार के मुताबिक़, यह निर्णय खेती की बढ़ती लागत और किसानों पर बढ़ते आर्थिक दबाव को देखते हुए लिया गया है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकार की घोषणा के अनुसार, 1 मई 2025 से 28 फ़रवरी 2026 के बीच सहकारी बैंकों से फसल ऋण लेने वाले किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा। अनुमान है कि राज्य के करीब 14.43 लाख किसान ऋण माफ़ी योजना के दायरे में आएंगे। सरकार का मानना है कि छोटे और सीमांत किसानों को इस योजना से सबसे अधिक राहत मिलेगी, क्योंकि मौसम की अनिश्चितता और बढ़ती लागत के कारण उनकी आय पर लगातार दबाव बना हुआ है।
योजना के तहत 75,000 रुपये तक का सहकारी फसल ऋण पूरी तरह माफ़ किया जाएगा। वहीं, जिन किसानों पर इससे अधिक ऋण बकाया है, उन्हें भी राहत दी जाएगी। ऐसे किसानों को 35,000 रुपये तक की ऋण माफ़ी का लाभ मिलेगा। बताया जा रहा है कि किसानों की मांग और विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधित्व के बाद सरकार ने पहले से लागू ऋण राहत योजना में संशोधन करते हुए इसका दायरा बढ़ाया है।
इस योजना को लागू करने के लिए राज्य सरकार को लगभग 5,932 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ उठाना पड़ेगा। हालांकि सरकार का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा और कृषि क्षेत्र को मज़बूत बनाने के लिए यह खर्च आवश्यक है। अधिकारियों के अनुसार, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के तहत ऋण माफ़ी की राशि 45 से 60 दिनों के भीतर संबंधित संस्थाओं को जारी की जाएगी।
राज्य सरकार का मानना है कि ऋण माफ़ी से किसानों को केवल तत्काल राहत ही नहीं मिलेगी, बल्कि वे दोबारा खेती में निवेश करने के लिए भी प्रोत्साहित होंगे। इससे कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियाँ तेज़ होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद किसानों के हित सरकार की प्राथमिकता हैं। यही वजह है कि लाखों किसानों को राहत देने के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद इस योजना का ऐलान किया। सरकार के मुताबिक़, यह निर्णय खेती की बढ़ती लागत और किसानों पर बढ़ते आर्थिक दबाव को देखते हुए लिया गया है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।