किसानों-पशुपालकों को बड़ी राहत, यूपी कैबिनेट ने ग्रामीण विकास से जुड़े कई प्रस्तावों को दी मंज़ूरी; जानिए किन फ़ैसलों पर लगी मुहर
Gaon Connection | Jul 06, 2026, 16:55 IST
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में 27 प्रस्तावों को मंज़ूरी दी। इनमें होमगार्ड्स के लिए कैशलेस इलाज, अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों की सीधी भर्ती, मुख्यमंत्री जोखिम पशुधन बीमा प्रबंधन योजना, उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन और डेटा सेंटर नीति को दोबारा लागू करने जैसे फ़ैसले शामिल हैं। इसके अलावा नए विश्वविद्यालयों की स्थापना, अस्पतालों के लिए भूमि आवंटन और जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने को भी मंज़ूरी दी गई।
यूपी कैबिनेट ने 27 प्रस्तावों पर लगाई मुहर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में जनकल्याण, कृषि, पशुपालन, खेल, स्वास्थ्य, शिक्षा और निवेश से जुड़े कई अहम फ़ैसलों पर मुहर लगी। बैठक में कुल 28 प्रस्ताव पेश किए गए, जिनमें से 27 को कैबिनेट ने मंज़ूरी दे दी, जबकि मदरसा शिक्षकों को ग्रेच्युटी देने से संबंधित एक प्रस्ताव को फिलहाल स्थगित कर दिया गया। कैबिनेट के फ़ैसलों में होमगार्ड्स के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा, अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों की सीधी भर्ती, मुख्यमंत्री जोखिम पशुधन बीमा प्रबंधन योजना और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन जैसी कई महत्वपूर्ण पहलें शामिल रहीं।
बैठक में शाहजहाँपुर के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने के प्रस्ताव को भी मंज़ूरी मिली। इसके अलावा डेटा सेंटर नीति को दोबारा लागू करने, नए विश्वविद्यालयों की स्थापना, मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों के लिए भूमि आवंटन, लोक सेवा आयोग के अध्यक्षों और सदस्यों की पेंशन बढ़ाने तथा होमगार्ड्स की वर्दी से जुड़े भत्तों में संशोधन जैसे कई निर्णय लिए गए। सरकार का कहना है कि इन फ़ैसलों का उद्देश्य प्रदेश में निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, खेल और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना है।
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन की स्थापना के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी। सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत गठित होने वाले इस मिशन के माध्यम से प्रदेश में स्टार्टअप, इन्क्यूबेशन और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा। समाप्त हो चुकी डेटा सेंटर नीति को भी दोबारा लागू करने का निर्णय लिया गया है। मिशन डायरेक्टरेट बॉडी की अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे और इसके लिए एक एंपावर्ड कमेटी बनाई जाएगी। स्टार्टअप नीति के तहत प्रोटोटाइप के लिए 10 लाख रुपये तथा सीड कैपिटल के रूप में 15 से 50 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी। इन्क्यूबेटर संचालन के लिए प्रतिवर्ष 40 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। साथ ही स्टार्टअप फंड के लिए 1,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, जिसमें 400 करोड़ रुपये डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) की ओर से उपलब्ध कराए जाएंगे।
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री जोखिम पशुधन बीमा प्रबंधन योजना को भी मंज़ूरी दी। योजना के तहत पशुओं का बीमा कराया जाएगा, जिसमें प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा सरकार वहन करेगी। इसमें 51 प्रतिशत केंद्र और 34 प्रतिशत राज्य सरकार का योगदान होगा, जबकि 15 प्रतिशत प्रीमियम पशुपालक को देना होगा। बीमारी, दुर्घटना या दैवीय आपदा से पशु की मृत्यु होने पर बीमा राशि दी जाएगी। मुर्रा भैंस का बीमा मूल्य 75 हजार रुपये, विदेशी, हरियाणवी, साहीवाल और गिरी नस्ल की गाय का 50 से 65 हजार रुपये, बैल का 40 हजार रुपये, घोड़े का 60 हजार रुपये, खच्चर और गधे का 20 हजार रुपये तथा भेड़ और बकरी का 6,500 रुपये निर्धारित किया गया है। यह योजना छुट्टा पशुओं पर लागू नहीं होगी।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के तहत वाराणसी में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए 13 एकड़ भूमि आवंटित करने का प्रस्ताव भी मंज़ूर किया गया। मेडिकल कॉलेज की 50 प्रतिशत सीटें श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी। इसके अलावा गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड के अस्पतालों के निर्माण के लिए पाँच-पाँच एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
कैबिनेट ने ओलंपिक, महिला ओलंपिक, एशियाई खेलों और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की सीधी भर्ती के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी। इन खिलाड़ियों की नियुक्ति उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की सामान्य चयन प्रक्रिया से अलग की जाएगी। इसके तहत क्रीड़ा अधिकारी के 9, जिला युवा कल्याण अधिकारी के 9 और उप क्रीड़ा अधिकारी के 23 पदों पर भर्ती होगी। यह व्यवस्था कांस्य और रजत पदक विजेताओं पर भी लागू होगी।
शाहजहाँपुर ज़िले के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने के प्रस्ताव को भी मंज़ूरी मिल गई। सरकार के अनुसार, यह स्थान भगवान परशुराम की जन्मस्थली माना जाता है। भारत सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिलने के बाद राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति दे दी।
बैठक में कानपुर के बिल्हौर में महर्षि योगी इंटरनेशनल कृषि विश्वविद्यालय, फतेहपुर में एंग्लो संस्कृत कॉलेज द्वारा विश्वविद्यालय की स्थापना और गाज़ियाबाद में अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय की स्थापना को भी मंज़ूरी दी गई। इसके अलावा सीएसए कानपुर और रायबरेली में उद्यान विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 20 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराने तथा 50 करोड़ रुपये की सहायता देने का निर्णय भी लिया गया।
कैबिनेट ने लोक सेवा आयोग के अध्यक्षों और सदस्यों की पेंशन बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंज़ूरी दी। साथ ही होमगार्ड्स की वर्दी की धुलाई और सिलाई भत्ते के भुगतान की अवधि सात वर्ष से घटाकर पाँच वर्ष कर दी गई है। सरकार के अनुसार, इस बदलाव से लगभग 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा, लेकिन होमगार्ड्स को मिलने वाले लाभ में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि होगी।
बैठक में शाहजहाँपुर के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने के प्रस्ताव को भी मंज़ूरी मिली। इसके अलावा डेटा सेंटर नीति को दोबारा लागू करने, नए विश्वविद्यालयों की स्थापना, मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों के लिए भूमि आवंटन, लोक सेवा आयोग के अध्यक्षों और सदस्यों की पेंशन बढ़ाने तथा होमगार्ड्स की वर्दी से जुड़े भत्तों में संशोधन जैसे कई निर्णय लिए गए। सरकार का कहना है कि इन फ़ैसलों का उद्देश्य प्रदेश में निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, खेल और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना है।
स्टार्टअप, पशुधन बीमा और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा, डेटा सेंटर नीति फिर लागू
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री जोखिम पशुधन बीमा प्रबंधन योजना को भी मंज़ूरी दी। योजना के तहत पशुओं का बीमा कराया जाएगा, जिसमें प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा सरकार वहन करेगी। इसमें 51 प्रतिशत केंद्र और 34 प्रतिशत राज्य सरकार का योगदान होगा, जबकि 15 प्रतिशत प्रीमियम पशुपालक को देना होगा। बीमारी, दुर्घटना या दैवीय आपदा से पशु की मृत्यु होने पर बीमा राशि दी जाएगी। मुर्रा भैंस का बीमा मूल्य 75 हजार रुपये, विदेशी, हरियाणवी, साहीवाल और गिरी नस्ल की गाय का 50 से 65 हजार रुपये, बैल का 40 हजार रुपये, घोड़े का 60 हजार रुपये, खच्चर और गधे का 20 हजार रुपये तथा भेड़ और बकरी का 6,500 रुपये निर्धारित किया गया है। यह योजना छुट्टा पशुओं पर लागू नहीं होगी।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के तहत वाराणसी में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए 13 एकड़ भूमि आवंटित करने का प्रस्ताव भी मंज़ूर किया गया। मेडिकल कॉलेज की 50 प्रतिशत सीटें श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी। इसके अलावा गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड के अस्पतालों के निर्माण के लिए पाँच-पाँच एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
खिलाड़ियों की सीधी भर्ती, जलालाबाद का बदला नाम और नए विश्वविद्यालयों को मंज़ूरी
शाहजहाँपुर ज़िले के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने के प्रस्ताव को भी मंज़ूरी मिल गई। सरकार के अनुसार, यह स्थान भगवान परशुराम की जन्मस्थली माना जाता है। भारत सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिलने के बाद राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति दे दी।
बैठक में कानपुर के बिल्हौर में महर्षि योगी इंटरनेशनल कृषि विश्वविद्यालय, फतेहपुर में एंग्लो संस्कृत कॉलेज द्वारा विश्वविद्यालय की स्थापना और गाज़ियाबाद में अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय की स्थापना को भी मंज़ूरी दी गई। इसके अलावा सीएसए कानपुर और रायबरेली में उद्यान विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 20 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराने तथा 50 करोड़ रुपये की सहायता देने का निर्णय भी लिया गया।
कैबिनेट ने लोक सेवा आयोग के अध्यक्षों और सदस्यों की पेंशन बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंज़ूरी दी। साथ ही होमगार्ड्स की वर्दी की धुलाई और सिलाई भत्ते के भुगतान की अवधि सात वर्ष से घटाकर पाँच वर्ष कर दी गई है। सरकार के अनुसार, इस बदलाव से लगभग 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा, लेकिन होमगार्ड्स को मिलने वाले लाभ में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि होगी।