अगले 72 घंटे यूपी पर भारी! हीटवेव को लेकर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, अस्पतालों और बिजली विभाग को किया अलर्ट
Gaon Connection | May 18, 2026, 10:15 IST
उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी और लू चलने की आशंका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यूपी में हीटवेव का खतरा बढ़ा
उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी और लू चलने की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि गर्मी के दौरान बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 19 से 21 मई के बीच प्रदेश के कई जिलों में गंभीर हीटवेव की स्थिति बन सकती है। इस दौरान तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने का अनुमान है।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग और राहत एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क रहने को कहा है। संवेदनशील जिलों में विशेष निगरानी रखने और हालात पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी अस्पतालों को हीट स्ट्रोक के मरीजों के इलाज के लिए पहले से तैयारी पूरी रखने को कहा गया है। अस्पतालों में जरूरी दवाइयों, पर्याप्त बेड और डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।
सरकार ने एम्बुलेंस सेवाओं को भी पूरी तरह सक्रिय रखने को कहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत सहायता मिल सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक स्थानों पर पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था की जाए और प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोगों से अपील की है कि तेज धूप और लू के दौरान बेवजह घर से बाहर निकलने से बचें। उन्होंने खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। सरकार ने लोगों से अधिक पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और दोपहर के समय धूप से बचने की अपील की है।
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के कई हिस्सों में अगले तीन दिन तक तापमान लगातार बढ़ सकता है। प्रयागराज, आगरा, झांसी, कानपुर और आसपास के इलाकों में गर्म हवाओं का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव की सभी तैयारियां पहले से पूरी रखी जाएं।