यूपी बोर्ड ने की इम्प्रूवमेंट और कम्पार्टमेंट परीक्षा की घोषणा, जानें किन छात्रों को मिलेगा मौका और कब से शुरू होंगे आवेदन?
Gaon Connection | Jun 05, 2026, 11:38 IST
यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्रों को इम्प्रूवमेंट और कम्पार्टमेंट परीक्षा के माध्यम से अपना परिणाम सुधारने का एक और अवसर दिया है। इस व्यवस्था के तहत पात्र छात्र दोबारा परीक्षा देकर अपनी शैक्षणिक प्रगति जारी रख सकेंगे। बोर्ड का उद्देश्य है कि किसी एक परीक्षा परिणाम के कारण विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित न हो।
यूपी बोर्ड के छात्रों को दूसरा मौका
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाने वाले छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश (यूपी बोर्ड) ने वर्ष 2026 की इम्प्रूवमेंट और कम्पार्टमेंट परीक्षाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत छात्र-छात्राओं को अपने परिणाम में सुधार करने और शैक्षणिक सत्र में आगे बढ़ने का एक और अवसर मिलेगा। आइये जानते हैं कि छात्र कब से आवेदन कर सकेंगे।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह द्वारा जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, हाईस्कूल इम्प्रूवमेंट परीक्षा में वे छात्र शामिल हो सकेंगे जो एक विषय में अनुत्तीर्ण हुए हैं। वहीं कम्पार्टमेंट परीक्षा के लिए दो विषयों में अनुत्तीर्ण छात्र पात्र होंगे, लेकिन उन्हें किसी एक विषय की परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। इंटरमीडिएट कम्पार्टमेंट परीक्षा में मानविकी, विज्ञान और वाणिज्य वर्ग के ऐसे छात्र आवेदन कर सकेंगे, जो किसी एक विषय के किसी एक प्रश्नपत्र में अनुत्तीर्ण रहे हैं। व्यावसायिक वर्ग के ऐसे परीक्षार्थी भी आवेदन कर सकते हैं, जो किसी एक ट्रेड विषय के एक प्रश्नपत्र में सफल नहीं हो सके हैं।
बोर्ड की ओर से जारी सूचना के अनुसार, पात्र छात्र 6 जून से 27 जून की मध्यरात्रि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन प्रक्रिया परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर पूरी की जाएगी।
हाईस्कूल इम्प्रूवमेंट और कम्पार्टमेंट परीक्षा के लिए 256.50 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। वहीं इंटरमीडिएट कम्पार्टमेंट परीक्षा के लिए छात्रों को 306 रुपये शुल्क जमा करना होगा।
बोर्ड ने बताया है कि निर्धारित परीक्षा शुल्क कोषागार चालान के माध्यम से जमा करना होगा। ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने के बाद उसकी प्रति डाउनलोड करनी होगी। साथ ही शुल्क जमा करने के चालान की मूल प्रति भी सुरक्षित रखनी होगी। आवेदन की हार्ड कॉपी और चालान की मूल प्रति अंतिम तिथि के बाद तीन दिनों के भीतर संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को पंजीकृत डाक के जरिए भेजना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर आवेदन अधूरा माना जा सकता है।
बोर्ड के अनुसार जिन विषयों में लिखित परीक्षा के साथ प्रायोगिक या प्रोजेक्ट कार्य भी शामिल हैं, उनकी परीक्षा निर्धारित नियमों के तहत आयोजित की जाएगी। यदि कोई छात्र किसी विषय के केवल एक भाग में अनुत्तीर्ण है, तो उसे केवल उसी भाग की परीक्षा देने की सुविधा मिलेगी। लिखित, प्रायोगिक और प्रोजेक्ट परीक्षाओं की तिथियों की घोषणा बाद में अलग से की जाएगी।
यूपी बोर्ड का मानना है कि किसी एक परीक्षा परिणाम के कारण छात्र का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। यही वजह है कि इम्प्रूवमेंट और कम्पार्टमेंट परीक्षा के माध्यम से छात्रों को अपनी गलतियां सुधारने और बेहतर प्रदर्शन का एक और मौका दिया जा रहा है। इससे उन हजारों छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा, जो बहुत कम अंतर से सफलता हासिल नहीं कर सके।