यूपी में छात्रवृत्ति से वंचित 3.16 लाख छात्रों के लिए बड़ी राहत, 1 सितंबर से फिर खुलेगा पोर्टल; जानें कब खाते में आएगी रकम
Gaon Connection | Aug 21, 2026, 17:39 IST
वित्तीय वर्ष 2025-26 में तकनीकी कारणों से दशमोत्तर छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित 3.16 लाख पात्र विद्यार्थियों को योगी सरकार ने एक और मौका दिया है। समाज कल्याण विभाग 1 सितंबर 2026 से छात्रवृत्ति पोर्टल दोबारा खोलेगा। इनमें सरकारी संस्थानों के 31,836, सहायता प्राप्त संस्थानों के 37,795 और निजी संस्थानों के 2,46,426 विद्यार्थी शामिल हैं। छात्रवृत्ति की रकम 29 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच पीएफएमएस के जरिए सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
पीएफएमएस के जरिए सीधे बैंक खातों में भेजी जाएगी छात्रवृत्ति
वित्तीय वर्ष 2025-26 में तकनीकी कारणों से दशमोत्तर छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ नहीं ले पाए पात्र छात्र-छात्राओं के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने राहत दी है। समाज कल्याण विभाग ऐसे विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ देने के लिए छात्रवृत्ति पोर्टल फिर से खोलने जा रहा है। पोर्टल 1 सितंबर 2026 से दोबारा खोला जाएगा। इससे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। यह मौका उन छात्रों के लिए है, जो पात्र होने के बावजूद तकनीकी गड़बड़ी या प्रक्रिया पूरी न होने के कारण छात्रवृत्ति नहीं पा सके थे।
सरकार के अनुसार, छात्रवृत्ति की रकम 29 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 के बीच पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) के जरिए सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में तकनीकी कारणों से कुल 3,16,057 छात्र-छात्राएं दशमोत्तर छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित रह गए थे। इनमें सरकारी संस्थानों के 31,836, सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों के 37,795 और निजी संस्थानों के 2,46,426 विद्यार्थी शामिल हैं। सबसे ज्यादा विद्यार्थी निजी संस्थानों से हैं।
समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि हर पात्र छात्र-छात्रा को छात्रवृत्ति मिले। उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे की पढ़ाई पैसे या तकनीकी दिक्कत के कारण नहीं रुकनी चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार विद्यार्थियों और युवाओं के हितों को प्राथमिकता दे रही है।
समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह के अनुसार, 2025-26 में 3,16,057 विद्यार्थी छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित रह गए थे। इनमें 31,836 विद्यार्थी सरकारी संस्थानों, 37,795 सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों और 2,46,426 विद्यार्थी निजी संस्थानों के हैं। सबसे अधिक संख्या निजी संस्थानों के विद्यार्थियों की है।
वंचित पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने के लिए छात्रवृत्ति पोर्टल 1 सितंबर 2026 से दोबारा खोला जाएगा। इससे तकनीकी या प्रक्रिया से जुड़ी वजहों से छात्रवृत्ति से छूटे विद्यार्थियों को अपनी प्रक्रिया पूरी करने का एक और मौका मिलेगा।
सरकार के अनुसार, छात्रवृत्ति की रकम 29 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 के बीच पीएफएमएस के जरिए सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। सीधे खाते में रकम भेजने से भुगतान की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और भुगतान की निगरानी भी की जा सकेगी।
सरकार के अनुसार, छात्रवृत्ति की रकम 29 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 के बीच पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) के जरिए सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में तकनीकी कारणों से कुल 3,16,057 छात्र-छात्राएं दशमोत्तर छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित रह गए थे। इनमें सरकारी संस्थानों के 31,836, सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों के 37,795 और निजी संस्थानों के 2,46,426 विद्यार्थी शामिल हैं। सबसे ज्यादा विद्यार्थी निजी संस्थानों से हैं।