यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026: निवेशक से रणनीतिक साझेदार बनने की ओर बढ़े रिश्ते; जानें किन सेक्टर में खुलेगा रास्ता
Gaon Connection | Aug 19, 2026, 18:24 IST
उत्तर प्रदेश और जापान के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने की नई पहल की गई है। यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 में निवेश के अनुकूल माहौल पर जोर दिया गया। बेहतर कानून-व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर ने उत्तर प्रदेश को प्रमुख निवेश केंद्र बनाया है। ग्रीन हाइड्रोजन से हेल्थकेयर तक सहयोग की व्यापक संभावनाएँ पहचानी गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जापान यात्रा से संबंधों को नई गति मिली है।
यूपी में जापानी निवेश को मिलेगी नई रफ़्तार
उत्तर प्रदेश और जापान के बीच आर्थिक एवं औद्योगिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में नई पहल सामने आई है। नई दिल्ली के ताज पैलेस में आयोजित यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 में उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि भारत-जापान के रिश्ते साझा मूल्यों और समान प्राथमिकताओं के आधार पर लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया है।
सुरेश खन्ना के मुताबिक़, बेहतर कानून-व्यवस्था, विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, तेज़ कनेक्टिविटी, बड़ा उपभोक्ता बाज़ार, कुशल मानव संसाधन और निवेश अनुकूल नीतियों ने उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख निवेश केंद्रों में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि जापान अब उत्तर प्रदेश के लिए केवल एक निवेशक नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और रणनीतिक साझेदार के तौर पर आगे बढ़ रहा है। सम्मेलन में जापानी प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी को उन्होंने प्रदेश के प्रति जापानी उद्योग जगत के बढ़ते भरोसे का संकेत बताया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए सुरेश खन्ना ने जापान से आए प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। उन्होंने यामानाशी प्रांत के गवर्नर कोटारो नागासाकी समेत जापानी प्रतिनिधियों की भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच औद्योगिक और संस्थागत संबंध लगातार विस्तार ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत और जापान के रिश्ते साझा मूल्यों, समान दृष्टिकोण और परस्पर प्राथमिकताओं पर आधारित हैं। उत्तर प्रदेश में जापानी कंपनियों और प्रतिनिधियों की बढ़ती दिलचस्पी से यह संकेत मिलता है कि प्रदेश को लेकर कारोबारी भरोसा मजबूत हुआ है।
सुरेश खन्ना ने उत्तर प्रदेश की उन प्रमुख खूबियों को भी सामने रखा, जो राज्य को निवेश के लिए आकर्षक बनाती हैं। इनमें मज़बूत कानून-व्यवस्था, बेहतर कनेक्टिविटी, विशाल उपभोक्ता बाज़ार, कुशल मानव संसाधन और तेज़ी से विकसित होता आधारभूत ढाँचा शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि नीति आधारित सुशासन और निवेश को आसान बनाने वाली व्यवस्थाओं से कारोबारियों के लिए प्रक्रियाएँ सरल हुई हैं। ‘निवेश मित्र’ जैसी व्यवस्था के ज़रिए निवेश प्रस्तावों को ज़मीन पर उतारने की प्रक्रिया को गति देने का प्रयास किया जा रहा है।
यूपी-जापान सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए कई नए क्षेत्रों की पहचान की गई है। इनमें ग्रीन हाइड्रोजन, ऑटोमोबाइल, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और हेल्थकेयर प्रमुख हैं। सुरेश खन्ना ने कहा कि इन क्षेत्रों में भारत और जापान के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएँ हैं। उत्तर प्रदेश जापान को केवल पूँजी और निवेश के स्रोत के रूप में नहीं देखता, बल्कि सतत और दीर्घकालिक विकास में विश्वसनीय साझेदार के तौर पर आगे बढ़ाना चाहता है।
वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हालिया जापान यात्रा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से दोनों पक्षों के बीच औद्योगिक और संस्थागत संवाद को नई गति मिली है। उन्होंने विश्वास जताया कि यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 से दोनों पक्षों के आर्थिक, औद्योगिक और संस्थागत संबंधों को और मजबूती मिलेगी तथा उत्तर प्रदेश में जापानी निवेश और सहयोग की नई संभावनाएँ खुलेंगी।
सुरेश खन्ना के मुताबिक़, बेहतर कानून-व्यवस्था, विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, तेज़ कनेक्टिविटी, बड़ा उपभोक्ता बाज़ार, कुशल मानव संसाधन और निवेश अनुकूल नीतियों ने उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख निवेश केंद्रों में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि जापान अब उत्तर प्रदेश के लिए केवल एक निवेशक नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और रणनीतिक साझेदार के तौर पर आगे बढ़ रहा है। सम्मेलन में जापानी प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी को उन्होंने प्रदेश के प्रति जापानी उद्योग जगत के बढ़ते भरोसे का संकेत बताया।
जापानी उद्योग जगत का बढ़ा भरोसा
निवेश के लिए यूपी की ये ताक़तें
उन्होंने कहा कि नीति आधारित सुशासन और निवेश को आसान बनाने वाली व्यवस्थाओं से कारोबारियों के लिए प्रक्रियाएँ सरल हुई हैं। ‘निवेश मित्र’ जैसी व्यवस्था के ज़रिए निवेश प्रस्तावों को ज़मीन पर उतारने की प्रक्रिया को गति देने का प्रयास किया जा रहा है।