UP Kharif Season 2026: किसानों को 50% सब्सिडी पर मिलेंगे बीज, 15 मई से वितरण शुरू; खाद की भी नहीं होगी कमी
Gaon Connection | May 12, 2026, 09:54 IST
उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए राज्य सरकार 15 मई से 50 प्रतिशत सब्सिडी पर धान, दलहन, तिलहन और मोटे अनाज के बीज बांटेगी। इससे किसानों को बुवाई के समय बीज की परेशानी नहीं होगी।
15 मई से शुरू होगा धान बीज वितरण
खरीफ सीजन 2026 से पहले उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने इस बार किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने की तैयारी पूरी कर ली है। कृषि विभाग के मुताबिक 15 मई से प्रदेशभर में किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर बीज वितरण शुरू किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इस बार धान, दलहन, तिलहन और मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि किसानों को बुवाई के समय किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रदेश के कृषि मंत्री Surya Pratap Shahi ने कृषि भवन में विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान बताया कि खरीफ सीजन के लिए 15 मई से करीब 80 हजार क्विंटल धान बीज का वितरण शुरू किया जाएगा। इसकी आपूर्ति सभी जिलों में सुनिश्चित की जा रही है। सरकार चाहती है कि किसान समय पर धान की नर्सरी तैयार कर सकें और बुवाई में देरी न हो।
सरकार केवल धान ही नहीं बल्कि उड़द, मूंग, तिल और मोटे अनाजों के बीज भी किसानों को रियायती दरों पर उपलब्ध कराएगी। कुल मिलाकर 1,96,117 क्विंटल बीज किसानों को 50 फीसदी सब्सिडी पर दिए जाएंगे। इससे छोटे और सीमांत किसानों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि बीज की लागत खेती के कुल खर्च का बड़ा हिस्सा होती है।
इस साल राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत प्रदेश में 49,129 क्विंटल दलहन बीज वितरित किए जाएंगे। इसमें मूंग के लिए 3,946 क्विंटल, उड़द के लिए 23,958 क्विंटल और अरहर के लिए 21,225 क्विंटल का लक्ष्य तय किया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि किसान पारंपरिक फसलों के साथ दलहन उत्पादन बढ़ाएं ताकि देश की आयात निर्भरता कम हो सके।
कृषि विभाग इस बार मूंगफली उत्पादन बढ़ाने के लिए 57,446 क्विंटल बीज उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के तहत किसानों को हाइब्रिड मक्का बीज भी दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है क्योंकि इन फसलों की बाजार में अच्छी मांग रहती है।
सरकार केवल बीज वितरण तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि किसानों को नई तकनीक और बेहतर खेती के तरीकों की जानकारी भी दी जाएगी। 15 मई को कानपुर में पहली मंडलीय किसान गोष्ठी आयोजित होगी, जिसमें किसान और कृषि वैज्ञानिक हिस्सा लेंगे। इसके बाद 21 मई को Lucknow में राज्य स्तरीय गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।
सरकार ने साफ किया है कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है। फिलहाल उत्तर प्रदेश में 27.54 लाख मीट्रिक टन उर्वरक स्टॉक मौजूद है। इसमें 12 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 4.79 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 3.66 लाख मीट्रिक टन एसएसपी और 91 हजार मीट्रिक टन पोटाश शामिल है। किसानों से जरूरत के हिसाब से ही खाद खरीदने की अपील की गई है।
हाल ही में Bulandshahr में यूरिया की अवैध तस्करी का मामला सामने आने के बाद सरकार सख्त हो गई है। कृषि मंत्री ने चेतावनी दी है कि खाद की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर NSA जैसे कड़े कानून भी लगाए जा सकते हैं। सरकार की इस पहल से खरीफ सीजन से पहले किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। समय पर बीज और खाद मिलने से बुवाई बेहतर होगी और उत्पादन बढ़ने की संभावना भी मजबूत होगी।