यूपी सरकार ने पेश किया ₹59,019 करोड़ का अनुपूरक बजट; जानें ग्रामीण विकास, ऊर्जा और स्वास्थ्य समेत किस विभाग को मिली कितनी राशि

Umang | Aug 04, 2026, 17:03 IST
Share

उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु ₹59,019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। यह बजट विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं को नई गति प्रदान करेगा। इसमें उद्योग, ग्रामीण विकास और ऊर्जा क्षेत्रों को सर्वाधिक प्राथमिकता दी गई है। स्वास्थ्य, समाज कल्याण और महिला सशक्तीकरण पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। अनुपूरक बजट के बाद राज्य का कुल बजट ₹9.71 लाख करोड़ के पार पहुंच गया है।

योगी सरकार का विकास पर बड़ा फोकस
योगी सरकार का विकास पर बड़ा फोकस
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹59,019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश कर विकास परियोजनाओं, आधारभूत संरचना और जनकल्याणकारी योजनाओं को नई गति देने का संकेत दिया है। मानसून सत्र के दूसरे दिन वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सदन में यह अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। सरकार ने इस बजट में उद्योग, ग्रामीण विकास, ऊर्जा, स्वास्थ्य, समाज कल्याण और महिला सशक्तीकरण जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया है। सरकार का कहना है कि पूंजीगत व्यय बढ़ाकर प्रदेश में सड़क, बिजली, उद्योग और ग्रामीण अधोसंरचना के विस्तार को गति दी जाएगी, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।

वित्त मंत्री ने बताया कि ₹59,019.54 करोड़ का यह अनुपूरक बजट राज्य के मूल बजट का 6.47 प्रतिशत है। इसमें ₹17,399.50 करोड़ राजस्व व्यय और ₹41,620.04 करोड़ पूंजीगत व्यय के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा नई योजनाओं और नई मांगों के लिए ₹7,854.25 करोड़ का अलग से प्रावधान किया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश का राजकोषीय घाटा पूरी तरह नियंत्रण में है और सरकार विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए भी प्रतिबद्ध है।

उद्योग, ग्रामीण विकास और ऊर्जा क्षेत्र को मिला सबसे बड़ा आवंटन

अनुपूरक बजट में सबसे अधिक प्राथमिकता औद्योगिक विकास और निवेश को दी गई है। भारी एवं मध्यम उद्योग विभाग के लिए ₹22,107.88 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा, नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी।

ग्रामीण विकास को भी बजट में प्रमुख स्थान दिया गया है। ग्राम विकास विभाग के लिए ₹17,942.73 करोड़ की व्यवस्था की गई है। इस राशि का उपयोग ग्रामीण अधोसंरचना, पंचायत विकास, ग्रामीण आजीविका, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और गांवों में विकास कार्यों को तेज करने में किया जाएगा।

ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए ऊर्जा विभाग को ₹7,422.27 करोड़ का अतिरिक्त आवंटन किया गया है। सरकार का लक्ष्य बिजली व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाना, ऊर्जा अवसंरचना का विस्तार करना तथा औद्योगिक और घरेलू उपभोक्ताओं को बेहतर एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है।

स्वास्थ्य, समाज कल्याण और महिला सशक्तीकरण पर भी सरकार का जोर

अनुपूरक बजट में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए ₹2,000.25 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस धनराशि का उपयोग अस्पतालों की सुविधाओं के विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में किया जाएगा।

सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और प्रभावी बनाने के लिए समाज कल्याण विभाग को ₹1,655 करोड़ आवंटित किए हैं। वहीं महिला कल्याण विभाग के लिए ₹1,094.40 करोड़ की व्यवस्था की गई है। इस राशि से महिलाओं के सशक्तीकरण, सुरक्षा और कल्याण से जुड़ी योजनाओं को और मजबूती मिलेगी।

लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के लिए भी ₹700.01 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस राशि का उपयोग सड़क निर्माण, पुलों और अन्य आधारभूत ढांचागत परियोजनाओं को गति देने में किया जाएगा।

नई योजनाओं के लिए ₹7,854.25 करोड़, वित्तीय अनुशासन पर सरकार का भरोसा

वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि अनुपूरक बजट में नई मांगों और नई विकास परियोजनाओं के लिए ₹7,854.25 करोड़ की व्यवस्था की गई है। इससे सरकार नई जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के साथ-साथ पहले से संचालित परियोजनाओं को भी अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार पूंजीगत व्यय पर विशेष जोर दे रही है ताकि सड़क, ऊर्जा, उद्योग, चिकित्सा, ग्रामीण विकास और अन्य आधारभूत संरचनाओं का तेजी से विस्तार हो सके। उन्होंने सदन को भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश का राजकोषीय घाटा (फिसकल डेफिसिट) निर्धारित सीमा के भीतर है, जो सरकार के बेहतर वित्तीय प्रबंधन और अनुशासन का प्रमाण है।

अनुपूरक बजट के बाद राज्य का कुल बजट ₹9.71 लाख करोड़ के पार

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश सरकार का मूल बजट ₹9,12,696.35 करोड़ था, जिसमें ₹6,64,470.55 करोड़ राजस्व व्यय तथा ₹2,48,225.80 करोड़ पूंजीगत व्यय निर्धारित किया गया था।

अब ₹59,019.54 करोड़ के अनुपूरक बजट को शामिल किए जाने के बाद राज्य का कुल बजट बढ़कर ₹9,71,715.89 करोड़ हो जाएगा। इसके बाद राजस्व व्यय बढ़कर ₹6,81,870.05 करोड़ तथा पूंजीगत व्यय ₹2,89,845.84 करोड़ हो जाएगा। सरकार का कहना है कि अतिरिक्त संसाधनों का बड़ा हिस्सा विकास परियोजनाओं, आधारभूत संरचना और जनकल्याणकारी योजनाओं के विस्तार के लिए पूंजीगत निवेश पर खर्च किया जाएगा।

सेक्टरवार बजट आवंटन में आर्थिक सेवाओं को सबसे बड़ा हिस्सा

वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में विभिन्न क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए धनराशि का आवंटन किया गया है। कुल ₹59,019.14 करोड़ की अनुपूरक मांग में सबसे अधिक ₹45,568.63 करोड़ यानी लगभग 77 प्रतिशत राशि आर्थिक सेवाओं के लिए प्रस्तावित की गई है। इससे स्पष्ट है कि सरकार का सबसे बड़ा फोकस आधारभूत संरचना, उद्योग, ऊर्जा, कृषि और विकास कार्यों पर है।

इसके अलावा सामाजिक सेवाओं के लिए ₹9,707.74 करोड़ (लगभग 16 प्रतिशत), सामान्य सेवाओं के लिए ₹633.19 करोड़ (लगभग 1 प्रतिशत) तथा कर्ज एवं उधार संबंधी दायित्वों के लिए ₹3,110.02 करोड़ (लगभग 6 प्रतिशत) की व्यवस्था की गई है। सरकार का मानना है कि यह बजट विकास, निवेश और जनकल्याण के बीच संतुलन बनाते हुए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
Tags:
  • Uttar Pradesh Supplementary Budget
  • UP Budget 2026-27
  • Yogi Adityanath Government
  • Suresh Kumar Khanna
  • Supplementary Budget
  • Uttar Pradesh Assembly
  • Capital Expenditure
  • Rural Development
  • Industrial Development
  • Fiscal Deficit