Honey Export: त्रिपुरा के सरसों शहद की दुबई में एंट्री, 1 मीट्रिक टन की पहली खेप रवाना; जानें किसानों को क्या फ़ायदा

Umang | Aug 11, 2026, 13:05 IST
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त्रिपुरा के डेरगांग एफपीओ ने सरसों के शहद का पहला निर्यात दुबई को भेजा है। इस निर्यात से स्थानीय मधुमक्खी पालकों को बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद जगी है। एपीईडीए की मदद से यह पहल पूर्वोत्तर के कृषि निर्यात को बढ़ावा देगी। यह कदम त्रिपुरा के शहद कारोबार में विविधता लाने का अवसर प्रदान करेगा। इससे किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँचने में मदद मिलेगी।

FPO की पहल से त्रिपुरा के शहद की ग्लोबल उड़ान
FPO की पहल से त्रिपुरा के शहद की ग्लोबल उड़ान
त्रिपुरा के डेरगांग किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) ने सरसों के शहद को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँचाने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) की मदद से एफपीओ से 1 मीट्रिक टन सरसों के शहद की पहली खेप दुबई भेजी गई है। यह त्रिपुरा से सरसों के शहद का पहला निर्यात बताया गया है। इससे स्थानीय मधुमक्खी पालकों और किसानों के लिए निर्यात के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।

इस निर्यात से डेरगांग एफपीओ से जुड़े किसानों और मधुमक्खी पालकों को स्थानीय बाज़ार के मुक़ाबले बेहतर कीमत मिलने की संभावना है। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँच बनने से शहद की गुणवत्ता सुधारने, निर्यात के हिसाब से उत्पादन करने और मधुमक्खी पालन से अतिरिक्त आय के अवसर बढ़ाने में मदद मिल सकती है। साथ ही, त्रिपुरा के शहद और मधुमक्खी पालन क्षेत्र को वैश्विक कृषि बाज़ार से जोड़ने की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है।

दुबई पहुँचे त्रिपुरा का सरसों शहद, किसानों को क्या फ़ायदा होगा?

डेरगांग एफपीओ से 1 मीट्रिक टन सरसों के शहद का निर्यात होने से स्थानीय मधुमक्खी पालकों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुँच बनाने का अवसर मिला है। बेहतर बाज़ार मिलने से किसानों को स्थानीय बिक्री के मुक़ाबले बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है। निर्यात के साथ गुणवत्ता पर ध्यान देने और निर्यात-उन्मुख शहद उत्पादन पद्धतियों को अपनाने को भी बढ़ावा मिल सकता है।

एपीईडीए ने बाज़ार संपर्क, क्षमता निर्माण, गुणवत्ता आश्वासन और निर्यात सुविधा के ज़रिए इस पहल को आगे बढ़ाने में मदद की है। डेरगांग एफपीओ के साथ एम/एस साल्ट रेंज फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने भी सहयोग और मार्गदर्शन दिया है।

पहली खेप से त्रिपुरा के शहद कारोबार को क्या उम्मीद?

यह निर्यात त्रिपुरा की शहद मूल्य श्रृंखला में विविधता लाने का अवसर दे सकता है। एफपीओ के ज़रिए किसानों के उत्पादों को एकत्रित कर उन्हें निर्यात बाज़ार तक पहुँचाने से मूल्य संवर्धन और बेहतर बाज़ार संपर्क की संभावनाएँ बढ़ती हैं। इससे त्रिपुरा के साथ-साथ पूर्वोत्तर के दूसरे किसानों और एफपीओ को भी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तलाशने के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

कृषि मंत्री रतन लाल नाथ ने इस उपलब्धि को त्रिपुरा के मधुमक्खी पालकों और किसानों के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, “डेरगांग एफपीओ द्वारा सरसों के शहद का पहली बार निर्यात त्रिपुरा के मधुमक्खी पालकों और किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।” उनके मुताबिक़, स्थानीय कृषि उत्पादों में अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँच बनाने और किसानों के लिए बेहतर आय के अवसर पैदा करने की क्षमता है।

पूर्वोत्तर के कृषि निर्यात को कैसे मिलेगा बढ़ावा?

एपीईडीए पूर्वोत्तर राज्यों की सरकारों, एफपीओ, निर्यातकों और प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के साथ मिलकर कृषि निर्यात को बढ़ावा देने पर काम कर रहा है। इसके तहत बाज़ार से जोड़ने, क्षमता बढ़ाने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और निर्यात की प्रक्रिया को आसान बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है।

डेरगांग एफपीओ से सरसों के शहद का दुबई निर्यात इस बात का उदाहरण है कि एफपीओ के नेतृत्व में किसानों के उत्पादों को एकत्रित कर उद्योग के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँचाया जा सकता है। इससे त्रिपुरा और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के शहद तथा दूसरे कृषि उत्पादों के लिए वैश्विक बाज़ार में संभावनाएँ बढ़ने की उम्मीद है।
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