UP Weather Update: गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट, किसानों-पशुपालकों के लिए सावधानी जरूरी
Gaon Connection | Apr 30, 2026, 17:51 IST
लखनऊ मौसम केंद्र ने चेतावनी दी है कि 4 मई 2026 तक उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में मौसम में भारी बदलाव होने वाला है। मेघ गर्जन, आकाशीय बिजली, और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। खासकर पूर्वी और मध्य यूपी में यह प्रभाव अधिक देखने को मिलेगा।
उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम अस्थिर
मौसम विभाग के लखनऊ केंद्र द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 30 अप्रैल से 4 मई 2026 के बीच मौसम का रुख बदला हुआ रहेगा। इस दौरान मेघ गर्जना, आकाशीय बिजली, तेज हवाओं (40 से 60 किमी/घंटा तक) और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। खासकर पूर्वी और मध्य यूपी के जिलों में इसका असर अधिक देखने को मिल सकता है। ऐसे में यह बदलता मौसम खेतीबाड़ी और पशुपालन पर सीधा प्रभाव डाल सकता है।
पूर्वानुमान के अनुसार, 30 अप्रैल को कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने और ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। 1 और 2 मई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है, जबकि पूर्वी हिस्सों में हल्की बारिश जारी रहने की संभावना है।
3 और 4 मई को फिर से मौसम सक्रिय होगा और कई जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
इस तरह का अस्थिर मौसम किसानों के लिए चुनौती बन सकता है।
मौसम में अचानक बदलाव का असर पशुओं पर भी पड़ता है।
मौसम का विस्तृत हाल
3 और 4 मई को फिर से मौसम सक्रिय होगा और कई जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
खेतीबाड़ी पर प्रभाव
- खड़ी फसलों को नुकसान: तेज हवाओं और बारिश से गेहूं की कटाई के बाद खेत में रखी फसल भीग सकती है या उड़ सकती है।
- दलहन और तिलहन फसलें: बारिश और नमी बढ़ने से फसलों में फफूंद और रोग लगने का खतरा बढ़ जाता है।
- सब्जी उत्पादकों के लिए जोखिम: टमाटर, मिर्च, बैंगन जैसी फसलों को तेज हवा और ओलावृष्टि से नुकसान हो सकता है।
- कटाई और भंडारण प्रभावित: जिन किसानों ने अभी तक फसल की कटाई या भंडारण नहीं किया है, उन्हें विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
पशुपालन पर प्रभाव
- हीट स्ट्रेस से राहत लेकिन खतरा भी: बारिश और हवा से गर्मी कम होगी, लेकिन अचानक ठंडक से पशु बीमार पड़ सकते हैं।
- खुले में बांधे पशु जोखिम में: आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के दौरान पशुओं को खुले में रखना खतरनाक हो सकता है।
- चारे की गुणवत्ता प्रभावित: बारिश से हरा चारा भीग सकता है, जिससे उसमें फफूंद लगने की संभावना बढ़ जाती है।
किसानों और पशुपालकों के लिए सलाह
- कटाई की गई फसल को सुरक्षित स्थान पर ढककर रखें।
- मौसम खराब होने की संभावना में खेतों में काम सीमित करें।
- पशुओं को खुले में न बांधें, उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखें।
- बिजली गिरने की स्थिति में पेड़ों या खुले स्थानों से दूर रहें।
- सब्जी और बागवानी फसलों को सहारा देकर सुरक्षित करें।